शुक्रवार, 29 नवंबर 2019

दिग्विजय के भाई ने कमलनाथ सरकार के फैसले पर जताई आपत्ति



मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के छोटे भाई और कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह एक बार फिर सरकार के लिए मुसीबत खड़ी करते नजर आ रहे हैं. उन्होंने राज्य की कमलनाथ सरकार के आदिवासियों की भूमि का विक्रय बिना अनुमति के हो सकता है का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि इस कानून को बदलना होगा, आदिवासियों के हक में यह कानून इंदिराजी ने बनाया था.  
कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने अपने ट्विटर एकाउंट से ट्वीट कर आदिवासियों के लिए वर्तमान में लाई जा रही योजनाओं को लागू नहीं करने की बात कही है. उन्होंने साफ कर दिया है कि इंदिरा गांधी ने आदिवासियों के हक के लिए इस कानून को बनाया था और इस कानून को बदलने का प्रयास ना करें. गौरतलब है कि हाल ही में कमलनाथ सरकार ने कैबिनेट बैठक में आदिवासी विकासखंडों में लोगों को बेहतर चिकित्सा और डॉक्टरों की सुविधा मिल सके, इसके लिए कई अहम निर्णय लिया गया था. इस निर्णय से इसका लाभ आदिवासी बहुल 20 जिलों के लोगों को मिलेगा. वहीं कैबिनेट के दौरान भू राजस्व संहिता में संशोधन किया गया था.
वहीं आदिवासी अधिसूचित क्षेत्र में गैर आदिवासी व्यक्ति कलेक्टर की मंजूरी के बिना गैर आदिवासी से जमीन खरीद-बेच सकता है. जमीन का लैंड यूज भी तुरंत बदल सकेगा. जुर्माने के प्रावधान को भी सरकार ने हटा दिया है. लक्ष्मण सिंह ने भी इस नए लैंड डायवर्शन को लेकर कैबिनेट के द्वारा लिए गए निर्णय पर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस विधायक  ने एक अन्य ट्वीट करते हुए कहा है कि भोपाल में नवीन विधायक विश्राम गृह बनाने के लिए सैकड़ों पेड़ काटे जा रहे हैं, इसका वे वह स्वयं विधायक होते भी विरोध करते हैं. 
बदला ट्वीटर पर स्टेटस
पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बाद लक्ष्मण सिंंह ने भी अपना ट्वीटर स्टेटस बदल लिया है. उनके बदले स्टेटस पर राजनीति गर्मा गई है. लक्ष्मण सिंह ने अब अपने ट्वीटर हैंडल पर खुद को विधायक, कृषक और गायक बताया है. 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें