प्रकृति ने हमें सब कुद दिया है उससे ज्ञान, विज्ञान, भूगोल, इतिहास, गणित, हिंदी, अंग्रेजी, आदि धरातल में जोड जोड कर ध्यप्रदेष के उमरिया जिले की प्राथमिक शाला पटपरा के बच्चों में पलाश के फूल एवं सेहराटोला के बच्चो ने कंकर पत्थर से रूचिपूर्ण तरीके से ज्ञान अर्जित करने का नया प्रयोग शुरू किया है। इसके स्रोत्र कलेक्टर माल सिंह, जिन्होंने गत दिवस प्राचार्यो एवं शिक्षको की बैठक में इस आशय के निर्देश दिए थे कि बच्चों को खिताबो से हटकर प्रकृति के उपहार के प्रति बच्चो के रूचि के अनुसार खेल खेल में शिक्षा के प्रति जोडे।
कलेक्टर के सुझाव एवं डीपीसी सुशील मिश्रा के सतत मानीटरिंग के साथ ही सेहराटोला के शिक्षक सुनील मिश्रा ने प्राथमिक कक्षा के छात्रो को जमीन पर बैठाकर एबीसीडी, ककरहा, गणित, हाथी तथा बिछु को उकेरवाकर उन्हे शिक्षा के प्रति जोडने की अभिनव पहल की है। शासन की मंशा भी है कि आओ खेले और पढे उसे मूर्त रूप दे रहे है प्राथमिक के स्कूली बच्चे।
शिक्षा के इन विधाओ से जो बच्चे पढाई से दूर भागते थे वे खेल खेल मे ही पढाई से जुड रहे है। इससे बच्चो मे प्रतिस्पर्द्धा और स्कूलो मे उपस्थिति भी चालू शिक्षा सत्र के साथ ही बढी है। बच्चो मे प्रतिभाए जब सामने आई उसकी जानकारी होने से पाल एवं अभिभावको के भी हौसले पढाई के प्रति बढे है। शिक्षक सुनील मिश्रा भी छात्रो के हुनर के प्रति आश्चर्य चिकित रह गए जिन्होने कंकर से हाथी, एवं बिछु एवं कहरहा, गणित के अंको को स्पष्ट रूप से उकेरा है। कक्षा मे अध्ययनरत 10 वर्षीय ज्योति सिंह ने चित्रो के माध्यम से अपनी पढाई के प्रति, इतनी प्रसन्न हो चुकी है कि उससे अन्य बच्चे भी प्रेरणा ले रहे है और बच्चो का झुकाव भी खेल खेल में पढाई के प्रति बढ गया है।
कलेक्टर माल सिंह ने समस्त प्राचार्यो एवं शिक्षको से कहा है कि इस तरह के नये प्रयोग को भी सभी विद्यालयों में किया जाकर बच्चों मे खेल की भावना के साथ पढाई की ओर जोडने का सिलसिला प्रारंभ किया जाकर बच्चों को सुनहरे भविष्य की ओर जोड़ने का प्रयास किया जाए और इस तरह के कार्यो की सूचना उन तक पहुंचाई जाए जिससे ऐसे अन्य नवाचारो को जिले में प्रयोग किया जा सकेगा। इस दिशा में अच्छा कार्य करने ताकि मानीटरिंग करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

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