मध्यप्रदेश में 8 सितंबर को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में नगरीय निकायों में लंबित जलकर और सम्पत्तिकर के प्रकरणों का निराकरण परस्पर सहमति के आधार पर किया जाएगा. राज्य सरकार द्वारा लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों के निराकरण में सरचार्ज (अधिभार) की छूट प्रदान करने के निर्देश दिए गये हैं.
म.प्र. नगरपालिक निगम अधिनियम 1956 और नगरपालिक अधिनियम 1961 की धाराओं के तहत सम्पत्तिकर में कर और अधिभार 50 हजार रुपये तक होने पर तथा जलकर और अधिभार 10 हजार रुपये तक बकाया होने पर सम्पत्तिकर में अधिभार की 100 प्रतिशत छूट तथा जलकर में दोनों प्रकार की छूट प्रदान की जाएगी. सम्पत्तिकर में कर और अधिभार 50 हजार से एक लाख रुपये तक लंबित होने पर मात्र अधिभार में 50 प्रतिशत तथा जलकर 10 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक लंबित होने पर मात्र अधिभार में 75 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी.
सम्पत्तिकर के कर तथा अधिभार की राशि एक लाख रुपये से अधिक होने पर अधिभार में 25 प्रतिशत छूट तथा जलकर में कर तथा अधिभार की राशि 50 हजार से अधिक बकाया होने पर मात्र अधिभार में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी. यह छूट एक बार ही दी जाएगी. छूट उपरांत राशि अधिकतम 2 किश्तों में जमा करवायी जा सकती है. यह छूट वित्तीय वर्ष 2017-18 की बकाया राशि पर ही दी जाएगी.
म.प्र. नगरपालिक निगम अधिनियम 1956 और नगरपालिक अधिनियम 1961 की धाराओं के तहत सम्पत्तिकर में कर और अधिभार 50 हजार रुपये तक होने पर तथा जलकर और अधिभार 10 हजार रुपये तक बकाया होने पर सम्पत्तिकर में अधिभार की 100 प्रतिशत छूट तथा जलकर में दोनों प्रकार की छूट प्रदान की जाएगी. सम्पत्तिकर में कर और अधिभार 50 हजार से एक लाख रुपये तक लंबित होने पर मात्र अधिभार में 50 प्रतिशत तथा जलकर 10 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक लंबित होने पर मात्र अधिभार में 75 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी.
सम्पत्तिकर के कर तथा अधिभार की राशि एक लाख रुपये से अधिक होने पर अधिभार में 25 प्रतिशत छूट तथा जलकर में कर तथा अधिभार की राशि 50 हजार से अधिक बकाया होने पर मात्र अधिभार में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी. यह छूट एक बार ही दी जाएगी. छूट उपरांत राशि अधिकतम 2 किश्तों में जमा करवायी जा सकती है. यह छूट वित्तीय वर्ष 2017-18 की बकाया राशि पर ही दी जाएगी.
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