सेवादल प्रमुख ने कहा कि बुकलेट में सारी बातें एक पुस्तक का संदर्भ देकर लिखी
कांग्रेस सेवादल की तरफ से बांटी गई बुकलेट में वीर सावरकर की गई टिप्पणी पर विवाद गहर गया है. भाजपा ने इसे लिए कहा कि कांग्रेस की मतिभ्रम हो गई है, इसलिए राष्ट्रभक्तों का वह अपमान कर रही है. हालांकि सेवादल प्रमुख लालजी देसाई ने विवाद को आधारहीन बताया और कहाकि बुकलेट में सारी बातें एक पुस्तक के संदर्भ देकर लिखी गई है.
राजधानी भोपाल में कांग्रेस सेवादल के 11 दिवसीय शिविर होने के साथ ही सेवादल की ओर से एक बुकलेट ‘वीर सावरकर कीतने वीर’ वितरित की गई. इस बुकलेट में वीर सावरकर को लेकर आपत्तिजनक बातों के उल्लेख किए जाने की बात भी सामने आए, जो विवाद का विषय बन गई. बुकलेट में इस बात का भी दावा किया गया है कि सावरकर ने अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं पर यौन हिंसा को बढ़ावा दिया और मुस्लिमों की मौत पर उत्सव मनाते थे. पुस्तिका में यह दावा भी है कि अंडमान की सेल्यूलर जेल से रिहा होने के बाद सावरकर ने अंग्रेजों से पैसे तक लिए थे.
बेवजह पैदा किया जा रहा विवाद: देसाई
विवाद पर सेवादल के लालजी देसाई का कहना है कि सावरकर पर की गई टिप्पणियां डोमिनिक लेपियर और लैरी कालिन्स की किताब 'फ्रीडम ऐट मिडनाइट' से सीधे ली गई है. उन्होंने कहा कि फ्रीडम ऐट मिडनाइट' में लिखा है कि ब्रह्मचर्य धारण करने से पहले गोडसे का अपने राजनीतिक गुरु सावरकर से समलैंगिक संबंध था. देसाई ने कहा कि 'बेवजह विवाद पैदा किया जा रहा है. यह बुकलेट एक साल से ज्यादा समय से सकुर्लेशन में है और जिस चीज को लेकर विवाद है वह एक प्रसिद्ध किताब से ली गई है. उन्होंने कहा कि मैं केवल इतना कह सकता हूं कि हमने आरएसएस को प्रतिक्रिया देने के लिए बाध्य कर दिया है. उन्होंने कहा कि यह बुकलेट हमारे कैडरों के लिए है.
राष्ट्रभक्ति की परंपरा को अपमानित करने वाले हैं विचार
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद राकेश सिंह ने कांग्रेस सेवा दल के कार्यक्रम में स्वातंत्रय वीर सावरकर को लेकर बांटे गए साहित्य पर गंभीर प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा है कि कांग्रेस मतिभ्रम के दौर से गुजर रही है. वह समझ नहीं पा रही कि किसका विरोध करें और किसका समर्थन करें. इस दौर में कांग्रेस के नेता उन राष्ट्रभक्तों को निशाना बनाने से नहीं चूक रहे जो राष्ट्रभक्त विशेष रूप से बहुसंख्यक आबादी के हितचिंतक रहे हैं. इतिहास में ऐसा कोई उदाहरण नहीं मिलता कि अंग्रेजों की गुलामी का विरोध करने के कारण दामोदर सावरकर और उनके सगे भाई वर्षों तक एक ही जेल में रहें और दोनों को एक दूसरे की जानकारी नहीं थी.
वीर सावरकर मुस्लिम विरोधी थे तो कांग्रेस मुस्लिम भक्त है?
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस लगातार वीर सावरकर की छवि को बिगाड़ने का प्रयास करती रही है और अब उसने उन्हें मुस्लिम विरोधी बताकर नया पैंतरा खेला है. कांग्रेस को देश की जनता के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि अगर वीर सावरकर मुस्लिम विरोधी थे, तो क्या कांग्रेस मुस्लिम भक्त है? शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ इतिहास से खिलवाड़ ही नहीं करती रही है, बल्कि उसने देश का सही इतिहास बनने ही नहीं दिया. वीर सावरकर तो कुछ दशक पहले ही हुए थे, लेकिन कांग्रेस ने तो गुरु गोविंदसिंह, महाराणा प्रताप और वीर शिवाजी जैसे इतिहास पुरुषों के साथ भी अन्याय किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जहां अकबर को महान बताकर महाराणा प्रताप की राष्ट्रभक्ति और वीरता पर पर्दा डालने का काम किया है, वहीं औरंगजेब को इतिहास में जगह देकर वीर शिवाजी को पीछे धकेलने का काम किया है.
