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| अजय सिंह |
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मुंह में राम बगल में छुरी रखकर पिछले 14 सालों से शासन चला रहे हैं. रेत के अवैध उत्खनन के मामले में उनकी नीति यही रही है. पहले रेत उत्खनन पर प्रतिबंध लगाया दूसरी ओर उन्हीं के सगे संबंधी खुलेआम अवैध उत्खनन में संलग्न रहे. फिर उन्होंने अवैध रेत भरकर ले जाने वाले वाहनों के राजसात करने का आदेश दिया लेकिन उन्हीं के क्षेत्र में धड़ल्ले से परिवहन होता रहा और डम्पर नहीं पकड़े गए. जो डम्पर पकड़े गए उन्हें राजसात करने के बजाय फर्जी आदेशों से छुड़वा लिया गया. पूरे प्रदेश की बात क्या कहें खुद मुख्यमंत्री के क्षेत्र में जब अवैध रेत उत्खनन परिवहन को रोका गया तो प्रशिक्षु आई.ए.एस. पर जानलेवा हमला किया गया. नर्मदा को जीवित नदी का दर्जा देकर उसी नदी पर अत्याचार करने वालों को खुली छूट दी गई. सिंह ने कहा कि यही नहीं ऐसे ढेरों उदाहरण हैं जिसमें मुख्यमंत्री की कथनी करनी में अंतर शर्मनाक तरीके से उजागर हुआ.
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री के उस बयान को हास्यास्पद बताया जिसमें वे कहते हैं कि उनसे गलती हो सकती है लेकिन वे बेईमान नहीं हैं. सिंह ने कहा कि डम्पर कांड, व्यापम, कांड, भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रही गड़बड़ी पी.एस.सी. घोटाला और उनकी भांजी की अवैध नियुक्ति, ई-टेंडर घोटाला और लगातार भ्रष्टाचार क्या यह गलती थी, बेईमानी नहीं. यह एक बार नहीं बल्कि पिछले 14 साल से लगातार हो रही है.
सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार में जीरो टालरेंस का दावा किया लेकिन पूरे देश में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार मध्यप्रदेश में है. महिला सुरक्षा और सम्मान का दावा किया लेकिन महिलाओं के साथ दुष्कर्म और उत्पीड़न में मध्यप्रदेश देश में नंबर वन है. किसानों का हितैषी बताया उनकी आय को दुगुना करने का दावा किया लेकिन कर्ज के बोझ तले 20 हजार किसान आत्महत्या कर चुके हैं. बच्चों के मामा बने, युवाओं को रोजगार देने का दावा किया लेकिन व्यापम और पीएससी घोटाला कर प्रदेश के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं और युवाओं का भविष्य बरबाद कर दिया. नेता प्रतिपक्ष सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने कार्यकाल में जो कुछ भी कहा उससे उलट ही मध्यप्रदेश में हुआ है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में इतना झूठा और बेईमान मुख्यमंत्री कभी नहीं हुआ.

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