मंगलवार, 17 अप्रैल 2018

किसानों के खातों में जमा किए रुपए, एटीएम हुए बंद

मध्यप्रदेश का किसान एक बार फिर परेशान हो रहा है. सरकार ने हाल ही में करोड़ों रुपए किसानों के खातों में भावांतर और अन्य योजनाओं के तहत जमा किया, मगर एटीएम बंद होने से किसान अब उन पैसों को निकाल नहीं पा रहा है. वित्त मंत्री जयंत मलैया ने भी यह स्वीकार किया है कि राज्य का किसान परेशान है.उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वे कम पैसा निकालें,हम जल्द ही केन्द्र से संपर्क का कोई हल निकालेंगे. जबकि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने इसे साजिश करार दिया है. प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित राज्य के कई जिलों से एटीएम मशीन बंद होने और रुपए न निकलने की शिकायतें आ रही है. राजधानी में ही करीब 60 फीसदी एटीएम बंद पड़े होने की जानकारी मिली है. कहीं पर आउट आफ सर्विस के नोटिस चिपका दिए गए हैं, तो कहीं पर मशीनों पर एरर लिखा हुआ है. साथ ही ग्रामी इलाकों में एटीएम से कैश नहीं निकलने की जानकारी भी मिली है. इससे आमजन परेशान हो रहा है. इतना हीं  नहीं र्क बैंकों के एटीएम के शटर तक बैंक प्रबंधन ने गिरा कर ताले लगा दिए हैं.
इस पूरे मामले पर राज्य के वित्त मंत्री जयंत मलैया ने यह स्वीकार किया कि मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के खाते में करोड़ों रुपए ट्रांसफर किए हैं. कैश की कमी की वजह से वे पैसा नहीं निकाल पा रहे हैं. इस पर सरकार ने उन्हें कहा कि वे अभी कम पैसा निकालें, बाद में उनके लिए चेक की व्यवस्था की जा सकती है. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार भी इस बात को लेकर चिंतित है कि. उन्होंने कहा कि हम लगातार केन्द्र सरकार से संपर्क किए हुए हैं और जल्द ही यह समस्या सुलझाने का प्रयास करेंगे.
मुख्यमंत्री ने बताया साजिश
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने एटीएम में नकदी की कमी के बीच कहा कि देश में कैश की कमी पैदा करने की साजिश चल रही है. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने इसी साजिश के तहत 2 हजार रुपए के नोट दबा रखे हैं, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि साजिश करने वाले कौन लोग हैं.
वित्त मंत्री ने कहा करेंसी की है कमी
मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री जयंत मलैया ने कहा कि करेंसी की कमी है. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सहित पूरे प्रदेश में इस तरह की कमी है, जिसके चलते एटीएम से पैसे नहीं निकल पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि 2 हजार  के नोट की कालाबाजारी नहीं हो रही है. कुछ लोगों ने बड़े नोट अपने पास जमा कर लिए हैं, यह जांच के बाद सामने आएगा कि कैश की किल्लत की वजह क्या है.

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