सोमवार, 20 अगस्त 2018

मतदाता सूची से गायब हुआ पूर्व मंत्री का नाम

यादवेन्द्रसिंह 
मध्यप्रदेश में मतदाता सूची में गड़बड़ी का मामला फिर गर्माया है. राज्य के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के नेता यादवेन्द्रसिंह का नाम टीकमगढ़ जिले की मतदाता सूची में संशोधन के बाद हटा दिया गया, इस मामले को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने भाजपा की साजिश करार दिया है.
राज्य में मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस पहले से ही गंभीर है. इसके चलते हर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस द्वारा इन दिनों दावेदारों के अलावा वर्तमान विधायकों एवं नेताओं को मतदाता सूची के परीक्षण के लिए लगाया गया है. हाल में टीकमगढ़ जिले के टीकमगढ़ विधानसभा क्षेत्र की संसोधित मतदाता सूची आई तो वहां के कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री जो वर्तमान में कांग्रेस प्रत्याशी के लिए दावेदार भी है, उन्होंने सूची का मिलान किया. जब वे सूची चेक कर रहे थे तो चौंक गए. उनका और उनक ेपरिवार का नाम उन्हें उस सूची में मिला ही नहीं. यादवेन्द्र सिंह के परिवार का नाम वार्ड नंबर 3 की मतदाता सूची में 800 नंबर पर था. मगर संशोधित सूची से उनका नाम गायब हो गया. बताया जाता है कि यादवेन्द्र सिंह ने 10 दिन पूर्व पुरानी मतदाता सूची का हवाला दिया और बताया कि उनका नाम इस सूची में था, मगर संशोधित मतदाता सूची में नहीं है. उन्होंने इसे षडयंत्र करार दिया. इसकी शिकायत भी उन्हें जिला कलेक्टर एवं निर्वाचन अधिकारी को दर्ज कराई है. बताया जाता है कि इस संशोधित सूची में कुछ और कांग्रेस नेताओं के नाम गायब हैं. कांग्रेस भी इस मामले को लेकर निर्वाचन आयोग जाने की तैयारी कर रही है.
कमलनाथ ने बताया साजिश
मतदाता सूची में  सामने आई इस गड़बड़ी के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि  पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह का नाम मतदाता सूची से गायब होना एक बड़ी साजिश है.  भाजपा के इशारे पर कांग्रेस से चुनाव लड़ने वाले संभावित लोगों के नाम चुनाव से पूर्व जानबूझकर गायब किये जाएंगे, ताकि उनके नामांकन फार्म के समय कहा जाए कि आपका तो नाम ही वोटर लिस्ट में से गायब है. उन्होंने कहा कि मुझे तो देखना होगा कि कही मेरा नाम भी गायब ना कर दिया जाए. कमलनाथ ने कहा कि  भाजपा चुनाव के पूर्व सारे हथकंडे अपनायेगी, साजिशें रचेगी.

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