मंगलवार, 31 जुलाई 2018

शहडोल के कोतमा में सबसे कम मतदाता


मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में इस बार कुल 4 करोड़ 94 लाख 42 हजार मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे. जो 2013 के विधानसभा चुनाव की तुलना में 28 लाख ज्यादा हैं. प्रदेश में सबसे ज्यादा 3,56, 879 मतदाता इंदौर 5 विधानसभा क्षेत्र में हैं, सबसे कम मतदाता शहडोल की कोतमा विधानसभा में 1,45,783 हैं. प्रदेश में 4,60,000 निशक्तजन मतदाता है.
प्रदेश में प्रति विधानसभा औसत मतदाताओं की संख्या 2,14,969 है. बालाघाट की मैहर विधानसभा में 1000 पुरुषों की तुलना में 1008 महिला मतदाता है जबकि भिंड की मेहगांव विधानसभा में 1000 पुरुषों पर 765 महिलाएं पंजीकृत हैं. प्रदेश में इस साल चुनाव 65340 मतदान केंद्रों पर होगा. ग्रामीण क्षेत्रों के मतदान केंद्रों में औसत मतदाताओं की संख्या 1208 शहरी क्षेत्र में 1400 रखी गई है. 
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वी एल कांता राव ने बताया कि 30 जून 2018 तक 18 साल के सभी युवा मतदाताओं को इस बार मतदाता सूची से जोड़ने का काम किया गया है. लगभग एक करोड़ 18 लाख घरों का सर्वे किया गया जिसमें 51,00000 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इसमें 11,45000 नए मतदाता जोड़ने के आवेदन मिले हैं तो 25 लाख आवेदन नाम हटाने के लिए प्राप्त हुए हैं बाकी आवेदन नाम व स्थान परिवर्तन के लिए प्राप्त हुए हैं. 51,283 सेवा मतदाता के नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं. इन सभी को इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट के द्वारा मतदान कराया जाएगा इसके लिए सभी विभागों में विशेष अधिकारी बनाए गए हैं. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के सामने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और वीवीपैट का किया गया. प्रदर्शन कांग्रेस और भाजपा के पदाधिकारियों ने वोट डालकर वीवीपैट की कार्यप्रणाली देखी.




अदालत की तीसरी मंजिल से गिरा वकील, हो गई मौत


राजधानी भोपाल की जिला अदालत में आज मंगलवार दोपहर उस समय अफरा तफरी मच गई जब एक एडवोकेट कोर्ट परिसर की तीसरी मंजिल से नीचे जा गिरा. 
 मिली जानकारी के अनुसार भोपाल कोर्ट के मेनगेट के ठीक ऊपर की तीसरी मंजिल से गिरने के कारण एडवोकेट अनिल राजन बुरी तरह घायल हुए थे. घायल अवस्था में एडवोकेट अनिल राजन को इलाज के लिए शासकीय जेपी अस्पताल पहुंचाया गया. अस्पताल में इलाज के दौरान एडवोकेट अनिल राजन की मौत हो गई.  राजन की अदालत परिसर से कूदे जाने के मामले में अलग-अलग लोग अलग-अलग बातें कर रहे हैं. एक एडवोकेट का कहना है कि अनिल राजन गुटखा थूकने के बहाने खिड़की की तरफ झुके और अनियंत्रित होकर जमीन पर जा गिरे. 
दूसरे एडवोकेट ने बताया कि अनिल राजन खिड़की बंद होने का सोचकर पीछे से उस पर टिकने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कांच खुला होने के कारण वह नीचे गिर गए. किसी अन्य का कहना है कि अनिल राजन को धक्का देकर नीचे गिराया गया है. अब इन बातों में कितनी सच्चाई है, इस बात का पता पुलिस जांच में लग पाएगा. महाराणा प्रताप नगर थाना टीआई उपेन्द्र भाटी ने  बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है. जांच के आधार पर ही इस बात की पुष्टि हो पाएगी की एडवोकेट अनिल तीसरी मंजिल से स्वयं कूदे हैं, या फिर उन्हें धक्का दिया गया है. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा.

गांव का स्कूल बना स्वच्छता की मिसाल

मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले में चन्द्रशेखर आजाद नगर विकासखंड की ग्राम पंचायत कालियावाव के प्राथमिक विद्यालय-सुतार फलिया का नजारा बदला हुआ है. अब न स्कूल में कीचड़ है और न गंदगी. स्कूल के बच्चों के प्रयास से यह प्राथमिक विद्यालय स्वच्छता की मिसाल बन गया है. स्कूली बच्चों और आसपास के ग्रामीणों के परिश्रम से स्कूल परिसर में स्वच्छता की नई तस्वीर नजर आने लगी है.  
स्वच्छता को लेकर एक दिन गाँव में बैठक आयोजित की गई, जिसमें गंदगी वाले स्थानों को चिन्हित कर सफाई करने का निर्णय लिया गया. स्कूली शिक्षकों और बच्चों को लगा कि सबसे अधिक गंदगी स्कूल के हैंडपम्प के बहते पानी के कारण हो रही है. संभी ने मिलकर पास ही निमार्णाधीन मकान से सीमेंट और रेत की व्यवस्था कर पानी की निकासी के लिए नाली बना दी. जिस हैंड पम्प का पानी यहाँ-वहाँ फैल कर कीचड़ और गंदगी करता था, अब वह नियत स्थान पर पहुँचने लगा है. इससे हैंड पम्प के पास कीचड़ और गंदगी समाप्त हो गई है. इस प्रयास से स्कूली बच्चों को काफी राहत मिली. 
स्कूल में ही पढ़ने वाली नन्हीं लक्ष्मी, सुनीता और गीता बताती हैं कि पहले कीचड़ और गंदगी के कारण परेशान होना पड़ता था. हम सभी ने मिलकर स्कूल परिसर में स्वच्छता का अभियान चलाया. इससे आज हमें कीचड़ और गंदगी की परेशानी से निजात मिल गई है. इस छोटी-सी लेकिन महत्वपूर्ण पहल का ग्रामीण भी पूरा समर्थन करने लगे हैं. उनका स्कूल स्वच्छता की मिसाल बन गया है.

मध्यप्रदेश के ग्रामीण अंचलों में स्वच्छ सर्वेक्षण आज से

गोपाल भार्गव 
ग्रामीण विकास मंत्री ने ग्रामीणों से की भागीदारी की अपील
स्वच्छ भारत मिशन में शहरी क्षेत्र की तर्ज पर अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 करवाया जायेगा. यह सर्वेक्षण एक अगस्त से 31 अगस्त, 2018 तक होगा. पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने निर्देश दिये हैं कि सर्वेक्षण की तिथियों का ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये. उन्होंने ग्रामीणों से सर्वेक्षण में बढ़-चढ़कर भागीदारी की अपील की है.
पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय द्वारा पूरे देश के 680 जिलों में थर्ड पार्टी सर्वेक्षण करवाया जायेगा. इसी क्रम में मध्यप्रदेश के 51 जिलों चुनिंदा 510 ग्रामों का रेण्डमली चयन कर यह सर्वेक्षण करवाया जायेगा. इसमें भारत सरकार द्वारा निर्धारित एजेंसी द्वारा चयनित ग्रामों में स्वच्छता अभियान में करवाये गये कार्यों की गुणात्मकता और संख्यात्मकता का परीक्षण किया जायेगा. स्वच्छ सर्वेक्षण तीन तरह से किया जायेगा. इसमें 35 प्रतिशत अंक सिटीजन फीडबैक से, 35 प्रतिशत अंक सर्विस लेवल प्रोग्रेस तथा 30 प्रतिशत अंक सर्वेक्षण एजेंसी द्वारा मूल्यांकित किया जायेगा.
सर्वेक्षण मूल्यांकन के लिये एजेंसी गाँव के सार्वजनिक स्थान यथा स्कूल, आँगनवाड़ी, स्वास्थ्य केन्द्र, हाट-बाजार, धार्मिक स्थल होंगे. इन स्थानों की साफ-सफाई की स्थिति और व्यवस्था का जायजा लिया जाएगा. इसमें ग्राम के महत्वपूर्ण व्यक्तियों की राय भी ली जायेगी. सर्वेक्षण में प्राप्त अंकों के आधार पर देश और प्रदेश की रैंकिंग की जायेगी. टॉप के जिलों को भारत सरकार द्वारा 2 अक्टूबर, 2018 को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जायेगा. प्रदेश में सर्वेक्षण के प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन के लिये तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं.

औंकारेश्वर से चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे राहुल गांधी


मध्यप्रदेश के औकारेंश्वर से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी प्रदेश में चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे. अभियान की शुरुआत सितंबर माह में की जाएगी.
राहुल गांधी की अध्यक्षता में आज दिल्ली में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया. बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया, समन्वय समिति के अध्यक्ष दिग्विजयसिंंह,  नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह उपस्थित थे. बैठक में प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के समर्थकों के बीच चल रही गुटबाजी पर भी चर्चा की गई और नेताओं को हिदायत दी कि समर्थकों को चुनाव के कार्य में लगाएं. 
उल्लेखनीय है कि बावरिया के साथ रविवार को रीवा में जो घटना घटी उसे राहुल गांधी ने गंभीरता से लिया और सभी नेताओं को दिल्ली तलब किया था. हालांकि नेताओं का कहना है कि आज की बैठक में चुनाव अभियान और बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर चर्चा हुई है. इस घटना पर कोई चर्चा नहीं हुई. वहीं सूत्रों की माने तो  राहुल गांधी ने सभी नेताओं को अपने समर्थकों को एकजुट होकर वरिष्ठों का सम्मान करने और कांग्रेस के पक्ष में काम करने को कहा है. सूत्रों की माने तो बावरिया के साथ घटी घटना में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का नाम आया है. बताया जा रहा है कि इन पर यूथ कांग्रेस जल्द ही कार्रवाई करने वाला है.

