रविवार, 15 अप्रैल 2018

मंत्री की बहू प्रीति मामले में भी कार्रवाई कराएं प्रधानमंत्री

अजय सिंह

अजय सिंहनेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि उन्होंने कठुआ और उन्नाव की घटनाओं के संदर्भ में जो बयान दिया है,'गुनहगार बचेंगे नहीं, बेटियों को न्याय मिलेगा.' इसका पालन मध्यप्रदेश में कराएं और प्रीति रघुवंशी को न्याय दिलाएं, जिसकी आत्मा पिछले 28 दिनों से विचलित है क्योंकि उसकी मौत के जिम्मेदार मंत्री रामपाल सिंह और उनके परिजनों पर शिवराज सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है.
नेता प्रतिपक्ष सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए इस बयान पर कि 'गुनहगार बचेंगे नहीं, बेटियों को न्याय मिलेगा,' के संदर्भ में पत्र लिखा. उन्होंने प्रीति रघुवंशी आत्महत्या कांड और उससे जुड़े सारे पहलुओं की जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस ने पिछले 28 दिनों में अगर कोई कार्रवाई की है तो वह सिर्फ रामपाल सिंह को बचाने में की है. उन्होंने कहा कि प्रीति रघुवंशी के परिजनों के बयान हुए लेकिन रामपाल सिंह और उनके पुत्र के आज तक बयान दर्ज नहीं हुए. प्रीति रघुवंशी के भाई का अपहरण किया उसे चार दिन बाद छोड़ा गया और इसका अपहरण भी पुलिस के संरक्षण में किया गया दबाव डालने के लिए. भोपाल आई.जी. मंत्री रामपाल सिंह से मिलने उनके बंगले गए लेकिन किसी भी बड़े अफसर ने प्रीति रघुवंशी के परिवार से मिलना ठीक नहीं समझा. यहीं नहीं विधानसभा में इस मुद्दे पर सरकार ने चर्चा भी नहीं होने दी. यह घटनाक्रम बताता है कि शुरू दिन से ही शिवराज सरकार और उनकी पुलिस मंत्री रामपाल सिंह को बचाने, प्रीति रघुवंशी के परिवार को डराने धमकाने का काम कर रही है.
सिंह ने पत्र में लिखा कि आपने प्रधानमंत्री बनते ही हरियाणा के हिसार से 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का एक महाअभियान शुरू किया था, पर जो हालात पूरे देश में पैदा हो गए है उससे लोगों में फिर यह धारणा बन रही है कि बेटी होना कलंक है. बेटी बचाओ तो उसे या तो दरिंदे नोच लेते हैं और अगर वह बहु बन जाती है तो उसे आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ता है, जैसा कि मंत्री रामपाल सिंह के मुद्दे में हुआ है.
नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि मध्यप्रदेश में न्याय का कानून का राज खत्म हो गया है. प्रीति रघुवंशी के परिजनों के न्याय की आस खत्म हो चुकी है. ऐसे में आपने जो बयान कठुआ और उन्नाव के संदर्भ में दिया है उसका पालन मध्यप्रदेश में भी करवाएं. शिवराज सरकार को निर्देशित करें कि वह रामपाल सिंह को मंत्री पद से हटवाएं जिसका दुरूपयोग वे दबाव डालने में कर रहे हैं और उनके तथा उनके पुत्र के विरूद्ध एफ.आई.आर. भी दर्ज करवाएं. सिंह ने कहा कि तभी आपके कहने का कोई अर्थ होगा वरना यह भी अच्छे दिनों की तरह जुमला बन कर न रह जाएगा.

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