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| कमलनाथ |
हनीट्रैप मामले में राज्य के खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल और खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के पीए का नाम सामने आया था. सीआईडी ने जो चार्जशीट दाखिल की थी, उसमें खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल अरुण निगम और खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के पीए हरीश खरे के नाम सामने आए थे. हनी ट्रैप मामले की आरोपी ने कहा था कि रात 10 बजे अरुण निगम अपने साथी हरीश खरे के साथ उसके फ्लैट पर आए थे. अरुण निगम ने अपना परिचय माइनिंग अधिकारी के रूप में दिया था. चार्जशीट के मुताबिक ड्रिंक के बाद अरुण निगम ने हनी ट्रैप की मुख्य आरोपी के साथ संबंध बनाए. इसी दौरान आरोपी ने उनका वीडियो बनाया गया, जिसके बाद वीडियो के जरिए आरोपियों ने अरुण निगम से कई काम निकलवाए. हनी ट्रैप में दो दिग्गज मंत्रियों के स्टाफ का नाम आने के बाद सरकार, मंत्रियों स्टाफ में पदस्थ अधिकारियों की कुंडली खंगालने में जुटी है. सरकार ऐसे स्टाफ को उनके मूल विभाग में भेजने की तैयारी कर रही है, जो भाजपा सरकार के दौरान भी मंत्रियों के बंगलों पर पदस्थ थे और जिन पर भ्रष्टाचार जैसे आरोप रहे हैं.
इस मामले के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सख्ती के साथ अपने मंत्रियों को निर्देशित किया है कि भाजपा शासनकाल में मंत्रियों के निज स्टाफ में ओएसडी और पीए रहे कर्मचारियों को मंत्री अपने निज स्टाफ में शामिल न करें. उन्हें तुरंट हटाया जाए. मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि हनीट्रैप मामले में ओएसडी के नाम आने से बदनामी होती है. मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को छवि सुधारने और कार्यकर्ताओं की बात सुनने की भी हिदायत दी. मुख्यमंत्री की इस हिदायत के साथ ही खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल अरुण निगम और खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के पीए हरीश खरे को हटाकर उनके मूल विभाग भेज दिया है.

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