रविवार, 1 अप्रैल 2018

पत्रकारों की सुरक्षा का कानून बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पत्रकारों की सुरक्षा के लिये कानून बनाने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. वे आज यहां मीडिया महोत्सव 2018 के अंतर्गत आयोजित ''भारत की सुरक्षा, मीडिया, विज्ञान एवं तकनीकी की भूमिका' विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित कर रहे थे.
 चौहान ने कहा कि व्यापक अर्थ में राष्ट्रीय सुरक्षा में महिलाओं, किसानों, श्रमिकों और गरीबों की सुरक्षा भी शामिल है. उन्होने कहा कि मीडिया की जिम्मेदारी बढ़ गई है.  चौहान ने कहा कि आतंकवादियों और बेटियों के सम्मान से खिलवाड़ करने वालों के मानव अधिकार नहीं होते. इनका महिमामंडन किसी भी हाल में नहीं होना चाहिये. उन्होंने कहा कि बेटियों की गरिमा को धूमिल करने वालों को फांसी देने का कानून बनाया गया है.  चौहान ने कहा कि झूठी खबरों से भी सावधान रहने की आवश्यकता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के सभी वर्गों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा की जरूरत होती है. इसलिये श्रमिकों को जमीन और घर देने तथा महिलाओं को सुरक्षा देने जैसे कदम उठाये गये हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में चुनावों की तैयारियां चलती रहती हैं और सरकारों को विकास पर फोकस करने के लिय कम समय मिल पाता है. इसीलिए लोक सभा और विधान सभा के चुनावों को एक साथ कराने पर चर्चा चल रही है. उन्होंने कहा कि मीडिया को भी इस विषय पर विचार करना चाहिए. मुख्यमंत्री ने इस मौके पर निखिल दवे की किताब ''अंतस यात्रा'' और  ओम प्रकाश की किताब 'सृजन समुच्चय' का लोकार्पण   किया. इस अवसर पर प्रतिष्ठित विचारक  के एन गोविंदाचार्य, वरिष्ठ पत्रकार गिरीश उपाध्याय, शिव अनुराग पटैरिया, कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी और बडी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे.

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