पुलिस प्रशिक्षण अकादमी के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में पुलिस बल की संख्या में लगातार वृद्धि की जा रही है. इस वर्ष भी पुलिस बल में आठ हजार नए आरक्षक शामिल होंगे. मुख्यमंत्री चौहान आज यहां पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में आयोजित दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने इस अवसर पर दीक्षांत परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल में आज से शामिल हो रहे अधिकारी अपनी संपूर्ण क्षमता से कानून-व्यवस्था की स्थिति को और अधिक बेहतर बनाएं. उन्होंने कहा कि पुलिस की नौकरी देश-भक्ति और जनसेवा का संकल्प है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब मिलकर मध्यप्रदेश को देश-दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाएंगे. मध्यप्रदेश पुलिस के गौरवशाली इतिहास और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए चौहान ने नव-नियुक्त अधिकारियों से कहा कि पूरी प्रमाणिकता से जनता की सेवा करें. जनता के मन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करें. सज्जनों के साथ फूल से ज्यादा कोमल और दुष्टों के साथ वज्र से ज्यादा कठोर व्यवहार करें. प्रदेश को शांति का टापू बनाये रखने में अहम भूमिका निभाएं. मुख्यमंत्री ने समारोह में प्रशिक्षण के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों को पुरस्कृत किया और परेड की स्मारिका का विमोचन किया.
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के निदेशक सुशोभन बैनर्जी ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया. उन्होंने बताया कि अकादमी में 832 पुलिस अधिकारियों को एक वर्ष का गहन प्रशिक्षण दिया गया है. प्रदेश की पुलिस अकादमी का चयन राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद द्वारा क्षेत्रीय उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में किया गया है. कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और प्रशिक्षुओं के परिजन उपस्थित थे.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में पुलिस बल की संख्या में लगातार वृद्धि की जा रही है. इस वर्ष भी पुलिस बल में आठ हजार नए आरक्षक शामिल होंगे. मुख्यमंत्री चौहान आज यहां पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में आयोजित दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने इस अवसर पर दीक्षांत परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल में आज से शामिल हो रहे अधिकारी अपनी संपूर्ण क्षमता से कानून-व्यवस्था की स्थिति को और अधिक बेहतर बनाएं. उन्होंने कहा कि पुलिस की नौकरी देश-भक्ति और जनसेवा का संकल्प है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब मिलकर मध्यप्रदेश को देश-दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाएंगे. मध्यप्रदेश पुलिस के गौरवशाली इतिहास और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए चौहान ने नव-नियुक्त अधिकारियों से कहा कि पूरी प्रमाणिकता से जनता की सेवा करें. जनता के मन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करें. सज्जनों के साथ फूल से ज्यादा कोमल और दुष्टों के साथ वज्र से ज्यादा कठोर व्यवहार करें. प्रदेश को शांति का टापू बनाये रखने में अहम भूमिका निभाएं. मुख्यमंत्री ने समारोह में प्रशिक्षण के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों को पुरस्कृत किया और परेड की स्मारिका का विमोचन किया.
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के निदेशक सुशोभन बैनर्जी ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया. उन्होंने बताया कि अकादमी में 832 पुलिस अधिकारियों को एक वर्ष का गहन प्रशिक्षण दिया गया है. प्रदेश की पुलिस अकादमी का चयन राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद द्वारा क्षेत्रीय उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में किया गया है. कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और प्रशिक्षुओं के परिजन उपस्थित थे.

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