मध्यप्रदेश में 47 नये राजस्व उपखण्ड गठित


राज्य शासन द्वारा प्रदेश में 47 नये राजस्व उपखण्ड गठित किये गये हैं.नव-गठित उपखण्डों के लिये पद भी स्वीकृत कर दिये गये हैं.
जिला ग्वालियर में भितरवार, घाटीगाँव, गुना में आरोन, अशोक नगर में ईसागढ़, विदिशा में नटेरन, ग्यारसपुर, सीहोर में नसरुल्लागंज, इछावर, राजगढ़ में सारंगपुर, खिलचीपुर-जीरापुर, ब्यावरा, आगर-मालवा में सुसनेर, खरगोन में भीकनगाँव, खण्डवा में पंधाना, बड़वानी में राजपुर, अलीराजपुर में चन्द्रशेखर आजाद नगर, सोंडवा, धार में बदनावर, सरदारपुर, होशंगाबाद में इटारसी, पिपरिया, सिवनी मालवा, हरदा में खिरकिया, टिमरनी, बैतूल में शाहपुर, सागर में केसली, मालथौन, पन्ना में शाहनगर, गुन्नौर, छतरपुर में बड़ा मलेहरा, कटनी में बहोरीबंद, नरसिंहपुर में गोटेगाँव, सिवनी में कुरई, बरघाट, बालाघाट में लांजी, रीवा में हनुमना, मनगवां, सीधी में मझौली, सिंहावल, सतना में उचेहरा, सिंगरौली में चितरंगी, माड़ा, शहडोल में जैतपुर, जयसिंहनगर, उमरिया में मानपुर, पाली और जबलपुर में कुण्डम उपखण्ड स्वीकृत किये गये हैं.

महीने के पहले मंगलवार को मनेगा राजस्व दिवस



मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रत्येक माह के प्रथम मंगलवार को राजस्व दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है. राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने और नागरिकों को समय पर सुविधाएँ उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है.
राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने जानकारी दी हैं कि प्रदेश में सभी राजस्व न्यायालयों में एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों की सूची तैयार कर आपसी सहमति से निराकृत करने के प्रयास किये जायेंगे.यदि आपसी सहमति से निराकृत नहीं हो पाते हैं, तो 10 दिन में तिथि निर्धारित कर गुण-दोष के आधार पर प्रकरण निराकृत करने के निर्देश दिये गये हैं.इसका उद्देश्य एक वर्ष से अधिक समय के सभी प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करना है.नामांतरण, बँटवारा और सीमांकन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा राजस्व दिवस में की जायेगी.जिन प्रकरणों में स्थल निरीक्षण जरूरी है, उनमें तिथि निर्धारित कर शीघ्र निरीक्षण करवाया जायेगा.राजस्व दिवस पर एक माह से अधिक की समयावधि से लंबित प्रत्येक प्रकरण का संक्षिप्त प्रतिवेदन लिया जायेगा.त्वरित निराकरण वाले राजस्व मामले जैसे आदेशों की प्रविष्टि पोर्टल पर करना, खसरा/नक्शा/राजस्व प्रकरण की नकल देना, ऋण पुस्तिका प्रदान की जाना, प्रमाण-पत्र बनाया जाना आदि प्रकरणों का निराकरण राजस्व दिवस के दिन ही करें.पीठासीन अधिकारियों द्वारा विगत माह में राजस्व प्रकरणों में पारित आदेशों के अमल की समीक्षा की जाएगी.
प्रत्येक राजस्व दिवस पर सभी पीठासीन अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत सी.एम. हेल्पलाइन के 5 प्रकरण, जिनमें आवेदक द्वारा असंतुष्टि दर्ज कराई गई है, की व्यक्तिगत सुनवाई करेंगे.कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि राजस्व दिवस पर सभी पीठासीन अधिकारियों एवं अधीनस्थ राजस्व अमले को अन्य सभी कार्यों से मुक्त रखा जाये.राजस्व दिवस पर सभी राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी बस्ता सहित तहसील मुख्यालय पर उपस्थित रहेंगे. किसी भी नागरिक का कार्य तहसील या अनुविभाग कार्यालय में लंबित हो, तो वह राजस्व दिवस पर उपस्थित होकर आवेदन कर सकेगा.आवेदनों के निराकरण की जानकारी आवेदक को अनिवार्य रूप से दी जाएगी.
राजस्व दिवस की प्राथमिकताएं एवं लक्ष्य
* तहसील, अनुविभाग अंतर्गत विगत माह की राजस्व विभाग संबंधी समस्याओं का निराकरण.
* निराकरण संभव होने के बाद भी लंबित रहने वाले प्रकरणों का चिन्हांकन.
* एक माह से अधिक लंबित सामान्य प्रकरणों का निराकरण. 
* सी.एम. हेल्पलाइन में लंबित एवं असंतुष्टि वाले प्रकरणों में शिकायतकर्ता से समक्ष में चर्चा कर समाधान करना. 
* राजस्व दिवस पर प्राप्त आवेदन-पत्रों का निराकरण करना.
* राजस्व विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी देना.
* राजस्व संबंधी कार्यों में विश्वसनीयता और गुणवत्ता बढ़ाना. 

मोस्ट वांटेड कछुआ तस्कर मुर्गेसन सागर में भुगत रहा है सजा


बांग्लादेश के ढाका में हुई बैठक में इन्टरपोल ने मोस्ट वांटेड अन्तर्राष्ट्रीय कछुआ तस्कर मुर्गेसन मनिवन्नम की गिरफ्तारी और सजा पर भारत की सराहना की है.इन्टरपोल ने मध्यप्रदेश एसटीएफ (वन्य प्राणी) की ओर से प्रतिनिधि श्री रितेश सिरोठिया से मुर्गेसन के विरुद्ध जारी किये गये थाईलैण्ड न्यायालय के गिरफ्तारी और अन्य संवेदनशील दस्तावेज साझा किये.मुर्गेसन को रेडकार्नर नोटिस के बाद थाईलैंड ले जाया जाएगा.बैठक अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कछुओं की तस्करी पर प्रभावी रोकथाम लगाने के लिये की गई.
कई देशों में मोस्ट वांटेड मुर्गेसन को मध्यप्रदेश की टीम ने 30 जनवरी 2018 को चैन्नई से गिरफ्तार कर सागर के विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया था.मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने उसकी जमानत खारिज कर दी थी.मुर्गेसन तभी से सागर जेल में सजा काट रहा है. इन्टरपोल ने इतने बड़े शातिर अपराधी को सफलतापूर्वक बंदी बनाने के लिये भी भारत (मध्यप्रदेश एसटीएफ) को बधाई दी.इन्टरपोल, बाँग्लादेश, मलेशिया, थाईलैंड आदि कई देशों की कानून प्रर्वतन संस्थाओं, भारत के वाइल्ड लाईफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो, अन्य राज्यों की पुलिस और वन विभाग को लम्बे समय से मुर्गेसन की तालाश थी.मुर्गेसन दुनिया में दुर्लभ प्रजाति के कछुए की तस्करी में तीसरे नम्बर पर काबिज है. सिंगापुर में रहने वाले मुर्गेसन का अवैध व्यापार सिंगापुर, थाईलैंड, मलेशिया, मकाऊ, हॉगकांग, चीन और मेडागास्कर में फैला है.
अन्तर्राष्ट्रीय वन्य प्राणी तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने में मुर्गेसन की गिरफ्तारी काफी महत्वपूर्ण है.मुर्गेसन को इसके पहले 27 अगस्त 2012 को करीब 900 दुर्लभ प्रजाति के कछुओं के साथ बैंकाक एयर पोर्ट से पकड़ा गया था.उस समय वह गैर-कानूनी तरीके से छूटने में कामयाब हो गया था.मध्यप्रदेश एसटीएफ ने मुर्गेसन के विरुद्ध थाईलैंड और अन्य देशों में अपराधिक रिकार्ड संबंधी जानकारी माँगी थी.इस पर इन्टरपोल ने त्वरित कार्यवाही करते हुए संबंधित दस्तावेज साझा किये.
वन्य प्राणी एसटीएफ इन दस्तावेजों को विधिक सलाह के बाद न्यायालय में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत कर प्रकरण के त्वरित निपटारे के लिये आवेदन करेगा.इससे मुर्गेसन को थाईलैंड की संबंधित कानून प्रवर्तन संस्था को सौंपकर उनके देश में लंबित प्रकरणों के निपटारे के लिये सौंपा जा सकेगा.

