मध्यप्रदेश सरकार ने सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाकर प्रदेश के युवाओं के साथ कुठाराघात किया है. सरकार के इस कदम के खिलाफ बेरोजगार सेना के प्रमुख अक्षय हुंका 20 अप्रैल से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठेंगे. बेरोजगार सेना के प्रमुख अक्षय हुंका ने आज पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि वे 20 अप्रैल से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठेंगे. उन्होंने बताया कि उनके अनशन का आशय है कि युवाओं को उनका अधिकार दिलाया जाए. इस आंदोलन को प्रदेश और देश के अनेकों संगठनों का समर्थन प्राप्त है. 21 अप्रैल को इस आंदोलन का समर्थन करने देश के प्रतिष्ठित राजनैतिक और सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव आ रहे हैं. इस अनशन में स्वरोजगार योजनाओं की नाकामी और सरकारी नौकरियों में हो रही धांधलियों को स्टाल के माध्यम से दिखाया जाएगा. साथ ही अनशन स्थल पर ही जनता से बेरोजगारी के मुद्दे पर वोट भी कराया जाएगा.
हुंका ने बताया कि बेरोजगार सेना लगातार इस युवा विरोधी निर्णय की खिलाफत करती आई है. हमने सड़क में प्रदर्शन से लेकर वित्त मंत्री से मिलकर तक इस निर्णय को रोकने का प्रयास किया पर सरकार शायद तय कर चुकी है कि युवाओं का रोजगार उनके लिए प्राथमिकता नहीं है.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री क्या आप अपना रुख स्पष्ट करेंगे कि आपने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के खिलाफ काम करते हुए कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु क्यों बढ़ाई है? क्या आपको प्रधानमंत्री के नेतृत्व और विजन पर यकीन नहीं है? हुंका ने घोषणा की है कि वे रोज मुख्यमंत्री से बेरोजगारी के मुद्दे पर एक प्रश्न पूछेंगे और उनके उत्तर का इंतजार करेंगे. साथ ही उन्होंने आह्वान किया कि प्रदेश में बेरोजगारी से परेशान सभी युवा एकजुट हों और 92854-00639 पर एक मिस्ड कॉल कर प्रदेश के युवाओं को उनका हक दिलाने की इस मुहिम से जुड़ें.उन्होंने बताया कि उनका अनशन यादगार ए शाहजहानी पार्क में 20 अप्रैल को दोपहर 2 बजे से शुरु होगा.
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