रविवार, 17 नवंबर 2019

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के प्रश्न ने मचाया हड़कंप


मध्यप्रदेश विधानसभा शीतकालीन सत्र शुरु होने के पहले ही पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डा. सीताशरण शर्मा के एक सवाल ने अधिकारियों में हड़कंप मचा दिया है. पूर्व अध्यक्ष ने सरकार से यह जानना चाहा है कि सांसदों और विधायकों के कहने पर कितने अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले किए गए. उन्होंने इन तबादलों पर हुए खर्च की जानकारी भी मांगी है.
राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भाजपा ने सरकार को घेरने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है. 17 दिसंबर से शुरु होने जा रहे सत्र के लिए विधायकों द्वारा विधानसभा सचिवालय में सवाल लगाए जा रहे हैं. इन सवालों में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डा. सीताशरण शर्मा ने एक सवाल लगा दिया है, जिसका जवाब खोजने में अधिकारियों को पसीना आ रहा है. अधिकारियों में हड़कंप सा मच गया है. डा. शर्मा ने जानकारी मांगी है कि थोकबंद हुए तबादलों में सांसदों, विधायकों और राजनीतिक प्रतिनिधियों की सिफारिशों पर कितने आईएएस, आईपीएस अधिकारियों और अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के तबादले किए गए. इन तबादलों पर शासन का कितना खर्च हुआ है. 
डा. शर्मा के इस सवाल के जवाब ने अधिकारियों को उलझा दिया है. इस सवाल का जवाब जुटाने में अधिकारियों को आ रही परेशानी को देखते हुए विभाग प्रमुखों ने पहले तो सामान्य प्रशासन विभाग से आग्रह कर सचिवालय से इस प्रश्न को अग्राह्य करने को कहा था, मगर सचिवालय ने इसे अग्राह्य करने से मना कर दिया. अब सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को पत्र लिखकर इसकी जानकारी तुरंत  देने को कहा है.
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने मांगी यह जानकारी 
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डा. सीताशरण शर्मा ने अपने प्रश्न के जरिए जानकारी में पूछा है कि 15 दिसंबर 2018 से जून 2019 के बीच प्रदेश में कितने तबादले हुए. इनमें कितने भारतीय प्रशासनिक सेवा के, कितने राज्य प्रशासनिक सेवा और कितने इन दोनों से अलग अधिकारियों एवं कर्मचारियों के तबादले किए गए.  उन्होंने यह भी जानना चाहा है कि कितने तबादले तबादला बोर्ड की अनुशंसा पर किए गए. इसके अलावा उन्होंने पूछा है कि सांसदों, विधायकों और राजनीतिक  दल के प्रतिनिधियों की अनुशंसा पर कितने तबादले किए गए हैं. डा. शर्मा ने सभी की जानकारी नाम सहित मांगी है. उन्होंने श्रेणीवार प्रत्येक कर्मचारी को दी जाने वाली राशि का ब्यौरा भी मांगा है.

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