सोमवार, 2 अप्रैल 2018

मंत्री ने की घी, दूध और दुग्ध आपूर्ति टैंकरों की जांच की

पशुपालन मंत्री  अंतर सिंह आर्य ने आज भोपाल दुग्ध संघ का आकस्मिक निरीक्षण किया. आर्य ने दूध आपूर्ति से लेकर दुग्ध वाहन में लोडिंग तक सभी प्रक्रियाओं की बारीकी से जानकारी ली.  आर्य द्वारा पिछले दिनों पकड़े गये टैंकर के बारे में पूछताछ करने पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी  जितेन्द्र सिंह राजे ने बताया कि गुणवत्ता नियंत्रण प्रकोष्ठ के अधिकारियों ने जीपीएस में उस टैंकर का रुकना पाया था, जिसके कारण कार्यवाही कर उसे ब्लेक-लिस्टेड कर दिया गया है. मंत्री  आर्य ने दुग्ध वाहन के अंदर जाकर चेकिंग की. उन्होंने घी, पेड़ा, मठ्ठा प्लांट, लैब में दूध, घी आदि की टेस्टिंग, एग्मार्क लैब और मॉनीटरिंग-कक्ष भी देखा.
आर्य ने गर्मियों में उपभोक्ताओं को दूध की निर्बाध आपूर्ति के निर्देश दिये. मध्यप्रदेश स्टेट को-आॅपरेटिव डेयरी फेडरेशन की प्रबंध संचालक अरुणा गुप्ता ने बताया कि पिछले दो सालों में प्रदेश में दुग्ध संकलन केन्द्रों की बढ़ोत्तरी से इस वर्ष गर्मी में कमी की आशंका नहीं है. नये केन्द्रों से पिछले साल एक लाख लीटर दूध मिला था. इस वर्ष तीन लाख लीटर मिलने की उम्मीद है. मंत्री  आर्य को बताया गया कि एक अप्रैल से बुंदेलखण्ड दुग्ध संघ ने काम शुरू कर दिया है. महिला स्व-सहायता समूह इसमें सक्रिय योगदान दे रहे हैं. वहाँ उपभोक्ताओं को उत्तम किस्म का दूध और दूध के उत्पाद मिलने लगे है. सेंधवा में भी जल्दी ही नया प्लांट काम करना शुरू कर देगा. वहाँ पशु आहार प्लांट भी लगाया जा रहा है. इनसे स्थानीय स्तर पर दो-ढाई हजार लोगों को रोजगार मिल सकेगा.
सांची महाकाल मंदिर को रोज 3 टन घी की आपूर्ति 
 आर्य को बताया गया कि फेडरेशन द्वारा महाकाल मंदिर को रोज 3 हजार किलो घी की आपूर्ति की जाती है. फेडरेशन ने पिछले 6 माह में 2 हजार मीट्रिक टन घी का विक्रय किया है. मंत्री ने लैब में दूध और घी का परीक्षण करवाकर गुणवत्ता की जाँच की. उन्होंने मिल्क पावडर की भी जाँच की.आर्य को बताया गया कि जब दूध का संकलन आपूर्ति से अधिक हो जाता है, तो उसे पावडर के रूप में संरक्षित कर लिया जाता है.

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