मध्यप्रदेश में चौथी बार बनेगी भाजपा की सरकार

 कांग्रेस अखबार नेशनल हेराल्ड में प्रकाशित सर्वे में किया खुलासा

मध्यप्रदेश में शिवराज के नेतृत्व में भाजपा चौथी बार सरकार बनाएगी. कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन का असर तो भाजपा पर दिखाई देगा, मगर उसे सरकार बनाने से रोक नहीं पाएगा.
यह खुलासा कांग्रेस के अखबार नेशनल हेराल्ड में प्रकाशित एक सर्वे में हुआ है. यह सर्वे आईटेक ग्रुप तमिलनाडु स्थित स्पीक मीडिया द्वारा कराया गया. सर्वे राज्य की सभी 230 विधानसभा सीटों पर कराया गया है.  एक विधानसभा क्षेत्र में 1 हजार मतदाताओं से पूछताछ कर सर्वे किया गया है. सर्वे के मुताबिक राज्य में भाजपा चौथी बार सरकार बनाने जा रही है. सर्वे में यह बात सामने आई है कि अगर राज्य में सभी दल बिना गठबंधन किए अपने बूते पर चुनाव मैदान में उतरते हैं तो कांग्रेस सिर्फ 73 सीटों पर सिमट जाएगी, जबकि भाजपा को 147 सीटें मिलने की बात कही गई है. वहीं बसपा को 9 और अन्य के खाते में 1 सीट जाने की बात सर्वे में कही गई है. इसी तरह अगर कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी का गठबंधन होता है तो भाजपा के लिए संकट जरुर पैदा होगा, मगर उसे सरकार बनाने से कोई नहीं रोक पाएगा. सर्वे के अनुसार कांग्रेस गठबंधन के साथ चुनाव लड़ती है तो कांग्रेस, बसपा गठबंधन को राज्य में 103 सीटें मिलने की उम्मीद है. जबकि भाजपा का ग्राफ यहां पर गिर जाएगा और उसके खाते में 126 सीटें आएंगी, मगर सरकार वही बनाएगी. इस स्थिति में भी अन्य के खाते के केवल एक सीट जाना ही सर्वे में सामने आया है. हालांकि स्पीक मीडिया द्वारा कराए गए सर्वे में केवल बसपा और कांग्रेस के गठबंधन की ही बात कही गई है.  कांग्रेस का किसी अन्य दल याने सपा के साथ गठबंधन को शामिल नहीं किया गया है.
उल्लेखनीय है कि स्पीक मैके द्वारा कराए गए सर्वे 16 जून से 20 जुलाई के बीच कराया जाना बताया गया है. यह सर्वे टीम में 239 प्रशिक्षित जांचकर्ता और 270 अनुवादकों की टीम शामिल थी. इसके अलावा राजनीतिक विश्लेषकों को भी टीम में शामिल किया गया था.
मोदी, शिवराज की लोकप्रियता बरकरार
नेशलन हेराल्ड समाचार पत्र में प्रकाशित किए गए इस सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की लोकप्रियता बरकरार है. सर्वे में यह बताया गया कि जिन लोगों से सर्वे के दौरान चर्चा हुई उन्होंने राज्य में बेरोजगारी को लेकर सरकारों के प्रति नाराजगी जताई, मगर वे मोदी, शिवराज को लोकप्रिय बताते हैं. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी मध्यप्रदेश में लोकप्रियता के हिसाब से तीसरे, मायावती चौथे और अमित शाह पांचवें स्थान पर हैं. 

शादी का झांसा देकर युवती से किया बलात्कार


राजधानी के महाराणा प्रताप नगर थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर एक युवती की इज्जत लूटने का मामला सामने आया है. इस मामले की शिकायत महाराणा प्रताप नगर थाने में दर्ज कराई है.
महाराणा प्रताप नगर पुलिस ने बताया कि 24 वर्षीय युवती की शिकायत पर इजराइल नामक युवक के खिलाफ बलात्कार कर जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि इजराइल,  युवती का परिचित है, दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे. इजराइल ने युवती का आश्वासन दिया था कि वह उससे शादी करेगा. शादी का झांसा देकर इजराइल ने युवती के साथ दुष्कर्म भी किया था.  जब युवती ने इजराइल से शादी करने की बात कही, तो वह साफ मुकर गया. जब युवती ने इजराइल पर शादी करने का दबाव बनाया, तो उसने युवती को जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया. इसके बाद युवती ने आरोपी इजराइल के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज करने के बाद से आरोपी इजराइल की तलाश शुरू कर दी है. जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा.
इलाज के दौरान युवक की मौत
राजधानी के टीटी नगर थाना पुलिस पुलिस के अनुसार अर्जुन नगर निवासी विजय वर्मन पिता बुद्धसेन  ने बीते शनिवार को अपने घर में ऐसिड पी लिया था. ऐसिड पीने के बाद विजय की हालत काफी गंभीर हो गई थी. परिजनों ने विजय को इलाज के लिए शासकीय हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां विजय की इलाज के दौरान मौत हो गई. पुलिस का कहना है कि विजय के ऐसिड पीकर खुदकुशी करने के कारण फिलहाल अज्ञात हैं. इस मामले में मर्ग कायम कर मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल भेजा गया है. साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी गई है. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा.

घर में घुसकर बलात्कार कर दी जान से मारने की धमकी


राजधानी  के गांधी नगर थाना क्षेत्र में एक पड़ोसी ने महिला के घर में घुसकर उसका बलात्कार किया है. घटना के बाद महिला ने गांधी नगर थाने पहुंचकर अपनी रिपोर्ट दर्ज कराई है. 
गांधी नगर थाना पुलिस के अनुसार अर्जुन वार्ड निवासी  महिला की शिकायत पर अफसर उर्फ गट्टू के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.  पुलिस का कहना है कि अफसर, महिला का पड़ोसी है.  महिला का आरोप है कि बीते शनिवार को जब वह अपने घर पर अकेली थी, तभी शराब के नशे में धुत होकर आरोपी अफसर उसके घर आ गया.  घर पर दरवाजा बंद करने के बाद आरोपी अफसर ने महिला के साथ बलात्कार किया. बलात्कार की जानकारी किसी को देने पर आरोपी द्वारा महिला को जान से मारने की धमकी भी दी गई.  पुलिस का कहना है कि हिम्मत जुटाकर जब महिला ने अपने साथ हुई ज्यादती की जानकारी पति को दी, तो पति ने थाने पहुंचकर महिला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई.  पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज करने के बाद से आरोपी अफसर उर्फ गट्टू की तलाश शुरू कर दी है,  जल्द ही आरोपी को हिरासत में लिया जाएगा.
सूने आवास से चोरी
हबीबगंज थाना पुलिस ने बताया कि धर्मराज अहिरवार निवासी झुग्गी नंबर 175 मीरा नगर, की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि  धर्मराज बीते दिनों अपनी झुग्गी पर ताला लगाकर परिवार के साथ शहर से बाहर गए हुए थे. बीती रात को जब वह वापस भोपाल लौटे, तो उन्हें अपने घर में हुई चोरी का पता चला.  पुलिस का कहना है कि चोरों ने मकान में रखे सोने-चांदी के आभूषण समेत करीब 60 हजार रुपए कीमत का सामान चुराया है. मामला दर्ज करने के बाद से अज्ञात चोरों की तलाश शुरू कर दी गई है.

सोमवार, 30 जुलाई 2018

महिलाओं ने शुरु किया अपना सुहाना कैफे

 पहले दिन किया 400 रुपए का व्यवसाय 
 मध्यप्रदेश के गुना जिले के  बजरंगगढ़ की सुहाना महिला स्व सहायता समूह अब जिला कार्यालय परिसर में चलाएंगी अपना सुहाना कैफे. इसका विधिवत शुभारंभ कलेक्टर  विजय दत्ता की उपस्थिति में रिबिन काट कर एवं पूजा अर्चन उपरांत किया. जिला प्रशासन द्वारा नवाचार के तौर पर प्रारंभ कराई गई जिले में किसी महिला स्व सहायता समूह द्वारा संचालित यह पहला कैफे है.
   इस अवसर पर उन्होंने समूह की महिला सदस्यों से कैफे में स्वच्छता रखने, प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने, ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में नहीं पड़ने तथा गुणवत्ता से समझौता नहीं करने समझाईस भी दी. उन्होंने कहा कि अच्छे से काम करें. कैफे का प्रबंधन बेहतर तरीके से करें. कार्य अच्छा और गुणवत्तापूर्ण होने पर जिला प्रशासन पूरी मदद करेगा. मध्यप्रदेश दीन दयाल अन्त्योदय योजना राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की बजरंग गढ की सुहाना स्व सहायता समूह की सदस्य भी अपनी कैफे के शुरू होने से काफी उत्साहित दिखीं और पूरी लगन से अपने इस नए व्यवसाय की प्रगति के लिए कोई कसर नहीं रखने का भरोसा दिलाया.
सुहाना समूह की सदस्य रानी माली एवं किरण कुशवाहा ने बताया कि डेढ साल पहले जब वे समूह से नहीं जुडी थीं तब रोजाना उनकी साथी महिलाएं दैनिक मजदूरी में लोगों के यहां शादी विवाह आदि कें अवसर पर खाना बनाने और पूडी बेलने जाया करतीं थी. देर रात होने पर समस्याएं आती थीं और मेहनत के हिसाब से उतना रूपया भी नहीं मिलता था. अब उन्हें स्थाई ठिकाना मिल गया है. माली ने कहा कि वे केन्टीन के लिए जरूरी दोने आदि वे महिला स्व सहायता समूह से ही खरीदेंगी ताकि उन्हें भी जिला प्रशासन के प्रयासों का लाभ मिले. श्रीमती रानी माली 8वीं और किरण कुशवाहा 12 उत्तीर्ण है. 

