सोमवार, 23 अप्रैल 2018

21 हजार से ज्यादा पंचायत सचिवों को मिलेगा पुनरीक्षित वेतनमान

 छिंदवाड़ा सहित एक दर्जन जिलों में होगी नये औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना
राज्य सरकार ने प्रदेश की 21 हजार 151 ग्राम पंचायत सचिवों को पुनरीक्षित वेतनमान देने का फैसला लिया है. सरकार के फैसले के अनुसार 1 जनवरी 2018 के बाद नियुक्त पंचायत सचिवों को दो वर्ष तक 10 हजार रुपए प्रतिमाह निश्चित मानदेय दिया जाएगा.
सरकार ने यह फैसला आज मंत्रिमंडल की बैठक में लिया. बैठक के बाद फैसलों की जानकारी देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता डा. नरोत्तम मिश्रा ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि आज बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत प्रदेश के 21 हजार 151 ग्राम पंचायत सचिवों को पुनरीक्षित वेतनमान मंजूर करने के संबंध में निर्णय लिया गया. निर्णय के अनुसार 1 जनवरी 2018 के बाद नियुक्त पंचायत सचिवों को दो वर्ष तक 10 हजार रुपए प्रतिमाह निश्चित मानदेय दे दिया जाएगा. दो वर्ष संतोषजनक सेवा पूर्ण करने पर 5 हजार 200, 20 हजार 200 ग्रेड पे 1900 का नियमित वेतनमान दिया जाएगा. निर्णय के अनुसार 1 अप्रैल 2018 को 10 वर्ष नियमित सेवा पूर्ण कर चुके ग्राम पंचायत सचिवों को 5 हजार 200, 20 हजार 200 ग्रेड पे 2400 का वेतनमान स्वीकृत किया जाएगा. इसी विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य तिलहन संघ के 97 सेवायुक्तों (प्रतिनियुक्ति) को पांचवा एवं छठवां वेतनमान का लाभ प्रतिनियुक्ति अवधि के लिए मंजूर करने का निर्णय लिया गया.
सरकार के प्रवक्ता डा. मिश्रा ने बताया कि बैठक में जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थाओं के माध्यम से संभाग स्तर पर कोचिंग की आकांक्षा योजना के अंतर्गत प्रदेश में अनुसूचित जनजाति वर्ग के 1600 विद्यार्थियों को कक्षा 11वीं एवं 12वीं में अध्ययनरत रहते हुए राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी.
डा. मिश्रा ने बताया कि बैठक में उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अंतर्गत ही मध्यप्रदेश औद्योगिक केन्द्र विकास निगम लिमिटेड इंदौर के क्षेत्रांतर्गत औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर, पीथमपुर-धार-महू इनवेस्टमेंट रीजन में जल आपूर्ति के लिए 90 एमएलडी जल प्रदाय योजना के क्रियान्वयन से संबंधित समस्त आनुषांगिक कार्यवाहियों के सम्पादन के लिए प्रबंध संचालक, पीथमपुर जल प्रबंधन कंपनी लिमिटेड को अधिकृत किए जाने का निर्णय लिया गया. पुनरीक्षित वित्तीय व्यवस्था को मंजूरी प्रदान की.
नये औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना
उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के ही एक अन्य एजेण्डा में 14 परियोजनाओं के लिए 530.59 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई. इनमें धार, बुरहानपुर, इंदौर, भोपाल, छिंदवाडा, रीवा, सिंगरौली, झाबुआ, भिण्ड, टीकमगढ़, और सतना जिलों में नवीन औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के साथ ही विद्यमान औद्योगिक क्षेत्रों का उन्नयन किया जाएगा. आठ नये औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए परियोजना लागत का 40 प्रतिशत शासन से अनुदान 50 प्रतिशत शासन गारंटी के तहत ऋण और 10 प्रतिशत क्रियान्वयन संस्था का अंश होगा. इसी तरह 6 विद्यमान औद्योगिक क्षेत्रों के उन्नयन के लिए राज्य सरकार 75 प्रतिशत अनुदान प्रदान करेगी. शेष 25 प्रतिशत राशि क्रियान्वयन संस्था को वहन करना होगा.
मंत्रिमंडल के अन्य फैसले
* न्यू डेव्हलपमेंट बैंक की सहायता से मध्यप्रदेश में मुख्य जिला मार्गों से उन्नयन की परियोजना-2 के अंतर्गत 2143 किलोमीटर लंबाई  के 87 मार्गों के निर्माण और उन्नयन के लिए मंजूरी प्रदान की गई.
* लोक निर्माण विभाग के ही अंतर्गत एशियन डेव्हलपमेंट बैंक (एडीबी) की सहायता से राज्य के राजमार्गों के उन्नयन के लिए तृतीय और चतुर्थ चरण के ऋण प्रस्ताव में कार्य होंगे. इसके लिए आज मंत्रि परिषद द्वारा आवश्यक स्वीकृतियां प्रदान की गई.
* किसान कल्याण के अंतर्गत कृषि महोत्सव के क्रियांवयन की वर्ष 2017-18 वर्ष 2018-19 और 2019-20 तक के लिए 22 करोड़ रुपए के बजट प्रावधान के साथ कार्य योजना स्वीकृत की गई.
* स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत विद्यालय भवन निर्माण योजना के लिए कैबिनेट ने आज वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक लगभग 16 करोड़ रुपए की राशि के लिए मंजूरी प्रदान की गई.
* लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत तीन वर्ष के लिए आवश्यक पेयजल प्रबंध के लिए योजनाओं, कार्यक्रमों को निरंतर रखे जाने की स्वीकृति दी गई. राज्य में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी के पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट ने यह निर्णय लिया है. 
* उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश शैक्षणिक सेवा (महाविद्यालयीन शाखा) भर्ती नियम 1990 के अंतर्गत प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से सहायक प्रध्यापक, ग्रंथपाल, क्रीड़ा अधिकारी और डॉ. बी.आर.आम्बेडर सामाजिक ज्ञान विश्वविद्यालय महू में सहायक प्राध्यापकों के 63 शैक्षणिक पदों के संबंध में कैबिनेट ने निर्णय लिया है.
* मुख्यमंत्री मेधावी योजना के अंतर्गत क्रियांवयन के लिए 42 करोड़ 43 लाख रुपए की मंजूरी प्रदान की. इसके साथ ही कुछ संशोधन भी स्वीकृत किए गए.
* सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के अंतर्गत प्रदेश में इन्क्यूबेशन तथा स्टार्टअप विकास के लिए मध्यप्रदेश इन्क्यूबेशन एवं स्टार्टअप पॉलिसी 2016 तथा मध्यप्रदेश भंडार क्रय एवं उपार्जन नियम 2015 का संशोधन का निर्णय भी लिया गया.
* पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत महिला स्व:सहायता समूहों को तीन लाख रुपए तक की स्वयं की आर्थिक एवं आय वृद्धि की गतिविधि के लिए तीन प्रतिशत टापअप तक अतिरिक्त ब्याज अनुदान देने की योजना का अनुमोदन किया गया. इसके लिए वर्तमान वित्त वर्ष के लिए कुल 21 करोड़ रुपए की राशि बतौर बजट मंजूर की गई. इसी विभाग के अन्य एजेण्डा में स्व:सहायता समूह संवर्धन नीति 2007 में संशोधन को मंजूरी दी गई.

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