मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों को उनके पसीने की पूरी कीमत दिलाने के लिए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना लागू की गई है. इसमें समर्थन मूल्य पर अथवा उससे अधिक मूल्य पर गेहूं बिकने पर 265 रुपए प्रति क्विंटल, चना, मसूर, सरसों पर 100 रुपए प्रति क्विंटल तथा लहसुन पर 800 रुपए प्रति क्विंटल किसान के खाते में डाले जाएंगे. मुख्यमंत्री चौहान आज यहां शाजापुर में आयोजित किसान महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. कार्यक्रम में 10 लाख 21 हजार किसानों के बैंक खातों में 1669 करोड़ रुपए आनलाईन डाले गए. यह राशि गेहूं उपार्जन वर्ष 2016-17 और धान उपार्जन वर्ष 2017 पर 200 रुपए प्रति क्विंटल की दर से दी गयी. मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने के लिए खाद्य प्रसंस्करण और कृषि के विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. कृषि उत्पाद के निर्यात के लिए इसी वर्ष राज्य स्तरीय संस्था बनाई जाएगी. उन्होंने कहा कि देश के संसाधनों पर किसानों का हक है. किसानों की समस्याओं के नाम पर राजनीति नहीं की जाना चाहिए. किसान इस तरह के षड़यंत्रों से सावधान रहे. उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में नगदी की कमी पैदा की जा रही है, इससे राज्य सरकार निपटेगी. किसानों को कोई भी दिक्कत हो तो मुख्यमंत्री निवास पर स्थापित कंट्रोल रूम के फोन नम्बर-0755-2540500 पर फोन करें. चौहान ने कहा कि खेती किसानी में प्रदेश को आगे बढ़ाने में राज्य सरकार के साथ सहयोग करें. मुख्यमंत्री ने प्रदेश को विकसित राज्यों में अग्रणी प्रदेश बनाने का संकल्प दोहराया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा कृषक उद्यमी योजना शुरू की गई है, जिसमें किसानों के बेटे-बेटियों को उद्योग लगाने के लिए दो करोड़ रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा. इस ऋण की गारंटी राज्य सरकार लेगी. उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रत्येक विकासखंड में 100-100 युवाओं को ऋण दिलाया जाएगा. चौहान ने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए चलाए गए विशेष अभियान में तीन माह में नामांतरण और बंटवारे के 14 लाख प्रकरण निपटाए गए हैं. अब नामांतरण के आदेश के बाद खसरा और नक्शे की नकल की कापी संबंधित किसान को नि:शुल्क दी जाएगी. तब ही प्रकरण समाप्त माना जायेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि खराब ट्रांसफार्मर बदलने के लिए यदि किसान ट्रान्सफार्मर लाते हैं, तो विद्युत कंपनी द्वारा इसका किराया दिया जाएगा. बदलने के बाद ट्रांसफार्मर अगर तीन माह के भीतर जल जाता है, तो बिना बकाया राशि लिये उसे फिर बदल दिया जाएगा.
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री असंगठित मजदूर कल्याण योजना में ढाई एकड़ तक की भूमि वाले किसानों को शामिल किया गया है. डिफाल्टर किसानों के लिए नई योजना बनाई गई है, जिसमें ब्याज राज्य सरकार भरेगी और मूलधन का आधा किसान द्वारा दिए जाने पर उसे शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण दिया जाएगा. चौहान ने कहा कि इस वर्ष भावांतर भुगतान योजना में किसानों के खाते में दो हजार करोड़ रुपए की राशि डाली गयी है.
जो किसानों ने भी नहीं सोचा, वह कर रही है सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सुविधाएं देने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखी जाएगी. जो किसानों ने भी नहीं सोचा, वह भी सरकार कर रही है. उन्होंने जनता को याद दिलाते हुए कहा कि पूर्व की सरकार के समय किसानों को 18 प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलता था, जिसे घटाकर शून्य प्रतिशत कर दिया गया है. खाद के अग्रिम भंडारण पर ब्याज राज्य सरकार द्वारा दिया जाता है. प्राकृतिक आपदा में दी जाने वाली राहत राशि पहले ढाई हजार रुपए प्रति हेक्टयर थी, जिसे बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रति हेक्टयर कर दिया गया है. एक वर्ष में किसानों को 18 हजार करोड़ रुपए की राहत दी गई है. प्याज के दाम गिरने पर राज्य सरकार ने 800 रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर प्याज खरीदी की थी इसके लिये 650 करोड़ रुपए खर्च किये गये. सिंचाई की क्षमता प्रदेश में साढ़े सात लाख हेक्टयर से बढ़ाकर चालीस लाख हेक्टयर कर दी गयी है. सिंचाई के लिए बिजली की समुचित व्यवस्था की गई है. खेती को फायदे का धंधा बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर-संभव प्रयास किए जा रहे हैं.
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