किसानों की समृद्धि के लिए सरकार कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी



 मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों को समृद्ध बनाने में प्रदेश सरकार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी. किसानों को उनके पसीने का वाजिब दाम दिलाया जायेगा. मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को शिवपुरी जिले के पिछोर तहसील मुख्यालय पर 2208 करोड़ तीन लाख रुपए की लागत से लोअर ओर वृहद सिंचाई परियोजना के भूमिपूजन अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही. कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व राजस्व मंत्री एवं वयोवृद्ध  लक्ष्मी नारायण गुप्ता ने की.
  मुख्यमंत्री चौहान ने किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने में लोअर ओर वृहद सिंचाई परियोजना अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाहन करेगी. इस योजना के माध्यम से पिछोर, करैरा एवं दतिया के चार विधानसभा क्षेत्रों के 343 ग्रामों की 2 लाख 73 हजार एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी. इसके साथ ही इस परियोजना से खनियाधाना एवं पिछोर के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल का प्रावधान भी किया गया है. सिंचाई के साथ-साथ क्षेत्र में पेयजल की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी.
    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से किसानों के खेत में फसल लहरायेंगी और और समृद्धि आयेगी. इस क्षेत्र के किसान भी अब अच्छी खेती कर अपने घर परिवार का जीवन स्तर बेहतर कर सकेंगे. मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने की दशा में बेहतर कार्य किया गया है. प्रदेश सरकार ने सिंचाई रकबे को बड़ाकर 40 लाख हैक्टेयर तक पहुंचा दिया गया है. हमारा लक्ष्य 80 लाख हैक्टेयर तक क्षेत्र को खेती के लिए पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य है. इस लक्ष्य को भी हम पूरा करेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिलाने के लिए प्रदेश में समर्थन मूल्य पर किसानों की उपज क्रय करने का कार्य किया है. संपूर्ण देश में 1750 रुपए क्विंटल पर खरीदी होने पर प्रदेश में किसानों की उपज दो हजार रुपए प्रति क्विंटल क्रय की गई है. मुख्यमंत्री श्री सिंह ने कहा कि आगामी दिनों में भी किसान की खेती की लागत में 50 प्रतिशत लाभांश जोड़कर समर्थन मूल्य निर्धारित किया जायेगा और उसी पर किसान की फसल का खरीदी कार्य प्रदेश सरकार करेगी. 
  चौहान ने कहा कि आवासहीनों को आवास उपलब्ध कराने की दशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है. हर आवासहीन को आवास उपलब्ध कराने का कार्य हम करेंगे. प्रदेश सरकार हर वर्ष 10 लाख मकान बनायेगी. आने वाले चार वर्षो में प्रदेश के हर आवासहीन को उसका खुद का आवास मुहैया कराया जाएगा.

आप ने जारी की प्रत्याशियों की तीसरी सूची

आलोक अग्रवाल 

आम आदमी पार्टी ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की तीसरी सूची सोमवार को जारी कर दी. तीसरी सूची में 22 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया गया है.   आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने छतरपुर में विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की जिस तीसरी सूची की घोषणा की है उसमें पूर्व प्रशासनिक अधिकारी, डॉक्टर, शिक्षक, इंजीनियर, खिलाड़ी, सामाजिक कार्यकर्ता को जगह दी गई है. इस मौके पर पार्टी कार्यकतार्ओं को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने कहा, "आम आदमी पार्टी सत्ता को बदलने की लिए नहीं बल्कि व्यवस्था को बदलने के लिए चुनावी मैदान में उतरी है.
अग्रवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी मध्य प्रदेश की तस्वीर को बदलेगी और लूट-भ्रष्टाचार के राज को खत्म करेगी. आलोक अग्रवाल ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश की बबार्दी के लिए बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही जिम्मेदार हैं.   जिन लोगों को आम आदमी पार्टी की ओर से टिकट मिले हैं उनमें मंडला से रिटायर्ड ज्वाइंट कलेक्टर प्रेमलाल वरकड़े, मांधाता से डॉ भक्त प्रह्लाद मिश्रा, पिछोर से हनुमंत सिंह चौहान, चंदेरी से रितेश जैन, नागौद से विवेक सिंह लोधी, श्योपुर से कुलदीप सिंह तोमर और डबरा से रामवती शाक्य शामिल हैं.
इसके अलावा आगर से बाबूलाल मालवीय, उज्जैन दक्षिण पश्चिम से शैलेन्द्र सिंह रूपावत, गोहद से गुड्डू वाल्मीक, भोपाल मध्य से फराज खान, भितरवार से शकुंतला चौधरी, लहार से योगेन्द्र सिंह कुशवाहा, भिंड से साकेत सक्सेना, सेमरिया से प्रमोद शर्मा, बैतूल से अजय सोनी, गंधवानी से गोविंद रावत, झाबुआ से दिलीप सिंह मीणा, ब्यावरा से कालूराम असैया, गंजबासौदा से राजेन्द्र तिवारी, हरसूद से प्रमिला चौहान और शाजापुर से जियाउर्रहमान को भी पार्टी की ओर से टिकट मिला है. बता दें कि इससे पहले भोपाल और ग्वालियर में आम आदमी पार्टी के 39 उम्मीदवारों की घोषणा हो चुकी है.  इस तरह पार्टी अब तक 61 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर चुकी है.


2 लाख 80 हजार युवाओं को रोजगार देगी सरकार


मध्यप्रदेश सरकार 4 अगस्त को प्रदेशभर में स्वरोजगार मेलों का आयोजन करेगी. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहन खुद बुधनी में होने वाले इस कार्यक्रम में शामिल होंगे.  2 लाख 80 हजार युवाओं को रोजगार दिया जाएगा.
यह फैसला आज  शिवराज कैबिनेट की बैठक में लिया गया. फैसले की जानकारी देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता डा. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को जन आशीर्वाद यात्रा की सफलता को लेकर बधाई भी दी गई.  इसके अलावा 4 अगस्त को प्रदेशभर में आयोजित होने वाले रोजगार मेला में 2 लाख 80 हजार हितग्राहियों को योजना का लाभ दिया जाएगा. डा. मिश्रा ने बताया कि बैठक में लहसुन और प्याज को भी सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने का फैसला लिया है.  इसके अलावा सरकार प्याज, लहसुन उत्पादक किसानों को 800 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि बांटेगी. 

बावरिया के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने की झूमाझटकी


प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी दीपक बावरिया के साथ सतना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा झूमा-झटकी कर दी गई. इस मामले को लेकर गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बावरिया को पत्र लिखकर कहा कि क्या कांग्रेस कार्यकर्ताओं से उन्हें सुरक्षा चाहिए?
आगामी चुनाव प्रचार के चलते दो दिवसीय दौरे पर रीवा पहुंचे मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी और महासचिव दीपक बाबरिया को कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा. दरअसल पत्रकार वार्ता  के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम की घोषणा कर दी,  जिसके चलते अजय सिंह के समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा. गुस्साए कार्यकर्ताओं ने पहले तो राजनिवास के बाहर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के विरोध में नारेबाजी की उसके बाद बाबरिया के बाहर आने पर कार्यकर्तओं ने उनके साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी. जिसके बाद बाबरिया ने सभी कार्यकर्ताओं को बाहर करने का आदेश दे दिया. वहीं कहा जा रहा है कि इस दौरान किसी ने बाबरिया को थप्पड़ भी जड़ दिया था, लेकिन कांग्रेस प्रभारी ने ऐसी किसी भी घटना से इंकार किया है. 
गृह मंत्री ने लिखा बावरिया को पत्र
 इस मामले को लेकर राज्य के गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने चिंता जताई है. उन्होंने दीपक बावरिया को एक पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने   लिखा है कि अक्सर आपके साथ मध्यप्रदेश में कई जगहों अभद्रता होती आई है. रीवा में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला है। इसको लेकर हमें आपकी सुरक्षा की चिंता है. हम आपकी सुरक्षा को खतरा देखते हुए  सुरक्षा मुहैया कराना चाहते हैं. हालांकि इस पत्र को लेकर अभी तक कांग्रेस या खुद बावरिया के तरफ से कोई प्रतिक्रिया नही दी गई है.

पत्नी ने दर्ज कराया पति पर दहेज प्रताड़ना का मामला


राजधानी  के छोला मंदिर इलाके में दहेज मांग को लेकर पति ने अपनी पत्नी को प्रताड़ित किया. रोजाना की प्रताड़ना से तंग आकर पत्नी ने  महिला थाने पहुंचकर पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई.
महिला थाना पुलिस के अनुसार प्रीति पटेल पति मुकेश पटेल  वर्ष निवासी मकान नंबर 112 शिवनगर छोला, की शिकायत पर  पति मुकेश पटेल के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज किया है. प्रीति पटेल का आरोप है कि शादी के चार साल बीत जाने के बाद भी उसका पति 10 लाख रुपए दहेज के रूप में मांग रहा है. जब  प्रीती,  पति की इस मांग को पूरा न कर पाई, तो आरोपी ने उसे शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया. रोजाना की प्रताड़ना से तंग आकर प्रीती ने थाने पहुंचकर मुकेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है. विवेचना के आधार पर आगे की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा.
किशोरी से छेड़छाड़
टीटी नगर थाना पुलिस  के अनुसार पंचशील नगर निवासी 15 वर्षीय किशोरी अपने घर के बाहर काम से निकली थी. इसी दौरान मोहल्ले में रहने वाल अमन मेडी ने उस पर अश्लील फब्तियां कसना शुरू कर दिया. जब किशोरी ने अश्लील फब्तियों का विरोध चिल्लाकर किया, तो अमन  ने उसके साथ अश्लील छेड़छाड़ करना शुरू कर दिया. इस बात की जानकारी किसी अन्य को देने पर अमन द्वारा किशोरी को जान से मारने की धमकी भी दी गई. घटना के बाद किशोरी ने थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई.
अपहरण का मामला दर्ज 
शाहपुरा थाना पुलिस ने बताया कि फ्लैट नंबर 301 कन्हैया अपार्टमेंट निवासी जगदीश सिंह की 16 वर्षीय पुत्री खुशी सिंह, बीते शनिवार सुबह से लापता है. खुशी के अचानक घर से लापता हो जाने के बाद परिजनों ने उसकी तलाश आसपास के इलाकों में की, लेकिन पता नहीं लग पाया. बाद में परिजनों ने थाने में उपस्थित होकर खुशी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई.  पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज किया है.

