शनिवार, 14 अप्रैल 2018

टमाटर बना किसान की मुसीबत


मध्यप्रदेष के विदिशा में टमाटर के कम मिल रहे दाम से किसान और व्यापारियों पर अब एक और आफत की मार पड़ी है. टमाटर की आई बम्पर पैदावार के चलते टमाटर के भाव जमीन पर आ गए हैं. इससे किसानों को लागत और मेहनत के दाम भी नहीं मिल रहे हैं. मजबूरी में किसान अपने खेत खाली करने को रोज भाव मिलने की उम्मीद लेकर मंडी आ रहे हैं लेकिन उनका भाड़ा निकलना भी मुश्किल हो रहा है.
टमाटर की बम्पर पैदाबर आने और बाहर मांग न होने से टमाटर मिट्टी के मोल भी खरीदार नहीं मिल रहा. इस सबके चलते कुछ किसान अपने जानवरों को टमाटर खिला रहे हैं ताकि खेत खाली हो और नई फसल बो सकें. बेरखेड़ी बिरछा के किसान छतर सिंह का कहना है उन्होंने काफी लागत लगा टमाटर की खेती की है. दो बीघा जमीन में टमाटर लगाए थे, जो गाय को खिला रहे हैं. कम दाम मिलने से किसान ही नहीं व्यापारी भी परेशान हैं. उनकी भी कमाई नहीं हो रही है.  थोक विक्रेताओं का कहना है कि एक केरेट हम किसानों से 20 से 25 रुपये की खरीद रहे हैं , जबकि वह 40 रुपये भाड़ा लगाकर उसे मंडी तक ला रहे हैं.वहीं हाल फुटकर टमाटर विक्रेता भी दिनभर पसीना बहाकर कड़ी धूप में 5 रुपये में 2 किलो बेचने को मजबूर हैं. फुटकर विक्रेता राजू भाई का कहना है कि वह टमाटर हम 40 किलोमीटर दूर से विदिशा मंडी लाये हैं. बस का किराया भी नहीं निकला.

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