3 मई को राष्ट्रपति करेंगे पुरस्कृत
मध्यप्रदेश को फिल्मांकन में सहूलियत सुनिश्चित करने के प्रयासों को देखते हुए सर्वाधिक फिल्म अनुकूल राज्य का पुरस्कार दिया गया है. सर्वाधिक फिल्म अनुकूल राज्य पुरस्कार की घोषणा नई दिल्ली में ज्यूरी के अध्यक्ष रमेश सिप्पी द्वारा की गई है. मध्य प्रदेश को सर्वाधिक फिल्म अनुकूल राज्य का पुरस्कार राष्ट्रपति द्वारा 3 मई को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के वितरण समारोह में दिया जाएगा.
मध्यप्रदेश सुव्यवस्थित वेबसाइट बनाने और फिल्म अनुकूल बुनियादी ढाँचा स्थापित करने के साथ विभिन्न तरह के प्रोत्साहनों की पेशकश कर रहा है. संबंधित डेटाबेस का रख-रखाव बढ़िया ढंग से कर रहा है और इसके साथ ही विपणन एवं संवर्धन संबंधी पहल भी कर रहा है. ज्यूरी ने इसमें भाग लेने वाले 16 राज्यों में से मध्यप्रदेश का चयन सर्व-सम्मति से किया है. मध्यप्रदेश को उन जाने-माने फिल्म निर्माताओं की ओर से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया या फीडबेक मिला है, जो यहां पहले फिल्मांकन कर चुके हैं. पुरस्कारों के लिये राज्य द्वारा अपनी दावेदारी पेश करने के लिये किये गये प्रयासों की भी सराहना की गई.
सिप्पी ने कहा कि इस वर्ष मध्यप्रदेश ने अपने यहां फिल्मांकन करना आसान करके यह पुरस्कार प्राप्त किया है, जहां बड़ी संख्या में फिल्म निमार्ताओं ने विगत वर्षों के दौरान फिल्मांकन किया है. मध्यप्रदेश उत्कृष्ट बुनियादी सहायता एवं फिल्मांकन संबंधी बुनियादी ढाँचा मुहैया करवाने के साथ फिल्म बनाने के लिए एक सूचनाप्रद वेबसाइट और अनेक प्रोत्साहनों की भी पेशकश कर रहा है. उनकी प्रविष्टि को अत्यंत व्यापक तरीके से दिये गये सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया था. ज्यूरी में प्रख्यात फिल्म निमार्ता नागराज मंजुले,राजाकृष्ण मेनन, विवेक अग्निहोत्री और मोशन पिक्चर डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के एम.डी. उदय सिंह भी शामिल थे.
मध्यप्रदेश को फिल्मांकन में सहूलियत सुनिश्चित करने के प्रयासों को देखते हुए सर्वाधिक फिल्म अनुकूल राज्य का पुरस्कार दिया गया है. सर्वाधिक फिल्म अनुकूल राज्य पुरस्कार की घोषणा नई दिल्ली में ज्यूरी के अध्यक्ष रमेश सिप्पी द्वारा की गई है. मध्य प्रदेश को सर्वाधिक फिल्म अनुकूल राज्य का पुरस्कार राष्ट्रपति द्वारा 3 मई को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के वितरण समारोह में दिया जाएगा.
मध्यप्रदेश सुव्यवस्थित वेबसाइट बनाने और फिल्म अनुकूल बुनियादी ढाँचा स्थापित करने के साथ विभिन्न तरह के प्रोत्साहनों की पेशकश कर रहा है. संबंधित डेटाबेस का रख-रखाव बढ़िया ढंग से कर रहा है और इसके साथ ही विपणन एवं संवर्धन संबंधी पहल भी कर रहा है. ज्यूरी ने इसमें भाग लेने वाले 16 राज्यों में से मध्यप्रदेश का चयन सर्व-सम्मति से किया है. मध्यप्रदेश को उन जाने-माने फिल्म निर्माताओं की ओर से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया या फीडबेक मिला है, जो यहां पहले फिल्मांकन कर चुके हैं. पुरस्कारों के लिये राज्य द्वारा अपनी दावेदारी पेश करने के लिये किये गये प्रयासों की भी सराहना की गई.
सिप्पी ने कहा कि इस वर्ष मध्यप्रदेश ने अपने यहां फिल्मांकन करना आसान करके यह पुरस्कार प्राप्त किया है, जहां बड़ी संख्या में फिल्म निमार्ताओं ने विगत वर्षों के दौरान फिल्मांकन किया है. मध्यप्रदेश उत्कृष्ट बुनियादी सहायता एवं फिल्मांकन संबंधी बुनियादी ढाँचा मुहैया करवाने के साथ फिल्म बनाने के लिए एक सूचनाप्रद वेबसाइट और अनेक प्रोत्साहनों की भी पेशकश कर रहा है. उनकी प्रविष्टि को अत्यंत व्यापक तरीके से दिये गये सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया था. ज्यूरी में प्रख्यात फिल्म निमार्ता नागराज मंजुले,राजाकृष्ण मेनन, विवेक अग्निहोत्री और मोशन पिक्चर डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के एम.डी. उदय सिंह भी शामिल थे.
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