9 अगस्त को मनाया जाएगा आदिवासी दिवस, 22 जिलों में रहेगा अवकाश

डा. नरोत्तम मिश्रा
14 अगस्त से शहीदों की शहादत के सम्मान में निकाली जाएंगी यात्राएं
मध्यप्रदेश सरकार 9 अगस्त को आदिवासी दिवस मनाएगी. इस दिन राज्य के 22 जिलों में अवकाश रखने का फैसला लिया है. इसके अलावा प्रदेश के वरिष्ठ एवं बुजुर्ग पत्रकारों की श्रद्धा-निधि 6 हजार रुपए प्रति-माह से बढ़ाकर 7 हजार रुपए प्रति माह करने का निर्णय भी  लिया गया है. 
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला आज लिया गया. बैठक के बाद राज्य सरकार के प्रवक्ता डा. नरोत्तम मिश्रा ने पत्रकारों को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि बैठक में 9 अगस्त को आदिवासी दिवस मनाए जाने का फैसला लिया है. इस दिन राज्य के आदिवासी बाहुल्य जिलों में अवकाश रखने का भी फैसला लिया है. इसके अलावा 14 अगस्त से राज्य में शहीदों की शहादत के सम्मान में शहीद यात्राएं निकालने का फैसला लिया है.
उन्होंने बताया कि बैठक में प्रदेश के वरिष्ठ एवं बुजुर्ग पत्रकारों की श्रद्धा-निधि 6 हजार रुपए प्रति-माह से बढ़ाकर 7 हजार रुपए प्रति माह करने का निर्णय लिया गया है. श्रद्धा-निधि के लिए आयु सीमा 62 वर्ष से घटाकर 60 वर्ष करने का भी निर्णय लिया गया है. बैठक में प्रदेश के गैर अधिमान्य पत्रकारों को बीमा योजना में शामिल कर प्रीमियम राशि का 50 प्रतिशत शासन द्वारा दिये जाने का निर्णय लिया है.  सरकार के प्रवक्ता डा. मिश्रा ने बताया कि प्याज और लहसुन की फसल के लिये उद्यानिकी प्रोत्साहन योजना लागू करने का निर्णय लिया है. योजना के अंतर्गत प्याज के लिए 400 रुपए प्रति क्विंटल तथा लहसुन के लिए 800 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी. यह राशि बोनी के सत्यापित रकबे तथा निर्धारित औसत उत्पादकता की सीमा को ध्यान में रखते हुए किसान के खाते में सीधे जमा कराई जाएगी.
कैबिनेट बैठक में प्राईस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत रबी वर्ष 2017-18 में चना, मसूर और सरसों की खरीदी के लिये म.प्र राज्य सहकारी विपणन संघ और नागरिक आपूर्ति निगम को राज्य शासन द्वारा स्वीकृत नि:शुल्क बैंक गारंटी की अवधि 2 माह से बढ़ाकर 6 माह करने का निर्णय लिया है. मंत्रिमंडल की बैठक में  सागर जिले की तहसील खुरई में कृषि महाविद्यालय खोलने का निर्णय लिया है. जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत आरंभ होने वाले इस महाविद्यालय में वर्ष 2018-19 के शैक्षणिक सत्र में 60 छात्र-छात्राओं के अध्ययन की सुविधा रहेगी. सागर जिले की रहली तहसील में उद्यानिकी महाविद्यालय खोलने के निर्णय को भी अनुमोदित किया.
बैठक में शिवपुरी जिले की ग्राम पंचायत मगरौनी को नगर परिषद स्वरूप में गठित करने की अनुशंसा राज्यपाल को भेजने का निर्णय लिया गया है. इसके अतिरिक्त, मंत्रि-परिषद ने महिला बाल विकास विभाग द्वारा संचालित केन्द्र प्रवर्तित किशोरी बालिका योजना को प्रदेश के सभी 51 जिलों में संचालित करने की स्वीकृति प्रदान की है. बैठक में योजना के क्रियान्वयन पर होने वाले व्यय के लिये रू. 209 करोड़ 96 लाख की स्वीकृति भी प्रदान की गई.

वो कार्पोरेट जगत से हैं, इसलिए उन्हें आशीर्वाद की जरुरत नहीं
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता डा. नरोत्तम मिश्रा ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के जनता का आशीर्वाद नहीं लेने के बयान पर कहा कि कमलनाथ कभी कर्मचारियों को धमकी भरे अंदाज में कहते हैं कि दिसंबर के बाद जनवरी भी आएगा, कभी कहते हैं कि जनता के आशीर्वाद की जरूरत नहीं है. दरअसल वो कार्पोरेट जगत से आते हैं, इसलिए उन्हें जनता के आशीर्वाद की जरूरत नहीं होगी. उन्होंने कहा कि हमें जनता और भगवान दोनों के आशीर्वाद की जरूरत है. मुख्यमंत्री जनआशीर्वाद यात्रा में जहां भी जा रहे हैं वहां जिस तरह से जन समुदाय उमड़ रहा है उससे ये बात साबित हो रही है कि जनता मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बहुत स्नेह करती है.
पीएम, सीएम के फोटो में बुराई नहीं
केंद्रीय और राज्य की योजनाओं में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोटो लगाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसमें कोई बुराई नहीं है. योजना किसने शुरू की जनता को मालूम होना चाहिए. यदि चुनाव आयोग इसके संबंध में कोई निर्देश देता है तो उस पर विचार किया जाएगा. गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को शिवपुरी में आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में आमंत्रण नहीं दिए जाने के मामले पर उन्होंने कहा कि पिछली बार भी हमने आमंत्रण दिया था, पता नहीं वह जनता के बीच जाने से क्यों कतराते हैं.

बिना राजपत्र प्रकाशन के कैसे लागू हुई नई रेत खनन नीति

कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ ने लिखा शिवराजसिंह को पत्र
प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान को पत्र लिखकर पूछा है कि नवंबर-दिसम्बर 2017 में बनाई गई नई रेत खनन नीति बिना गजट नोटिफिकेशन के कैसे लागू हो गई. इससे सरकार को करोड़ों रूपयों की सुरक्षा निधि ठेकेदारों को लौटाना पड़ेगी. 
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने पूछा है कि क्या यह सच है कि वित्त विभाग की 350 करोड़ रुपए की हानि की संभावना संबंधी आपत्ति के कारण नए नियम राजपत्र में प्रकाशित होने से रूक गए?
कमलनाथ ने पत्र में लिखा है कि राजपत्र में बिना अधिसूचना प्रकाशित हुए नई रेत खनन नीति कैसे लागू हो गयी? अभी भी मध्यप्रदेश गौण खनिज अधिनियम 1996 लागू है, जिसमें कोई भी संशोधन अधिसूचित नहीं हुआ है. सरकार ने फरवरी 2018 में नई नीति के अनुरूप ठेकेदारों से खदानों का समर्पण करने और उन्हें सुरक्षा निधि वापस करने के निर्देश जारी कर दिये, ताकि पंचायतों द्वारा एक चैथाई खदानें प्रारंभ की जा सकें. इन्हें भी वषार्काल में बंद कर दिया गया है.
कमलनाथ ने लिखा है कि नई रेत खनन नीति लागू होने के पूर्व भोपाल में रेत 25 रुपए घन फीट बिक रही थी. नई रेत खनन नीति के बाद रेत 35 रुपए घनफीट बिकने लगी. वर्तमान ठेकेदारों के स्टाक कर लेने के कारण आज यह 50 रुपए घनफीट बिक रही है, यानि पूरे दोगुने भाव पर. उन्होंने लिखा है कि षड्यंत्रपूर्वक रेत भण्डारण की अनुमति देकर माफियाआें को खुली छूट दे दी गयी है. इससे माफियाओं पर सरकार का नियंत्रण समाप्त हो गया है. 
नाथ ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान को लिखा है कि वे जनता को बतायें कि नयी रेत खनन नीति का राजपत्र में प्रकाशन कब तक होगा? प्रकाशन के बिना ठेकेदारों को सुरक्षा निधि लौटाने और खदान सरकार को समर्पित करने के आदेश कैसे जारी हो गये? इन सभी कारणों से रेत के जो भाव दोगुने हो गये हैं, उससे किसका लाभ हुआ, जनता का या रेत माफिया का? यह भी बतायें कि इस तरह के कुटिलपूर्ण निर्णयों के पीछे भाजपा के किन शक्तिशाली नेताओं की भूमिका है? कमलनाथ ने शिवराजसिंह को लिखा है कि आपकी सरकारी यात्रा में जनता को इन तथ्यों से भी अवगत करायें कि रेत निजी संपत्ति नहीं है, जनता की संपत्ति है. 

भाजपा घोषणा पत्र के लिए आनलाइन मांगेगी सुझाव, रखी जाएंगी सुझाव पेटियां भी

मध्यप्रदेश भाजपा अपने घोषणा पत्र में जनता से सुझाव मांगेगी. इसके लिए वह सुझाव पेटी तो लगाएगी, साथ ही आनलाइन वेबसाइट तैयार कर जनता से सीधे सुझाव मांगेंगी.
 राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल की मौजूदगी में प्रदेश कार्यालय में हुई घोषणा पत्र समिति की बैठक में तय किया गया है कि जनता के सुझाव के लिए अब सुझाव पेटियां लगाई जाएं, साथ ही आनलाइन वेबसाइट बनाकर सुझाव लिए जाएं. चुनावी घोषणा पत्र तैयार करने के लिए अब सुझाव पेटियां भी लगेंगी. राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल की मौजूदगी में हुई चुनाव घोषणापत्र समिति की बैठक में तय किया गया है कि जनता के सुझाव लेने के लिए उनके बीच पहुंचा जाए. इस कवायद को अमली जामा पहनाने के लिए प्रदेश भाजपा कार्यालय में एक सुझाव पेटी रखी जाएगी. इस पेटी में कोई भी व्यक्ति गोपनीय तरीके से अपने सुझाव दे सकता है. इतना ही नहीं जिला मुख्यालयों पर भी एक-एक सुझाव पेटी लगाने का फैसला किया गया है. आनलाइन सुझाव के लिए अलग से साइट तैयार होगी. समिति के सदस्य खुद जनता के बीच जाकर सुझाव एकत्रित करेंगे. 10 से 20 अगस्त तक सभी सदस्यों को सुझाव लेने के लिए दी गई. 15 सितंबर तक घोषणापत्र का ड्राफ्ट तैयार कर लिया जाएगा. बताया जा रहा है कि 25 सितंबर को घोषणापत्र जारी हो सकता है. वहीं घोषणापत्र तैयार करने के लिए सुझाव पेटी लगाए जाने पर कांग्रेस ने पलटवार किया है. कांग्रेस का कहना है कि ये वक्त सुझाव का नहीं शिकायत पेटी लगाने का है.

