एक माह में तीन अलग-अलग यात्राएं बनी चर्चामध्यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच गुटबाजी थम नहीं रही है. मंच पर एक साथ होते हुए भले ही ये नेता इस बात का संकेत दें कि कांग्रेस में सबकुछ ठीक है, मगर ऐसा कुछ है नहीं. इसकी बानगी यह भी है कि कांग्रेस द्वारा एक साथ तीन यात्राएं तीन अलग-अलग नेताओं द्वारा निकाली जा रही हैं. ये यात्राएं गुटबाजी को लेकर फिर चर्चा में हैं.
मध्यप्रदेश कांग्रेस एक ओर तो इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में सरकार बनाने की सपना देख रही है, इसके लिए जब भी वरिष्ठ नेता मंच पर होते हैं तो एकता का परिचय देने का पूरा प्रयास करते हैं, मगर मंच से उतरते ही इनकी एकता नजर नहीं आती है. बातें भले ही गुटबाजी न होने की ये नेता करें, मगर गुटबाजी अब भी साफ नजर आ रही है. इसका बड़ा उदाहरण कांग्रेस द्वारा निकाली जा रही तीन यात्राएं हैं. कहने को तो ये यात्राएं कांग्रेस की ओर से ही निकाली जा रही है, मगर तीनों यात्राएं जिनके नेतृत्व में निकल रही है, ये संकेत सीधे तौर पर गुटबाजी के भी दे रही है.
प्रदेश कांगे्रस में एक यात्रा न्याय यात्रा के नाम से शुरु हुई. यह यात्रा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह निकाल रहे हैं. लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह के गृह ग्राम उदयपुरा से शुरु की यह यात्रा दूसरा चरण पूरा कर चुकी है. इस यात्रा में दोनों नेता इस बात का संकेत दे रहे हैं कि यह यात्रा जब तक जारी रहेगी, तब तक की भाजपा की सरकार को हटा नहीं दिया जाए. यात्रा महिला अपराधों को लेकर शुरु की गई है.
कांग्रेस की दूसरी यात्रा किसान कलश यात्रा निकली जाएगी. यह यात्रा 5 मई से शुरु होगी, जो 6 जून तक चलेगी. यात्रा किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुर्जर के नेतृत्व में निकाली जानी है. दिनेश गुर्जर को कमलनाथ का समर्थक माना जाता है. दिनेश गुर्जर अपनी इस यात्रा के दौरान उन परिवारों तक पहुंचेंगे जहां किसानों से आत्महत्या की है.उन किसानों के परिजनों से मुलाकात कर हर घर से मिट्टी लेकर कलश में रखेंगे. यह यात्रा मंदसौर में एक बड़ी सभा के रुप में समाप्त होगी. मंदसौर में किसान आंदोलन के दौरान गोली चालन में मृत हुए किसानों के मुद्दे को फिर से कांग्रेस तेज करने का यह प्रयास कर रही है.
कांगे्रस की तीसरी यात्रा हाल ही राज्यसभा के लिए सांसद निर्वाचित हुए राजमणि पटेल निकाल रहे हैं. पटेल प्रदेश में संविधान बचाओ यात्रा निकाल रहे हैं. उनकी यह यात्रा विंध्य के रीवा जिले से शुरु होगी. 1 मई से शुरु होने वाली यह यात्रा भी 6 जून तक चलेगी. इस यात्रा का समापन भी किसान कलश यात्रा के साथ ही मंदसौर में होगा. यात्रा में सांसद राजमणि पटेल रथ पर निकलेंगे. वे गांव-गांव जाकर लोगों के बीच किसानों के अलावा महिला अत्याचार पर सरकार को घेरेंगे साथ ही भाजपा सरकार की कमियों को लोगों को बताएंगे.
राहुल गांधी को मंदसौर लाने का प्रयास
कांग्रेस की किसान कलश यात्रा और संविधान बचाओ यात्रा और संविधान बचाओ यात्रा के समापन अवसर पर 6 जून को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का मंदसौर लाने का प्रयास भी किया जा रहा है. इस प्रयास में प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी दीपक बावरिया जुटे हैं. वे चाहते हैं कि यात्राओं के समापन अवसर पर राहुल गांधी की एक बड़ी सभा कराकर प्रदेश में चुनावी शंखनाथ करा दिया जाए और यह संदेश दिलाया जाए कि एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ खड़े होकर चुनाव लड़ें. हालांकि अभी किसी ने इसकी पुष्टि नहीं की है कि राहुल गांधी मंदसौर में होने वाले इस आयोजन में शामिल होंगे या नहीं.
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