मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार राज्य के ट्रेफिक नियमों में बदलाव करने जा रही है. परिवहन विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है. कैबिनेट की मंजूरी के बाद ये नियम प्रदेश में लागू कर दिए जाएंगे.
राज्य सरकार ट्रेफिक नियमों में बदलाव करने की तैयारी कर चुकी है. परिवहन विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर नई दरों का प्रारुप तैयार कर लिया है, जिसे जल्द की कैबिनेट में लाया जाएगा. कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह नियम प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा. प्रदेश सरकार के परिवहन विभाग ने ट्रेफिक नियमों में उल्लंघन करने पर जुर्माने की रािश और नियमों में बदलाव करते हुए नई दरों के साथ प्रस्ताव तैयार किया है, जो केन्द्र सरकार के नियमों से बिल्कुल अलग है. केन्द्र सरकार ने कुछ महीनों पूर्व ही नए मोटरयान एक्ट के तहत ट्रेफिक नियमों के उल्लंघन से जुड़े नियमों और जुर्माने की राशि जारी की थी, जिसमें जुर्माने की रािश को काफी बढ़ाया गया था, जिसके बाद इस कानून के लागू होने से आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था, इसका खासा विरोध भी हुआ था. हालांकि प्रदेश सरकार ने केन्द्र के इस नियम को प्रदेश में लागू नहीं किया था. परिहवन आयुक्त व्ही मधुकुमार ने बताया कि विभाग ने नया प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे कैबिनेट में पेश किया जाएगा, इसके बाद मंजूरी मिलने पर इसे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा.
महंगाई को देख लिया यह फैसला
राज्य के जनसंपर्क मंत्री पी.सी.शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा ट्रेफिक नियमों में बदलाव करने की वजह देश और प्रदेश में बढ़ती हुई महंगाई है. मोदी सरकार के राज में रोजगार नहीं है, इस प्रकार से जुर्माने की राशि बढ़ाने पर लोग इसे चुका नहीं पाएंगे. इस बात को ध्यान में रखते हुए नियमों में बदलाव किया गया है.
कांग्रेस नहीं चाहती अनुशासन
भाजपा नेता और विधायक विश्वास सारंग ने कहा कि कांग्रेस खुद अनुशासनहीनता करती है. वह अनुशासनहीन पार्टी है, इसलिए जनता में अनुशासन नहीं फैलाना चाहती है, इसलिए मामूली जुर्माना रख रही है. जबकि मोदी सरकर ने भारी जुर्माना इसलिए रखा ताकि उसके डर से लोग नियमों का पालन शुरु करें और दुर्घटना में कमी लाई जा सके.
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