शराब की तस्करी कर रहे युवक को किया गिरफ्तार

अवैध तरीके से शराब बेच रहे एक तस्कर को बागसेवनियां पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अवैध अंग्रेजी और देशी शराब भी बरामद की है.
बागसेवनियां थाना पुलिस के अनुसार  मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर एक शराब तस्कर को साकेत नगर स्थित अलकापुरी कालोनी के पास से हिरासत में लिया गया. तस्कर की पहचान राज प्रिंस पिता राम बहादुर निवासी अलकापुरी, के रूप में हुई है.  पुलिस का कहना है कि आरोपी राज के कब्जे से 44 अंग्रेजी शराब के क्वाटर, 34 देशी शराब के क्वाटर और 5 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की गई है. बरामद किए गए माल की कीमत करीब 10 हजार रुपए आंकी गई है.  पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ  आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. 
इलाज के दौरान युवक की मौत
हबीबगंज थाना पुलिस के अनुसार  तेजेन्दर सिंह पिता अमरजीत सिंह निवासी ई-4 अरेरा कालोनी, ने बीते शनिवार को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या की कोशिश की थी. परिजनों ने तेजेन्दर सिंह को बेहोशी की हालत में इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था. अस्पताल में इलाज के दौरान तेजेन्दर सिंह की मौत हो गई. पुलिस का कहना है कि तेजेन्दर सिंह के आत्महत्या करने के कारण का पता नहीं चला है. पुलिस ने इस मामले में जांच शुरु कर दी है.
हथियार लेकर घूम रहा बदमाश गिरफ्तार
तलैया थाना पुलिस के अनुसार मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर बीती रात एक बदमाश को जुमेराती क्षेत्र से पकड़ा है. बदमाश की पहचान बाबर उर्फ शफीक, के रूप में हुई है.  पुलिस का कहना है कि आरोपी बाबर के कब्जे से बिना लाइसेंसी पिस्टल बरामद की गई है. आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस मामले में बदमाश से पूछताछ कर रही है.

रविवार, 29 जुलाई 2018

युवती ने जहर खाकर की खुदकुशी


राजधानी भोपाल के अशोका गार्डन थाना इलाके में एक युवती ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि युवती भोपाल में किराये के मकान में रह कर नर्सिंग की पड़ाई कर रही थी.
 मिली जानकारी के अनुसार मनोरा गांव जिला विदिशा की रहने वाली 19 वर्षीय छात्रा स्वाति सिंह पिता यशवंत अशोका गार्डन इलाके में किराये के कमरे में रह कर अपनी नर्सिंग की पड़ाई कर रही थी. 26 जुलाई को छात्रा ने जहरीला पदाार्थ खा लिया था. जिसके बाद छात्रा को आस पास के लोगों ने लालघाटी स्थित तृप्ति अस्पताल में भर्ती कराया था. जहा इलाज के दौरान छात्रा ने शुक्रवार देर शाम दम तोड़ दिया. फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पीएम करा कर परिवार वालों को सौंप दिया है.
किशोरी से छेड़छाड़
हाउसिग बोर्ड कालोनी करोंद निवासी 18 वर्षीय किशोरी कल शनिवार देर शाम अपने घर पर अकेली थी. तभी पास के रहने वाले गुड्डू उर्फ राजा घर में घूस गया और छेड़छाड़ करना शुरू कर दी . जिसकी शिकायत किशोरी ने थाने जा कर पुलिस को दी.  
कुंए में डूबने से बालक की मौत
राजधानी के बैरसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बीलखो नजीराबाद निवासी सुनील अहिरवार पिता फूल सिंह उम्र 12 वर्ष शनिवार स्कूल में एडमिशन कराने बैरसिया अपने पिता के साथ गया था. एडमिशन के पहले समाज द्वारा आयोजित भंडारे में खाना खाने दोनों पहुंच गये. इसी बीच सूनील चार पाच बच्चों के साथ पास में बने कुएं में नहाने चला गया. परिवार वालों का कहना है कि सुनील को तैरना नही आता था. और कुएं की गहराई 60 फिट से ज्यादा थी. जिसमें सुनील की डूबने से मौत हो गई.  इंडिया वन समाचार को पुलिस ने बताया कि सुचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पीएम के लिये भेज आगे की कर्यवाही करना शुरू कर दी है.

आप की तीसरी सूची जारी होगी आज


मध्य प्रदेश में साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी सभी 230 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने वाली है.इसके लिए  अब तक अपने प्रत्याशियों की दो सूची जारी कर चुकी है. अब तीसरी सूची जारी करने जा रही है. सोमवार 30 जुलाई को छतरपुर में आम आदमी पार्टी के विधानसभा प्रत्याशियों की तीसरी सूची जारी करेगी. इससे पहले 26 जून को आप ने पहली सूची जारी की थी. आप ने अपनी सूची में अधिकतर उच्च शिक्षा प्राप्त प्रत्याशियों को जगह दी है.वही ग्वालियर में आयोजित एक कार्यक्रम में दिल्ली सरकार में मंत्री एवं प्रदेश प्रभारी गोपाल राय ने दूसरी विधानसभा प्रत्याशीयो की दूसरी सूची जारी की थी, इसमें 19 प्रत्याशियों के नाम शामिल किए गए थे.वही पहली सूची में 20 नाम शामिल किये गए थे.
इस बारे में जानकारी देते हुए आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड जोन के प्रभारी अमित भटनागर ने बताया कि उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी स्वच्छ और ईमानदारी राजनीति के लिए युवाओं, किसानों, महिलाओं समेत समाज के सभी तबकों की राजनीति में भागीदारी की समर्थक है. इसके लिए प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को भी पूरी तरह पारदर्शी रखा गया है. आम आदमी पार्टी प्रदेश में पूरी मजबूती से प्रदेश की सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और लूट और भ्रष्टाचार की भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकेंगी. उन्होंने बताया कि पार्टी ने गत 26 जून को भोपाल में 20 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की थी. इसके बाद 6 जुलाई को ग्वालियर में दूसरी सूची जारी की गई, जिसमें 19 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की गई. अब पार्टी छतरपुर में 30 जुलाई को दो दर्जन से ज्यादा विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा करेगी. 

कमलनाथ ने शिक्षकों से कहा हर दिन 10 लोगों को बताएं शिवराज की सच्चाई

 शिवराज ने अपनी ब्राडिंग पर खर्च किए 300करोड़

मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि अगर शिक्षक चाहते हैं कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनें, तो वे हर दिन 10 लोगों को जाकर शिवराजसिंह चौहान की सच्चाई को बताएं. उनके कारनामों को और शिक्षकों के साथ हुए विश्वासघात को बताएं.
कमलनाथ ने यह बात आज राजधानी में शिक्षक कांग्रेस द्वारा आयोजित सम्मेलन में कही.  उन्होंने शिवराज सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनता के पैसे का जमकर दुरुपयोग किया है. हर महीने 30 में से 25 दिन शिवराज ने स्वयं के प्रचार में 300 करोड़ रुपए खर्च किए. अगर इस राशि का उपयोग अतिथि शिक्षकों को वेतन देने में होता तो उनकी आर्थिक स्थिति ज्यादा मजबूत होती है. आज अतिथि शिक्षकों को प्रदेश में मात्र ढ़ाई से तीन हजार रुपए वेतन मिल रहा है जो दुखद है. कमलनाथ ने शिक्षकों को आश्वासन दिया कि अगर उनकी सरकार प्रदेश में बनती है तो शिक्षकों के अच्छे दिन आएंगे, उनकी सभी मांगे पूरी होंगी. 
कार्यक्रम में कमलनाथ ने ग्लोबल समिट को लेकर कहा कि  शिवराज ने 200 करोड़ रुपए खर्च किए और 30 हजार करोड़ के निवेश की बात कही, लेकिन आज तक प्रदेश में धेले भर का निवेश बाहर से नहीं आया है. 

स्कूल में बच्चों के मानव अधिकार हनन की शिकायत

प्रदेश कांगे्रस मीडिया सेल के उपाध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता ने मानव अधिकार आयोग को डिंडोरी के स्कूल में बच्चों के मानव अधिकार हनन की शिकायत की है. उन्होंने दैनिक जागरण भोपाल के 28 जुलाई के अंक में ह्यह्यमहामहिम हमारी मदद करिये, स्कूल की छत टपकती हैह्णह्ण शीर्षक से प्रकाशित समाचार की कतरन अवलोकन के लिए संलग्न की है. 
समाचार में आदिवासी जिले डिण्डोरी के एक स्कूल की दुर्दशा के बारे में खबर प्रकाशित की गयी है. खबर में कहा गया है कि डिण्डोरी में एक स्कूल ऐसा भी है, जहां बच्चों को बरसात के मौसम में छतरी लेकर पढ़ाई करना पड़ती है. स्कूल की हालत इतनी खराब है कि छत से पानी टपकता है. विद्यार्थियों की पाठ्य सामग्री भीग जाती है, इसलिये छतरी लेकर पढ़ाई करना पड़ती है. एक हाथ में किताब और दूसरे हाथ से छतरी. स्कूल में न टायलेट है न पीने के साफ पानी की सुविधा. यहां हालत इतने खराब हैं कि बच्चों को राष्ट्रपति तक को पत्र लिखना पड़ा है. गुप्ता ने लिखा है कि कुल मिलाकर यह घटना इन बच्चों के शिक्षा के अधिकार और अन्य मानव अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है. उन्होंने आयोग के अध्यक्ष से समाचार में प्रकाशित तथ्यों को संज्ञान में लेकर उस पर मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम की धारा 13 के अंतर्गत तत्काल कार्यवाही करने का आग्रह किया है. 

