मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की पत्नी और किरार समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष साधना सिंह ने कहा कि दहेज प्रथा को समाज से समाप्त करना उनका पहला प्रयास होगा. राजधानी में आरोजित किरार समाज के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही.सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन मुख्य अतिथि के रुप में शामिल हुई. सम्मेलन को संबोधित करते हुए साधना सिंह ने कहा कि वे महाराष्ट्र की बेटी हैं और मध्यप्रदेश की बहू. इसके अलावा राजस्थान सहित अन्य प्रांतों से जो उन्हें आशीर्वाद मिलता रहा है, उसके लिए वे आभारी हैं. उन्होंने कहा कि किरार समाज के इतिहास में इस तरह का पहला बड़ा आयोजन आज हो रहा है. मैं अपने पति की सहमति से समाज सेवा करने आई हूं. उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा को समाज में समाप्त करना उनका पहला प्रयास होगा. इस अवसर पर उन्होंने अपने पुत्र कार्तिकेय का परिचय दिया और कहा कि वह आज फाइनल एग्जाम होने के कारण यहां नहीं आ सका है. करीब छह मिनट के अपने भाषण में उन्होंने परिचय सम्मेलन के जरिए विवाह को महत्व दिए जाने की बात पर जोर दिया. भाषण समाप्त करने के बाद मंच पर बैठे पति और प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के उन्होंने पैर छुए. इसके पूर्व जब वे मंच पर पहुंची थी, तब उन्होंने अपने ससुर और समाज के बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया था.
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि महिला अगर कोई समाजहित में काम करे तो उसे महत्व नहीं दिया जाता है. उन्होंने कहा कि किरार समाज का अध्यक्ष बनने के बाद उनकी पत्नी साधना सिंह ने जो काम किया वह काबिले तारीफ है. उन्होंने कहा कि यह समाज का परिचय सम्मेलन है.एक ही मंच पर बेटा-बेटी मिल जाएं तो माता-पिता के लिए इससे बड़ी खुशी और कुछ नहीं होगी.
1600 युवक-युवतियों का रजिस्ट्रेशन
किरार समाज के इस युवक-युवती परिचय सम्मेलन में करीब 1600 युवक-युवतियों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया और परिचय सम्मेलन में शामिल हुए. सम्मेलन में किरार समाज के अलावा धाकड़, मालव और नागर समाज के लोग भी शामिल हुए. बड़ी संख्या में सम्मेलन में पहुंचे लोगों के कारण यातायात व्यवस्था में भी पुलिस को बदलाव करना पड़ा.
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