कांग्रेस सेवादल की तरफ से बांटी गई बुकलेट में वीर सावरकर की गई टिप्पणी पर विवाद गहर गया है. भाजपा ने इसे लिए कहा कि कांग्रेस की मतिभ्रम हो गई है, इसलिए राष्ट्रभक्तों का वह अपमान कर रही है. हालांकि सेवादल प्रमुख लालजी देसाई ने विवाद को आधारहीन बताया और कहाकि बुकलेट में सारी बातें एक पुस्तक के संदर्भ देकर लिखी गई है.
राजधानी भोपाल में कांग्रेस सेवादल के 11 दिवसीय शिविर होने के साथ ही सेवादल की ओर से एक बुकलेट ‘वीर सावरकर कीतने वीर’ वितरित की गई. इस बुकलेट में वीर सावरकर को लेकर आपत्तिजनक बातों के उल्लेख किए जाने की बात भी सामने आए, जो विवाद का विषय बन गई. बुकलेट में इस बात का भी दावा किया गया है कि सावरकर ने अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं पर यौन हिंसा को बढ़ावा दिया और मुस्लिमों की मौत पर उत्सव मनाते थे. पुस्तिका में यह दावा भी है कि अंडमान की सेल्यूलर जेल से रिहा होने के बाद सावरकर ने अंग्रेजों से पैसे तक लिए थे.
बेवजह पैदा किया जा रहा विवाद: देसाई
विवाद पर सेवादल के लालजी देसाई का कहना है कि सावरकर पर की गई टिप्पणियां डोमिनिक लेपियर और लैरी कालिन्स की किताब 'फ्रीडम ऐट मिडनाइट' से सीधे ली गई है. उन्होंने कहा कि फ्रीडम ऐट मिडनाइट' में लिखा है कि ब्रह्मचर्य धारण करने से पहले गोडसे का अपने राजनीतिक गुरु सावरकर से समलैंगिक संबंध था. देसाई ने कहा कि 'बेवजह विवाद पैदा किया जा रहा है. यह बुकलेट एक साल से ज्यादा समय से सकुर्लेशन में है और जिस चीज को लेकर विवाद है वह एक प्रसिद्ध किताब से ली गई है. उन्होंने कहा कि मैं केवल इतना कह सकता हूं कि हमने आरएसएस को प्रतिक्रिया देने के लिए बाध्य कर दिया है. उन्होंने कहा कि यह बुकलेट हमारे कैडरों के लिए है.
राष्ट्रभक्ति की परंपरा को अपमानित करने वाले हैं विचार
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद राकेश सिंह ने कांग्रेस सेवा दल के कार्यक्रम में स्वातंत्रय वीर सावरकर को लेकर बांटे गए साहित्य पर गंभीर प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा है कि कांग्रेस मतिभ्रम के दौर से गुजर रही है. वह समझ नहीं पा रही कि किसका विरोध करें और किसका समर्थन करें. इस दौर में कांग्रेस के नेता उन राष्ट्रभक्तों को निशाना बनाने से नहीं चूक रहे जो राष्ट्रभक्त विशेष रूप से बहुसंख्यक आबादी के हितचिंतक रहे हैं. इतिहास में ऐसा कोई उदाहरण नहीं मिलता कि अंग्रेजों की गुलामी का विरोध करने के कारण दामोदर सावरकर और उनके सगे भाई वर्षों तक एक ही जेल में रहें और दोनों को एक दूसरे की जानकारी नहीं थी.
वीर सावरकर मुस्लिम विरोधी थे तो कांग्रेस मुस्लिम भक्त है?
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस लगातार वीर सावरकर की छवि को बिगाड़ने का प्रयास करती रही है और अब उसने उन्हें मुस्लिम विरोधी बताकर नया पैंतरा खेला है. कांग्रेस को देश की जनता के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि अगर वीर सावरकर मुस्लिम विरोधी थे, तो क्या कांग्रेस मुस्लिम भक्त है? शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ इतिहास से खिलवाड़ ही नहीं करती रही है, बल्कि उसने देश का सही इतिहास बनने ही नहीं दिया. वीर सावरकर तो कुछ दशक पहले ही हुए थे, लेकिन कांग्रेस ने तो गुरु गोविंदसिंह, महाराणा प्रताप और वीर शिवाजी जैसे इतिहास पुरुषों के साथ भी अन्याय किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जहां अकबर को महान बताकर महाराणा प्रताप की राष्ट्रभक्ति और वीरता पर पर्दा डालने का काम किया है, वहीं औरंगजेब को इतिहास में जगह देकर वीर शिवाजी को पीछे धकेलने का काम किया है.

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