वायरल वीडियो में व्यापमं घोटाले पर पूर्व मंत्री के खुलासे पर मिश्रा का हमलाहनी ट्रेप मामले के एक और वीडियो के सामने आने के बाद मामला और गर्मा गया है. इस वीडियो में व्यापमं घोटाले को लेकर पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा द्वारा पूर्व मुख्यमंत्रियों और संघ के नेताओं के नामों का खुलासा किया गया है. इस खुलासे के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने सीबीआई पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री के इस खुलासे के बाद सीबीआई का चरित्र भी तार-तार हो गया है.
मध्यप्रदेश के हनीट्रेप मामले को लेकर फिर से राजनीतिक सरगर्मी तेज हुई है. सोमवार को एक वीडियो और आडियो वायरल हुआ. यह वीडियो राज्य के पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के साथ श्वेता स्वप्निल जैन का है. इस वायरल वीडियो में व्यापमं घोटाले को लेकर राज्य के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों और संघ के पदाधिकारी के नामों का खुलासा भी हुआ है. वीडियो में पूर्व मंत्री शर्मा द्वारा किए गए खुलासे के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.के. मिश्रा ने सीबीआई पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि वीडियो में हुए खुलासे के बाद इस मसले की जांच प्रक्रिया में देश की महत्वपूर्ण जांच एजेंसी सीबीआई का चरित्र भी तार-तार हो गया है, जिसने इन तीनों बड़े दोषी किरदारों पर आंच नही आने दी?
मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता के बतौर मैंने 21 जून, 2014 को व्यापमं महाघोटाला उजागर करते हुए प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में संपन्न अपनी पत्रकार वार्ता में दस्तावेजों के साथ उक्त नामों के साथ अन्य कई दोषी चरित्रों पर गंभीर आरोप लगाए थे, तब भी इन दागी चरित्रों को राजनैतिक दबावों के तहत तत्कालीन जांच एजेंसियों (सीबीआई, एसटीएफ, एसआईटी व स्थानीय पुलिस) ने इन्हें बक्श दिया, ऐसा क्यों?
उन्होंने कहा कि मुझे इसका खामियाजा भुगतना पड़ा, मेरे प्रामाणिक आरोपों से विचलित तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने रसूख के जरिए मुझे स्थानीय जिला अदालत से 2 साल की सजा कराई. सच्चाई व प्रामाणिक आरोपों के आधार पर मैं देश की सर्वोच्च अदालत से बरी हुआ. फैसला देने वाले जज भी 17 नवंबर को सेवानिवृत हुए मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ही थे, सच विजयी हुआ.
मैं जहर का घूंट पी गया...
कांग्रेस नेता मिश्रा ने कहा कि अब उस सच्चाई को उजागर करते हुए लक्ष्मीकांत शर्मा ने भी इन्हीं नामों का जिक्र किया है. मिश्रा ने कहा कि पूर्व मंत्री शर्मा ने तो यहां तक कह डाला कि मैं जहर का घूंट पी गया. अब यह स्पष्ट होना चाहिए कि लक्ष्मीकांत शर्मा को जहर का घूंट क्यों, किसलिए पीना पड़ा, वे किन्हें, क्यों बचाना चाहते थे, इसके पीछे उनकी क्या मजबूरी थी, क्या उन्हें जेल में अपनी हत्या होने का भय था या कुछ और? मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत अब तक व्यापमं घोटाले को लेकर क्यों मौन हैं, वे चुप्पी क्यों नहीं तोड़ रहे हैं. मिश्रा ने कहा कि आज तक इस बड़े घोटाले पर इन नेताओं का मौन रहना क्या संघ-भाजपा की नैतिकता है ?
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