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| प्रज्ञा सिंह ठाकुर |
भोपाल की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर द्वारा संसद में नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताकर माफी मांग ली गई, लेकिन उनके इस बयान को लेकर गर्मायी सियासत थम नहीं रही है. कांग्रेस विधायक गोवर्धन दांगी ने तो उन्हें धमकी तक दे डाली है. दांगी ने कहा कि पुतला तो क्या वे (प्रज्ञा सिंह) आर्इं तो उन्हें भी जला देंगे. बाद में विधायक का वीडियो वायरल हुआ और विवाद बढ़ा तो उन्होंने इसे लेकर माफी मांग ली.
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| गोवर्धन दांगी |
दरअसल विधायक गोवर्धन दांगी के नेतृत्व में ब्यावरा में प्रज्ञा सिंह ठाकुर द्वारा गोडसे को देशभक्त बताए जाने के बयान के विरोध में पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया था. कांग्रेस द्वारा इस तरह का विरोध कार्यकर्ता पूरे प्रदेश में कर रहे हैं. ब्यावरा में पुतला दहन कार्यक्रम में मीडिया से चर्चा करते हुए विधायक दांगी इतने उग्र हो गए कि वे खुद विवादों में आ गए. विधायक गोवर्धन दांगी ने कहा कि 'महात्मा गांधी राष्ट्रपिता हैं. उनके हत्यारे को देशभक्त कहने वाली सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर का पुतला क्या वो खुद यहां आई तो उसे भी पुतले के साथ-साथ जला देंगे.
हालांकि जब विधायक का धमकी वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो उन्होंने इस मामले को लेकर माफी मांग ली. विधायक ने माफी मांगते हुए कहा कि मैंने यह बयान आवेश में आकर अचानक दे दिया था.मेरे बोलने में कुछ गलतियां हो गई थी, जिसे लेकर मैं माफी मांगता हूं. दांगी ने कहा कि मेरे कहने का यह आशय था कि राजगढ़ आने पर यहां के लोग उनका (प्रज्ञा सिंह) बहिष्कार करेंगे. उन्होंने कहा कि हम महात्मा गांधी के अनुयायी हैं और सत्य, अहिंसा के जो महान आदर्श उन्होंने कायम किए हैं, हम उन पर विश्वास करते हैं.
मंत्री ने कहा क्यों चुप हैं मोदी
प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने भी सांसद प्रज्ञा के बयान का विरोध किया. वे राजधानी में आई जय जगत 2020 पद यात्रा के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. इस कार्यक्रम में गांधीवादी विचारक राजगोपालाचार्य भी उपस्थित थे. कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री ने प्रज्ञा ठाकुर पर जमकर निशाना साधा और कहा कि उनके बयान से उन्हें बेहद दुख पहुंचा है साथ ही कहा कि महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर पीएम नरेंद्र मोदी ने लंबा-चौड़ा भाषण दिया था और अब उन्हीं की सांसद गांधी को मारनेवाले का महिमामंडन कर रही हैं. इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने चुप्पी क्यों साध रखी है. साथ ही उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के विचारों को कोई मार नहीं सकता. जब महात्मा के विचारों की बुराई करने वाले जनता के सामने जाते हैं तो उन्हीं के विचारों के साथ चलते हैं.
शिवराज ने कहा सत्ता के नशे में चूर होना ठीक नहीं
प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बयान के बाद मचे सियासी घमासान के बीच जब कांग्रेस विधायक गोवर्धन दांगी धमकी सामने आई तो पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उनकी इस धमकी का विरोध जताया. उन्होंने कहा कि वे जनप्रतिनिधि हैं, उन्हेंं ऐसी धमकी नहीं देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है, ऐसी मानसिकता के लोग सभ्य समाज में हमारे बीच रहे हैं. एक जनप्रतिनिधि होकर एक महिला के लिए ऐसी टिप्पणी करने वाले की जितनी भी निंदा की जाए, उतनी कम है. चौहान ने कहा कि सत्ता के नशे में इतना चूर होना ठीक नहीं है. वहीं कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने भी दांगी द्वारा दगी गई धमकी का विरोध किया. उन्होंने कहा कि विधायक को इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए था.


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