गुरुवार, 19 अप्रैल 2018

बाल विवाह अभिशाप : राज्यपाल


राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज सीहोर जिले के ग्राम झरखेड़ा में पाटीदार समाज द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में नव-दम्पत्तियों को आशीर्वाद दिया. समारोह में 49 युवक-युवतियों के विवाह सम्पन्न हुए. 
राज्यपाल  पटेल ने इस मौके पर कहा कि सामूहिक विवाह के आयोजन समय की सबसे बड़ी जरूरत है. समाज के हर वर्ग में सामूहिक विवाह की स्वीकार्यता बढ़ी है. जातिगत भेदभाव मिटाने के लिए इस प्रकार के आयोजन सभी वर्गों के लिये अनुकरणीय हैं. उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह के आयोजनों से समाज में नई जागृति आई है, सामाजिक समरसता की भावना बलवती हुई है. अमीर-गरीब सभी अपने पुत्र-पुत्रियों का विवाह एक स्थान पर एकत्रित होकर करते हैं, जिससे धन का अनावश्यक व्यय नहीं होता. इस बचे हुए से धन नव-दम्?पत्ति अपने भविष्य को संवार सकते हैं . बाल विवाह को कुप्रथा बताते हुए राज्यपाल पटेल ने कहा कि बाल विवाह अभिशाप हैं. ऐसे विवाह को रोकने के लिये समाज में जागरूकता पैदा करना जरूरी हो गया है. उन्होंने कहा कि समाज के सामने वर-वधु की उम्र की सही जानकारी होने पर बाल विवाह रोके जा सकते हैं. 

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