राजपत्र में प्रकाशित किए बिना नयी रेत खनन नीति कर दी लागू


प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान को पत्र लिखकर पूछा है कि नवंबर-दिसम्बर 2017 में बनायी गयी नई रेत खनन नीति बिना गजट नोटिफिकेशन के कैसे लागू हो गयी. इससे सरकार को करोड़ों रूपयों की सुरक्षा निधि ठेकेदारों को लौटाना पड़ेगी. उन्होंने पूछा है कि क्या यह सच है कि वित्त विभाग की 350 करोड़ रुपए की हानि की संभावना संबंधी आपत्ति के कारण नये नियम राजपत्र में प्रकाशित होने से रूक गये? 
कमलनाथ ने पत्र में लिखा है कि राजपत्र में बिना अधिसूचना प्रकाशित हुए नई रेत खनन नीति कैसे लागू हो गयी? अभी भी मध्यप्रदेश गौण खनिज अधिनियम 1996 लागू है, जिसमें कोई भी संशोधन अधिसूचित नहीं हुआ है. सरकार ने फरवरी 2018 में नई नीति के अनुरूप ठेकेदारों से खदानों का समर्पण करने और उन्हें सुरक्षा निधि वापस करने के निर्देश जारी कर दिये, ताकि पंचायतों द्वारा एक चैथाई खदानें प्रारंभ की जा सकें. इन्हें भी वषार्काल में बंद कर दिया गया है. 
कमलनाथ ने लिखा है कि नई रेत खनन नीति लागू होने के पूर्व भोपाल में रेत 25 रुपए घन फीट बिक रही थी. नई रेत खनन नीति के बाद रेत 35 रुपए घनफीट बिकने लगी. वर्तमान ठेकेदारों के स्टाक कर लेने के कारण आज यह 50 रुपए घनफीट बिक रही है, यानि पूरे दोगुने भाव पर. उन्होंने लिखा है कि षड्यंत्रपूर्वक रेत भण्डारण की अनुमति देकर माफियाआें को खुली छूट दे दी गयी है. इससे माफियाओं पर सरकार का नियंत्रण समाप्त हो गया है.  नाथ ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान को लिखा है कि वे जनता को बतायें कि नयी रेत खनन नीति का राजपत्र में प्रकाशन कब तक होगा? प्रकाशन के बिना ठेकेदारों को सुरक्षा निधि लौटाने और खदान सरकार को समर्पित करने के आदेश कैसे जारी हो गये? इन सभी कारणों से रेत के जो भाव दोगुने हो गये हैं, उससे किसका लाभ हुआ, जनता का या रेत माफिया का? यह भी बतायें कि इस तरह के कुटिलपूर्ण निर्णयों के पीछे भाजपा के किन शक्तिशाली नेताओं की भूमिका है? कमलनाथ ने शिवराजसिंह को लिखा है कि आपकी सरकारी यात्रा में जनता को इन तथ्यों से भी अवगत करायें कि रेत निजी संपत्ति नहीं है, जनता की संपत्ति है. 

नोटबंदी में सबसे ज्यादा महिलाएं परेशान हुईं



प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ ने आज यहां मोटल शिराज के सभागृह में कांगे्रस घोषणा पत्र के संदर्भ में आयोजित महिला विचार गोष्ठी का शुभारंभ किया. कांगे्रस घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष राजेन्द्रसिंह और महिला कांगे्रस की अध्यक्ष मांडवी चैहान, कार्यकारी अध्यक्ष दीप्तीसिंह भी इस अवसर पर उपस्थित थीं. 
कमलनाथ ने कहा कि नोटबंदी से सबसे ज्यादा परेशान देश की महिलाएें हुई हैं. उनके द्वारा धीरे-धीरे जमा की गयी सारी रकम निकल गयी. उन्होंने कहा कि भाजपा राज में महिलाओं पर होने वाले अत्याचार सबसे ज्यादा बढ़ रहे हैं. यहां उपस्थित महिलायें अपना नजरिया बतायें, जिसे घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा. नाथ ने कहा कि वे इंदिरा गांधी ही थीं जो देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं. उन्होंने विश्व स्तर पर भारत की पहचान बनायी. आज महिलाओं की स्थिति सबके सामने है. यह बात हमें गांव से लेकर शहर तक की महिलाओं को समझाना है. यदि महिलाओं ने सोच लिया तो वे प्रदेश से भाजपा सरकार को उखाड़ सकती हैं. 

दहेज को लेकर बहू का किया प्रताड़ित


राजधानी के कोलार थाना क्षेत्र में दहेज की मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि शादी के बाद से विवाहिता को दहेज कम मिलने पर पति मारपीट कर घर से बाहर निकालने की धमकी देता रहता था, जिससे परेशान विवाहित ने पुलिस को शिकायत की.
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कजलीखेड़ा कालापानी कोलार निवासी मेनीबाई राठौर की शादी मुकेश उर्फ पप्पू राठौर से हुई थी. शादी के कुछ महीने बाद मुकेश विवाहिता से दहेज कम मिलने की बात को लेकर लड़ाई झगड़े करने लग गया था.  रोज-रोज की प्रताड़ना से तंग महिला ने  थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई.पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु कर दी है.
नाबालिग लापता
राजधानी के बागसेवनिया थाना इलाके में एक नाबालिग के अपहरण का मामला सामने आया है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 252 नई बस्ती बागमुगलिया निवासी इंद्रा कोलजी की 16 वर्षिय बेटी राधिका 27जूलाई को घर के पास से लापता हो गई थी, जिसे परिवार वालों ने आस पास तलाश किया तो पता चला की संजू वारी नाम का युवक उसको अपने साथ ले गया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है.

आदिवासी अधिकार यात्रा बिगाड़ेगी कांग्रेस का समीकरण

हीरासिंह मरकाम
 जयस के साथ मिलकर ताकत दिखाएगी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी
मध्यप्रदेश में कांग्रेस के लिए गोंडवाना गणतंत्र पार्टी भी गठबंधन को लेकर अपना मन बदल सकती है. गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने आदिवासी युवा संगठन ‘जयस’के साथ मिलकर आज से मालवा में अधिकार यात्रा की शुरुआत की है. दोनों  संगठन मिलकर अब मालवा और महाकौशल में अपनी ताकत दिखाएंगे. इनकी एकता से कांग्रेस के लिए संकट खड़ा हो सकता है.
मध्यप्रदेश में कांग्रेस विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के अलावा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से गठबंधन को लेकर लगातार प्रयास कर रही है, मगर उसके प्रयासों को एक-एक कर झटका लग रहा है. पहले मायावती ने यह कहकर झटका दिया कि वह सम्मानजनक सीटें मिलने पर ही गठबबंधन पर विचार करेगी. इसी तरह से समाजवादी पार्टी ने अपने पत्ते अब तक नहीं खोले हैं. जबकि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी भी इंतजार करते हुए अब साफ कर चुकी है कि वह अपने बूते पर मध्यप्रदेश में चुनाव
डा. हीरालाल अलावा


लड़ेगी. इसके चलते आज गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने आदिवासीय युवा संगठन ‘जयस’ जो की मालवा में सक्रिय हैं, से अपना हाथ मिला लिया है. जयस और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी दोनों ही मिलकर आज से अधिकार यात्रा शुरु की है. यह अधिकार यात्रा रतलाम से शुरु हुई. यात्रा के शुभारंभ अवसर पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरासिंह मरकाम, जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. हीरालाल अलावा, गोंगपा के राष्ट्रीय महामंत्री बलवीर सिंह तोमर मौजूद रहे. यात्रा का आगाज दोनों ही दलों के राष्ट्रीय अध्यक्षों ने किया. यह यात्रा फिलहाल तो मालवा के आदिवासी बहुल जिलों में निकलेगी. मगर विचार यह किया जा रहा है कि यात्रा को राज्य के दूसरे आदिवासी बहुल जिलों में विशेषकर महाकौशल में निकाला जाए. इसका फैैसला भी जल्द कर लिया जाएगा.
कांग्रेस को हो सकता है नुकसान
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और जयस दोनों मिलकर अगर विधानसभा चुनाव में सभी 47 अजा वर्ग की सीटों पर चुनाव लड़ते हैं तो यह माना जा रहा है कि इससे भाजपा को फायदा और कांग्रेस को नुकसान हो सकता है. कांग्रेस के पक्ष मे जाने वाले आदिवासी वोट पर सीधी सेंधमारी होगी, जो भाजपा को फायदा पहुंचाएगा. जयस के पदाधिकारियों का दावा है कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के साथ हम मिलकर चुनाव लड़ेंगे और दोनों ही दलों को प्रभावित करेंगे. हमारे मैदान में होने से फायदा न तो भाजपा को होगा और न ही कांग्रेस को. हालांकि माना जा रहा है कि जयस और गोंगपा का मैदान में आने से भील और गौंड मतदाता सीधे तौर से चुनाव  परिणाम को प्रभावित करेगा.

