मध्य प्रदेश के चर्चित हनी ट्रैप मामले में रोजाना बड़े खुलासे हो रहे हैं. अब ईडी (केन्द्रीय प्रवर्तन निदेशालय)ने भी इस मामले में दखल दे दी है. आरोपियों के विदेश यात्राओं के बारे में ईडी ने जानकारी मांगी है. आरोपियों के एनजीओ को दिए काम का ब्योरा मांगा गया है. ईडी को संदेह है कि केंद्र से मिलने वाली राशि का प्रदेश के नेताओं ने हनी ट्रैप के आरोपियों के साथ बंदरबाट की है.
प्रदेश के हनीट्रैप मामले में अब अब ईडी (केन्दीय प्रवर्तन निदेशालय) ने हनीट्रैप में शामिल महिलाओं की विदेश यात्राओं और केंद्र की योजनाओं की राशि दुरुपयोग करने के पूरी जानकारी मांगी है. साथ ही ईडी ने एफआईआर और पूरी जानकारी मांगी है. बताया जा रहा है कि मामले से जुड़े अहम सबूत केंद्र सरकार तक पहुंच चुके हैं. एसआईटी इस पूरे मामले की जांच कर रही है. अब ईडी ने भी मामले से जुड़ी पूरी जानकारी मांगी है. ईडी भारतीय मुद्रा का विदेश यात्राओं के दौरान दुरुपयोग और विदेशी मुद्रा रखने की मामलों की जांच करती है. अब ये जांच एसआईटी के पास रहेगी या फिर ईडी करेगी इस पर भी असमंजस है।
गौरतलब है कि हनी ट्रैप मामले में आरोपी हसीनाएं श्वेता विजय जैन और श्वेता स्वप्निल जैन अपना एनजीओ भी चला रहे थे. आईएएस अफसरों के संपर्क में आने के बाद इन्होंने करोड़ों रूपए के कई सरकारी ठेके भी हासिल किए हैं. यही नहीं निगम से भी इनके एनजीओ को करोड़ों रूपए का ठेका दिया गया है. हाल में ये बात सामने आने के बाद विभागीय मंत्री जयवर्धन सिंह ने इसकी जांच कराने के बाद दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है. इससे पहले भी हसिनाओं ने आईएएस अफसरों से नजदीकियों के चलते करोड़ों के सरकारी प्रोजेक्ट हथियाएं हैं. ईडी इन केसों को बारीकियों से जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी.
प्रदेश के हनीट्रैप मामले में अब अब ईडी (केन्दीय प्रवर्तन निदेशालय) ने हनीट्रैप में शामिल महिलाओं की विदेश यात्राओं और केंद्र की योजनाओं की राशि दुरुपयोग करने के पूरी जानकारी मांगी है. साथ ही ईडी ने एफआईआर और पूरी जानकारी मांगी है. बताया जा रहा है कि मामले से जुड़े अहम सबूत केंद्र सरकार तक पहुंच चुके हैं. एसआईटी इस पूरे मामले की जांच कर रही है. अब ईडी ने भी मामले से जुड़ी पूरी जानकारी मांगी है. ईडी भारतीय मुद्रा का विदेश यात्राओं के दौरान दुरुपयोग और विदेशी मुद्रा रखने की मामलों की जांच करती है. अब ये जांच एसआईटी के पास रहेगी या फिर ईडी करेगी इस पर भी असमंजस है।
गौरतलब है कि हनी ट्रैप मामले में आरोपी हसीनाएं श्वेता विजय जैन और श्वेता स्वप्निल जैन अपना एनजीओ भी चला रहे थे. आईएएस अफसरों के संपर्क में आने के बाद इन्होंने करोड़ों रूपए के कई सरकारी ठेके भी हासिल किए हैं. यही नहीं निगम से भी इनके एनजीओ को करोड़ों रूपए का ठेका दिया गया है. हाल में ये बात सामने आने के बाद विभागीय मंत्री जयवर्धन सिंह ने इसकी जांच कराने के बाद दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है. इससे पहले भी हसिनाओं ने आईएएस अफसरों से नजदीकियों के चलते करोड़ों के सरकारी प्रोजेक्ट हथियाएं हैं. ईडी इन केसों को बारीकियों से जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी.
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