न्यूटन के नियमों को छोटे से छोटा बच्चा भी समझता है हालांकि उसे इस नियम को पाठ्यक्रमों में पढ़ाया जाता है। यदि किसी बच्चे को कहा जाए कि वो अपना सिर दीवार पर मारे तो वह नहीं मारेगा लेकिन वहीं बच्चा किसी नर्म बॉल को सिर से टक्कर मारने से नहीं हिचकिचाएगा। यह बात विज्ञान को नवाचारी पद्धति से पढ़ाने के प्रशिक्षण के दौरान मध्यप्रदेष के बडवानी में पांच दिवसीय कार्यशाला के पहले दिन चंडीगढ़ के वैज्ञानिक डॉ एम एस मारवाह ने प्रशिक्षु शिक्षकों को कही।
उन्होंने कहा कि विज्ञान को पढ़ाने और समझाने के तरीके न केवल आसान बल्कि रोचक भी होने चाहिए। कार्यशाला का आयोजन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग नईदिल्ली के अंतर्गत राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद के सहयोग से एस्ट्रोनॉमिका साइंस एक्टिविटी एंड एजुकेशन सोसायटी द्वारा किया जा रहा है। इस अवसर पर स्त्रोत विद्वान इंजी. भारतभूषण आर गाँधी ने प्रशिक्षार्थी शिक्षकों को बिना किसी विशेष यंत्र के एक आउटडोर एक्टिविटी समझाते हुए किसी भी पेड़ या कोई भी ऊंची चीज को नापने का आसान तरीका बताया। कार्यशाला संचालन दल में उदयसिंह तोमर एवं एमएस नरवरिया भी शामिल हैं। प्रशिक्षु शिक्षक उत्साह एवं जिज्ञासा के साथ विज्ञान के प्रयोगों के माध्यम से अध्यापन में नवाचार सीख रहे हैं। इस कार्यशाला के प्रारंभ अवसर पर डाइट प्राचार्य एम एल वास्कले, वरिष्ठ व्याख्याता डॉ साधना भंवर एवं एच एल देवड़ा भी उपस्थित थे।

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