रविवार, 15 अप्रैल 2018

मध्यप्रदेश में आप ने शुरु की पोहा चौपाल

चर्चा कर घोषणा पत्र बनाने की कर रही तैयारी
मध्यप्रदेश में आम आदमी पार्टी की पोहा चौपाल इन दिनों राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोरी की चार पर चर्चा के बाद प्रदेश के मालवा अंचल में आप की पोहा चौपाल चल रही है. इस चौपाल में आप के प्रदेश संयोजक किसान बचाओ, प्रदेश बचाओ यात्रा के तहत लोगों से चर्चा कर आगामी विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र की तैयारी कर रहे हैं.
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में देश के मतदाताओं को लुभाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चाय पर चर्चा की थी. इस कार्यक्रम की तर्ज पर आम आदमी पार्टी मध्यप्रदेश में इस वर्ष के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में पोहा चौपाल लगा रही है. इस चौपाल की शुरुआत इंदौर से की गई है, जिसमें पार्टी विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों और आम लोगों से मुलाकात, चर्चा कर अपना चुनाव घोषणा पत्र तैयार करेगी.  आम आदमी पार्टी  के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल ने कहा, मुझे पोहा चौपाल का विचार इसलिये आया क्योंकि मध्यप्रदेश में दिन की शुरूआत में नाश्ते में यह व्यंजन पसंद किया जाता है. पिछले वर्ष 10 हजार किलोमीटर की किसान बचाओ यात्रा के दौरान यह देखा था कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों में पोहा आसानी से मिलता है. पोहा मध्यप्रदेश में सुबह के नाश्ते में एक खास व्यंजन है. कुछ क्षेत्रों में इसे पोहा-ऊसल, पोहा-दही, पोहा-चाय तो कहीं पर पोहा-जलेबी के रुप में लोग सुबह-सुबह लेते हैं. अग्रवाल ने बताया कि आम आदमी पार्टी की प्रदेश इकाई इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के मिशन-2018 की तैयारियों में जुट गई है. पार्टी प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करेगी. उन्होंने बताया कि 13 अप्रैल से मंदसौर जिले की पिपलिया मंडी से प्रदेश भर में किसान बचाओ, बदलाव लाओ यात्रा के दौरान विभिन्न लोकसभा क्षेत्रों में पोहा चौपाल लगाने का कार्यक्रमों की शुरुआत की जा चुकी है, इसमें डाक्टर, शिक्षक, समाजसेवी और आम लोगों से मुलाकात कर विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणा पत्र बनाया जाएगा. अग्रवाल ने बताया कि यह यात्रा 14 मई तक चलेगी.
भाजपा से परेशान, कांग्रेस से उम्मीद नहीं जनता को
आप के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल ने कहा कि  प्रदेश की जनता भाजपा के पिछले 14 सालों  के कार्यकाल में त्रस्त हो चुकी है, उसे कांग्रेस से भी कोई उम्मीद नहीं दिख रही है इसलिए आप को जनता के सामने स्वयं को एक विकल्प के तौर पर पेश करना है और पूरी तैयारी के साथ विधानसभा चुनाव का सामना करना है. उन्होंने कहा कि प्रदेश की शिवराज सरकार सभी मोर्चो पर विफल रही है और वास्तव में प्रदेश का किसान वर्तमान भाजपा सरकार से बेहद नाराज है और इसे उखाड़ फेंकना चाहता है. 

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