युवाओं को गुमराह कर रही शिवराज सरकारमध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने एक दिन में दो लाख से अधिक बेरोजगारों को रोजगार देना का जो वादा किया वह झूठा है. शिवराज सरकार रोजगार मेलों के नाम पर युवाओं को गुमराह कर रही है. राज्य में बीते दो वर्षो में 53 फीसदी बेरोजगारी बढ़ी है.
यह बात आज राजधानी में बेरोजगार सेना के प्रमुख अक्षय हुंका ने कही. हुंका ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि प्रदेश में बेरोजगारी की भयावह तस्वीर सामने आ रही है. उन्होंने दावा किया कि बीते 2 वर्षों में 53 फीसदी बेरोजगारी बढ़ गई है. रोज 2 युवा बेरोजगारी के कारण आत्महत्या कर रहे हैं, नई कंपनियां आ नहीं रही हैं और पुरानी कंपनियां भी बंद हो रही हैं. सरकार ने अप्रैल माह में घोषणा की थी कि सरकार अगले 3 माह में 1 लाख युवाओं को नौकरी देगी. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि वे सरकारी नहीं बल्कि प्राइवेट नौकरी दी जाएगी. सरकार ने 3 माह पूरे प्रदेश में रोजगार मेले लगाए और 4 अगस्त को बड़े-बड़े विज्ञापन देकर बताया कि 2.94 लाख लोगों को नौकरी, स्वरोजगार के लिए लोन दिया गया है. सरकार ने दावा किया कि 1,25,758 नियुक्तियां की गई हैं और स्वरोजगार के 60 हजार और मुद्रा लोन के 1 लाख हितग्राहियों समेत कुल 2,97,069 लोगों को नौकरी, स्वरोजगार दिया गया है, जबकि वास्तविकता इससे बिलकुल अलग है.
बेरोजगार सेना प्रमुख हुंका ने सरकार और रोजगार निर्माण बोर्ड के अध्यक्ष हेमंत देशमुख को खुली चुनौती दी कि या तो वे 2,97,069 हितग्राहियों का नाम, फोन नंबर और आफर लेटर या लोन के डाक्यूमेंट्स जारी करे. उन्होंने कहा कि सरकार को इंटरनेशनल जाब फेयर में कितने लोगों को नौकरी मिली उनकी संख्या और अन्य जानकारी सार्वजानिक करना चाहिए, अन्यथा युवाओं को झूठ बोलना और ठगना बंद करें और जनता से माफी मांगें.
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