सोमवार, 6 जनवरी 2020

शिवराज सिंह को अदालत का झटका

कांग्रेस नेता पर लगाया मानहानि मामला अदालत ने किया निरस्त
शिवराज  सिंह चौहान 


मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज  सिंह चौहान को बड़ा झटका लगा है. कांग्रेस नेता के.के. मिश्रा  पर उनके द्वारा लगाया गया मानहानि का मामला कोर्ट ने निरस्त कर दिया है.
 कांग्रेस नेता के.के. मिश्रा  के द्वारा 2014 में प्रेस कांफे्रंस के माध्यम से व्यापमं घोटाले को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री आवास के संबंध खुलासे किए थे. उन्होंने व्यापमं घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके पत्नी साधना सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे. मिश्रा ने मुख्यमंत्री पर व्यापमं मामले को लेकर आरोप लगाया था, जिसमें कहा गया था कि उनकी ससुराल गोंदिया के 19 परिवहन निरीक्षक भर्ती हुए. साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री निवास से किसी प्रभावशाली महिला द्वारा व्यापमं के आरोपी नितिन महिन्द्रा आदि को 129 फोन काल किए गए. मिश्रा ने फूलसिंह चौहान, प्रेमसिंह चौहान, गणेश किरार और संजय सिंह चौहान पर भी आरोप लगाए थे. 
अदालत द्वारा निरस्त किए गए मानहानि दावे पर मिश्रा ने कहा कि यह देश मे प्रचलित न्याय व्यवस्था की जीत है, शिवराजसिंह चौहान ने मेरे विरुद्ध पूर्व में लगाए गए मानहानि प्रकरण व कराई गई सजा के लिए राज्य सरकार की ओर से मानहानि परिवाद लगाकर सरकार का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार के विरुद्ध निरंतर कायम रहने वाली मेरी आवाज को दबाने का प्रयास किया था, जिसमें वे असफल रहे.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें