राज्य के चिकित्सा शिक्षकों ने 9 जनवरी से काम बंद करने की चेतावनी शासन को दी है. चिकित्सा शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. विजयलक्ष्मी साधौ से मुलाकात भी की, मगर बात नहीं बनी.
राज्य के सभी शासकीय मेडिकल कालेजों से जुड़े चिकित्सा शिक्षकों ने इस्तीफा देने पर अड़े हुए हैं. ये शिक्षक अपनी लंबित मांगों को लेकर बार-बार शासन से चर्चा कर रहे थे, मगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुई. शिक्षकों का कहना है कि समयबद्ध पदोन्नति समेत अन्य मांगों पर सरकार का कोई उचित जवाब नहीं मिला है. अपनी मांगों को लेकर प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कालेजों के चिकित्सा शिक्षक सामूहिक रूप से इस्तीफे देने के लिए अड़े थे. राज्य के जनसंपर्क मंत्री पी.सी.शर्मा एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. विजय लक्ष्मी साधौ और चिकित्सा शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के बीच हुई बैठक में कोई स्पष्ट जवाब ना मिलने पर चिकित्सा शिक्षकों के संघ ने कालेजों के डीन को सामूहिक रूप से इस्तीफा सौंपने की बात कही है साथ ही 9 जनवरी से काम बंद करने की चेतावनी भी दी है. इस संबंध में संघ के प्रांताध्यक्ष डा. सुनील अग्रवाल ने बताया कि मरीजों को होने वाली परेशानी को देखते हुए सामूहिक रुप से इस्तीफा देने की बात सरकार से महीने भर पहले ही की जा चुकी है, अब सरकार को ही मरीजों के इलाज की व्यवस्था करनी होगी. दरअसल प्रदेश के सरकारी चिकित्सा कालेजों के शिक्षकों की सरकार से मांग थी कि सातवें वेतन आयोग के तहत मिलने वाले वेतन और भत्तों में आने वाली विसंगतियों को दूर करे जिसके लिए शिक्षक संघ का कहना है कि सरकार इस संबंध में स्पष्ट नीति बनाए ताकि, इसका लाभ हमें मिल सके.
गौरतलब है कि बीते दिन प्रदेश मंत्रालय में चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ, प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला की अध्यक्षता में प्रदेश के मेडिकल कालेजों के शिक्षकों के संघ के अध्यक्षों के बीच इस संबंध में लेकर बैठक की गई थी, जिसमें मंत्री ने कहा कि हम आपकी मांगों पर विचार कर रहे हैं. आंदोलन को लेकर जल्बाजी मत करिए. मंत्री के आश्वासन के बाद भी अब तक चिकित्सा शिक्षकों की मांग पूरी नहीं हुई जिससे शिक्षकों ने इस्तीफा देने की बात कही है.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें