रविवार, 3 नवंबर 2019

भाजपा का किसान आंदोलन, कांग्रेस का केन्द्र के खिलाफ प्रदर्शन आज

 भाजपा ने वरिष्ठ नेताओं को सौंपी कमान, कांग्रेस सौंपेगी कलेक्टर को ज्ञापन

भाजपा द्वारा किसानों की समस्याओं को लेकर कल सोमवार 4 नवंबर को प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जा रहा है. इस आंदोलन की कमान सभी वरिष्ठ नेताओं को जिलेवार सौंपी गई है. वहीं कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव जाकर किसानों को यह बताया कि किस तरह से कांग्रेस ने सरकार बनाने के बाद किसानों से वादाखिलाफी की है. वहीं कांग्रेस ने केन्द्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है. कांग्रेस भी कल जिला मुख्यालयों पर केन्द्र द्वारा अतिवृष्टि और बाढ़ के लिए सहायता न दिए जाने का विरोध कर प्रदर्शन करेगी.
मध्यप्रदेश भाजपा द्वारा 4 नवंबर को प्रस्तावित किसान आक्रोश आंदोलन को सफल और प्रभावी बनाने के लिए जोर-शोर से इसकी तैयारियां की गई हैं. पार्टी द्वारा प्रत्येक जिले में आंदोलन की कमान वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गई है, जिसकी सूची जारी कर दी गई है. इसके अलावा आंदोलन के प्रत्येक पहलू पर विचार कर समूची तैयारियों की समीक्षा भी की जा रही है. संगठन के स्तर पर की जाने वाली तैयारियों के अलावा पार्टी का सबसे अधिक जोर मैदानी तैयारियों पर है और इसके लिए पार्टी के कार्यकर्ता गांव-गांव संपर्क कर रहे हैं.
भाजपा कार्यकर्ता आंदोलन को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में किसानों से मिले हैं और किसानों को बताया है कि किस तरह कांग्रेस ने कर्जमाफी का वादा किया था और उस वादे का क्या हुआ. बिजली के बिल को हाफ से लंबे-चौड़े बिल आ रहे हैं. किसानों को बताया गया कि भाजपा की सरकार किसानों को किस फसल पर कितना बोनस देती थी, प्राकृतिक आपदाओं के समय भाजपा सरकार का रवैया कैसा रहता था, कितनी तत्परता और उदारता से भाजपा की सरकार किसानों की मदद के लिए आगे आती थी और अब कांग्रेस सरकार का किसानों के प्रति सोच और व्यवहार कैसा है. चूंकि इस आंदोलन के दौरान बिजली के बढ़े हुए बिलों की होली भी जलाई जाएगी, इसलिए कार्यकर्ता किसानों से आग्रह कर रहे हैं कि वे अपने साथ अपने गांव के बढ़ी हुई राशि वाले बिजली के बिल अवश्य साथ लेकर आएं.
कांग्रेस भी करेगी आज प्रदर्शन
किसानों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने भी केन्द्र सरकार और भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोला है. आज जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस नेताओं ने पत्रकार वार्ताएं लेकर अतिवृष्टि और आपदा को लेकर केन्द्र सरकार द्वारा सहायता राशि न पहुंचाने का विरोध जताया. राजधानी भोपाल में कांग्रेस नेता अभय दुबे ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश ने अतिवर्षा एवं बाढ़ से भीषणतम प्राकृतिक आपदा का सामना किया है. इस आपदा से समूचे प्रदेश के 52 में से 39 जिलों की 284 तहसीलें प्रभावित हुई हैं. आपदा से सर्वाधिक नुकसान प्रदेश के अन्नदाता किसानों का हुआ है. लगभग 60.47 लाख हेक्टेयर की 16270 करोड़ रुपए की फसलें बर्बाद हुई हैं. उन्होंने कहा कि केन्द्र ने अब तक मध्यप्रदेश को कोई सहायता उपलब्ध नहीं कराई. दुबे ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने प्राकृतिक आपदा के लिए भाजपा शासित कर्नाटक और बिहार को तुरंत राहत राशि प्रदान की, किंतु मध्यप्रदेश के साथ राजनैतिक द्वैष की भावना के साथ काम किया जा रहा है और प्रदेश भाजपा का नेतृत्व मध्यप्रदेश के नागरिकों के जख्मों पर मरहम लगाने की अपेक्षा नमक छिड़क रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा कल जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा.

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