जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्र ने कहा है कि शब्दों का संतुलन और वाणी पर नियंत्रण न सिर्फ विधानसभा और संसद, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में आवश्यक है.
डॉ. मिश्र आज यहां प्रशासन अकादमी में पं. कुंजीलाल दुबे राष्ट्रीय संसदीय विद्यापीठ, द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं के पुरस्कृत विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने बच्चों को समय की कीमत समझने, टीवी आदि देखने में कम समय देकर खेलों में रुचि रखने, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए नियमित व्यायाम और अध्ययन पर फोकस करने को कहा. डॉ. मिश्र ने इस मौके पर प्रतियोगिताओं में विजयी विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए.
जनसंपर्क मंत्री ने कहा कि आमतौर पर विधानसभा में सदन की कार्यवाही और कार्य संचालन से आमजन बहुत कम परिचित होते हैं. कुछ मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा सदन में होने वाले शोर-शराबे को अधिक महत्व दे दिए जाने से भी सार्थक विचार-विमर्श, सारगर्भित उद्बोधन और जनहित से जुड़े मामलों पर की गई चर्चा एवं कार्यवाही मीडिया में उचित स्थान प्राप्त नहीं कर पाती. इससे अक्सर लोगों को जन-प्रतिनिधियों की रचनात्मक भूमिका की जानकारी प्राप्त नहीं हो पाती. साथ ही संचार माध्यमों में सदन की सही तस्वीर पेश नहीं हो पाती.
कार्यक्रम को विधायक एवं सार्वजनिक उपक्रम समिति के सदस्य यशपाल सिंह सिसोदिया, प्रमुख सचिव संसदीय कार्य अजीत केसरी और प्रमुख सचिव विधानसभा ए.पी. सिंह ने भी संबोधित किया. प्रारंभ में स्वागत उदबोधन संसदीय विद्यापीठ की संचालक प्रतिमा यादव ने दिया. उन्होंने बताया कि संसदीय विद्यापीठ द्वारा युवा संसद, निबंध और वाद विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं. विद्यार्थियों को दिल्ली का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया. विभिन्न गतिविधियों से संसदीय ज्ञान-वृद्धि का लाभ छात्र-छात्राओं, शिक्षकों को मिला.

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