मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि बच्चे देश का भविष्य हैं. बच्चे पढ़ते जाएं, बढ़ते जाएं, अपना भविष्य गढ़ते जाएं. उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को कुंठित नहीं होने दिया जाएगा. राह में जो भी बाधा आएगी, उसे दूर किया जाएगा. उन्होंने छात्र-छात्राओं को आश्वस्त किया कि वे बनी बनाई लकीर पर नहीं चलते हैं. छात्र-छात्राओं को जो भी समस्या होगी, उसका समाधान किया जाएगा.
चौहान आज विधानसभा के मानसरोवर सभागार में स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप समारोह को संबोधित कर रहे थे. चौहान ने कहा कि बच्चों के साथ जो पल बीतते हैं, वो उनके जीवन के सबसे सुखद पल होते हैं, उन्हें प्रसन्नता देते हैं. उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं के साथ वे सदैव खड़े हैं, और उन्हें हरसंभव सहायता देने का प्रयास कर रहे हैं. राज्य सरकार द्वारा नि:शुल्क पुस्तकें, दूसरे गांव पढ़ने जाने के लिए साईकिलें, लाड़ली लक्ष्मी योजना आदि अनेक योजनाएं बनाई गई हैं. चौहान ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी बच्चों की फीस भरने की समस्या उन्हें बताई जाती थी. समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना लागू की गई. उन्होंने कहा कि पहले योजना के लिए 75 प्रतिशत अंकों की सीमा थी, जिसे बच्चों की मांग पर 70 प्रतिशत कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पड़ाव है. मंजिल अभी आगे हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी संस्कृति का अंधा अनुकरण नहीं करना चाहिए. भारतीय संस्कृति में महिलाओं को देवी का सम्मान दिया गया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. मासूम के साथ दुराचार करने वाले दरिंदों को फाँसी दिलवाने का मध्यप्रदेश विधानसभा द्वारा सबसे पहले निर्णय किया गया था. अभी तक दस लोगों को राज्य में फाँसी की सजा सुनाई गई है. उन्होंने बेटों से अपील की कि माताओं, बहनों का सदैव सम्मान करें.
विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा ने कहा कि सच्चा राजनेता वो है, जो अपने विजन पर चलता है. समाज उसका अनुसरण करने लगता है. मुख्यमंत्री के बेटा-बेटी पढ़ाओ विजन को समाज ने स्वीकार किया है. उन्होंने कहा कि जिस तरह मुख्यमंत्री ने स्वयं बेटियों का सम्मान कर समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया, यही राजनेता का दायित्व है. कार्यक्रम के प्रारंभ में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को दो मिनिट का मौन रख श्रद्धांजलि दी गई. मुख्यमंत्री ने प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को स्कालरशिप का वितरण किया और कॉफी टेबल बुक मेधा का विमोचन किया. आईबीसी-24 ग्रुप के चेयरमेन सुरेश गोयल ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण किया और स्कॉलरशिप को अटल जो को समर्पित करने की जानकारी दी.
चौहान आज विधानसभा के मानसरोवर सभागार में स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप समारोह को संबोधित कर रहे थे. चौहान ने कहा कि बच्चों के साथ जो पल बीतते हैं, वो उनके जीवन के सबसे सुखद पल होते हैं, उन्हें प्रसन्नता देते हैं. उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं के साथ वे सदैव खड़े हैं, और उन्हें हरसंभव सहायता देने का प्रयास कर रहे हैं. राज्य सरकार द्वारा नि:शुल्क पुस्तकें, दूसरे गांव पढ़ने जाने के लिए साईकिलें, लाड़ली लक्ष्मी योजना आदि अनेक योजनाएं बनाई गई हैं. चौहान ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी बच्चों की फीस भरने की समस्या उन्हें बताई जाती थी. समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना लागू की गई. उन्होंने कहा कि पहले योजना के लिए 75 प्रतिशत अंकों की सीमा थी, जिसे बच्चों की मांग पर 70 प्रतिशत कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पड़ाव है. मंजिल अभी आगे हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी संस्कृति का अंधा अनुकरण नहीं करना चाहिए. भारतीय संस्कृति में महिलाओं को देवी का सम्मान दिया गया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. मासूम के साथ दुराचार करने वाले दरिंदों को फाँसी दिलवाने का मध्यप्रदेश विधानसभा द्वारा सबसे पहले निर्णय किया गया था. अभी तक दस लोगों को राज्य में फाँसी की सजा सुनाई गई है. उन्होंने बेटों से अपील की कि माताओं, बहनों का सदैव सम्मान करें.
विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा ने कहा कि सच्चा राजनेता वो है, जो अपने विजन पर चलता है. समाज उसका अनुसरण करने लगता है. मुख्यमंत्री के बेटा-बेटी पढ़ाओ विजन को समाज ने स्वीकार किया है. उन्होंने कहा कि जिस तरह मुख्यमंत्री ने स्वयं बेटियों का सम्मान कर समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया, यही राजनेता का दायित्व है. कार्यक्रम के प्रारंभ में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को दो मिनिट का मौन रख श्रद्धांजलि दी गई. मुख्यमंत्री ने प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को स्कालरशिप का वितरण किया और कॉफी टेबल बुक मेधा का विमोचन किया. आईबीसी-24 ग्रुप के चेयरमेन सुरेश गोयल ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण किया और स्कॉलरशिप को अटल जो को समर्पित करने की जानकारी दी.
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