सोशल मीडिया के कार्यकर्ता कांग्रेस के झूठ को बेनकाब करें

 बाबा साहब ने समाज को भावनात्मक सूत्र में बांधा
 भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा की प्रदेश स्तरीय सोशल मीडिया, आईटी कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रदेश संगठन महामंत्री  सुहास भगत ने बताया कि राष्ट्रविरोधी शक्तियां भ्रांति फैलाकर भारतीय समाज को खंडित करने के प्रपंच रचकर भारत के मूल निवासी होने पर विवाद पैदा करती है, जबकि बाबा साहब आंबेडकर ने समाज को सदैव भावनात्मक सूत्र में गंूथा और आर्यो के भारत के मूल निवासी होने की पुष्टि की. भाजपा सरकार ने पंचतीर्थ की स्थापना कर बाबा साहेब को सम्मान दिया. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया कार्यकर्ता जनता को हमेशा प्रामाणित जानकारी दें और कांग्रेस के झूठ को बेनकाब करें. 
 भगत ने कहा कि भाजपा सरकार ने 14 वर्षों में हर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है, जबकि विपक्ष उपलब्धि के नाम पर शून्य है. इसलिए विपक्ष जनता को भ्रमित करने के लिए शगूफाबाजी करने में लगा है. सोशल मीडिया टीम पूरी आक्रामकता के साथ विपक्ष की साजिशों की कलई खोलें. हमारे पास बड़ी मीडिया टीम है उसे सजग रहकर विपक्ष को निरूत्तर करना है. 
अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सूरज कैरो ने बताया कि मोर्चा ने प्रदेश में सभी मतदान केन्द्रों पर एक सोशल मीडिया प्रभारी और एक सह प्रभारी का मनोनयन कर उन्हें युद्ध स्तर पर केन्द्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों से जनता को रूबरू कराने के लिए तैनात कर दिया है. मोर्चा ने सभी 65 हजार मतदान केन्द्रों पर सोशल मीडिया की 1 लाख 30 हजार कार्यकर्ताओं की टीम खड़ी कर दी है.  कार्यशाला को प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र शर्मा और आईटी सेल के प्रदेश संयोजक  शिवराज डाबी ने विस्तार से सोशल मीडिया की विधा के सूत्रों से अवगत कराया. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया में पार्टी के विचार सजग रहकर प्रस्तुत कर जनमानस पर छाप अंकित करें. अनुसूचित जाति मोर्चा के सोशल मीडिया, आईटी प्रभाग के प्रभारी विष्णु भारती ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि प्रदेश के सभी 56 संगठनात्मक जिलों के 835 मंडलों में सोशल मीडिया और आईटी के कार्यकर्ताओं ने बागडोर संभाल ली है. सह प्रभारी अरविन्द वर्मा ने चर्चा में भाग लिया. भोपाल जिला अध्यक्ष जसवंत वर्मा ने अतिथियों का आभार प्रदर्शन किया. 
महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैठक लेंगी
 भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश मोर्चा प्रभारी सीमा द्विवेदी 6 अगस्त को भोपाल आएंगी. मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष  लता ऐलकर ने बताया कि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सीमा द्विवेदी भोपाल में महिला मोर्चा की बैठक लेंगी जिसमें प्रदेश के सभी 56 संगठनात्मक जिलों के जिला अध्यक्ष और जिला पदाधिकारी भाग लेंगी. बैठक 6 अगस्त को दोपहर प्रदेश कार्यालय पं. दीनदयाल परिसर में आयोजित की जाएगी. बैठक में विधानसभा चुनाव के परिप्रेक्ष्य में मतदान केन्द्रों पर महिला बहनों की टीम की तैनाती की प्रगति की समीक्षा की जाएगी. मोर्चा ने हर मतदान केन्द्र पर पांच बहनों को तैनात करने की तैयारी की है. 

ससुर ने बहू को बनाया हवस का शिकार


राजधानी में एक ससुर ने बहू को अपनी हवस का शिकार बनाया. बाद में बहू को जान से मारने की धमकी दी. इसके बाद बहू ने अपनी बहन के साथ थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने ससुर को हिरासत में ले लिया है.
राजधानी के श्यामला हिल्स थाना क्षेत्र में रहने वाले एक युवक का पुत्र मानसिक रुप से कमजोर है.  युवक ने अपने पुत्र की शादी अप्रैल माह में महाराष्ट्र के हुई थी. इसके बाद एक रात को ससुर बहू के कमरे में गया, उस वक्त बहू सो रही थी, उसका पति कमरे में नहीं था. ससुर ने बहू को डरा-धमका कर उसके साथ ज्यादती की. इसके बाद बहू को किसी को न बताने की बात कहकर धमकी दी. इससे बहू डर गई, मगर इसके बाद ससुर लगातार बहू को डरा-धमका कर संबंध बनाता. एक दिन बहू की चचेरी बहन उसके घर उससे मिलने आई, तब उसने बहन को सारी घटना बता दी. इसके बाद बहन ने थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद चचेरी बहन ने सारी घटना बहू के मायके वालों को बताई. इस बीच बहू के मां-बाप भी आए, मगर उन्हें ससुर ने डरा-धमका कर भगा दिया. बाद में बहू के माता-पिता ने अपनी बेटी को लेकर थाने गए और शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. इसके बाद ससुर को हिरासत में ले लिया है. पुलिस के अनुसार बहू ने शिकायत कर बताया कि आरोपी ससुर शादी के कुछ दिनों बाद से ही उसके साथ संबंध बनाता रहा और उसे डराता रहा कि अगर किसी को कुछ बताया तो वह उसे और उसके मायके वालों को मरवा देगा. इससे बहू डरी-सहमी सी रहने लगी थी.
महिला से छेड़खानी
राजधानी के अरेरा कालोनी में एक महिला ने कुछ समय पूर्व अपनी सास को अस्वस्थ होने पर एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया था. इस दौरान अस्पताल काउंटर पर महिला ने अपना मोबाइल नंबर लिखवाया था. सास के स्वस्थ होने के बाद जब महिला अपने घर लौटी तो कुछ दिन बाद अस्पताल में काम करने वाला हेमंत शर्मा नामक युवक का फोन आया और अश्लील बातें करने लगा. इस पर महिला ने उसे फटकार लगाई. मगर बीती रात महिला बाजार से लौट रही थी, तब हेमंत ने उसे रोका और हाथ पकड़ लिया. महिला ने शोर मचाया तो वह भाग गया. बाद में महिला ने थाने जाकर युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई.

सभी त्यौहार भोपाल की गंगा-जमुनी संस्कृति से मनाएं


भोपाल कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी भोपाल डा. सुदाम खाड़े ने कहा है कि सभी धर्मों के त्यौहार आपसी भाईचारे और भोपाल की गंगा-जमुनी संस्कृति के साथ मिलजुल कर मनायें. 
डॉ. खाड़े जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे. 22 अगस्त को ईदुज्जहा से प्रारंभ होकर 24 अक्तूबर महिर्षि वाल्मीकी जयंती  तक विभिन्न धर्मों के तीज त्यौहार मनाए जाएंगे. इन त्यौहारों की व्यवस्था तथा सौहार्दपूर्ण आयोजन के लिए शांति समिति के सदस्?यों से विचार विमर्श हेतु बैठक आमंत्रित की गई थी. बैठक में शांति समिति के सदस्यों द्वारा इन त्योहारो पर विघुत, सड़क निर्माण, घाट निर्माण एवं उनकी साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था एवं धर्मिक स्थलों के आसपास साफ-सफाई के संबंध में अपने सुझाव रखे.   कलेक्टर डॉ. खाडे ने कहा कि शांति समिति की बैठक एक समाज को दूसरे समाज से जोडने का मंच है. जहां आपसी विचार-विमर्श से सामाजिक परम्पराओ का निर्वहन होता है. कलेक्टर ने पुलिस, नगर निगम, लोक निर्माण, स्वास्थ, विघुत, आदि विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि सभी त्योहार के पूर्व अपने विभाग से अपेक्षित कार्यो को पूर्ण कर लें ताकि आम नागरिकों को किसी तरह की समस्या न हो.

चुनाव कार्य में लगेंगे 20 हजार कर्मचारी


भोपाल कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डा.  सुदाम खाड़े ने कहा है कि निर्वाचन से जुड़े सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन नियमों के अनुरूप और समय सीमा में पूर्ण करें. 
डॉ. खाड़े  जिला निर्वाचन प्रबंधन आयोजना की समीक्षा बैठक ले रहे थे.   बैठक में बताया  कि भोपाल जिले की 7 विधानसभा सीटों के निर्वाचन संबंधी समग्र कार्यों के लिए लगभग 20 हजार अधिकारी एवं कर्मचारियों की आवश्यकता होगी. भोपाल स्थित 387 कार्यालयों को पत्र लिखकर शासकीय सेवकों की जानकारी निर्धारित प्रपत्र में बुलवाई गई है.भोपाल जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में कार्य करने वाले शासकीय सेवकों के प्रशिक्षण हेतु 35 मास्टर ट्रेनर चिन्हित किए गए हैं. इसी प्रकार प्रशिक्षण स्थलों, मतदाता सूची के प्रकाशन, मतदान दल का गठन, परिवहन व्यवस्था, कानून व्यवस्था, मतपत्र मुद्रण, पोस्टल बैलेट, शिकायत जाँच आदि बिन्दुओं पर चर्चा एवं कार्य प्रगति की समीक्षा बैठक में की गई. 

शनिवार, 28 जुलाई 2018

अतिवर्षा और बाढ़ की स्थिति से निपटने में सावधानी बरतें : मुख्य सचिव


मुख्य सचिव  बी.पी. सिंह ने परख वीडियो कान्फ्रेंस में 4 अगस्त को प्रदेश में होने वाले जिला स्तरीय स्वरोजगार सम्मेलन की तैयारियों की जानकारी ली. वीडियो कान्फ्रेंस में प्रदेश मे वर्षा की स्थिति, मिल-बाँचे कार्यक्रम-2018, किसान कल्याण तथा कृषि संबंधी योजनाओं, आधार सीडिंग सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई .
मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक प्रकरण स्वीकृत किये जाएँ. जिला स्तरीय कार्यक्रम में सफल उद्यमियों के अनुभवों के आदान-प्रदान और विषय विशेषज्ञों के व्याख्यान आयोजित किये जाएँ.
प्रदेश में वर्षा की स्थिति की चर्चा के दौरान बताया गया कि अलीराजपुर, डिण्डोरी तथा रीवा जिलों में अभी तक औसत से कम वर्षा हुई है. मुख्य सचिव ने अतिवर्षा और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी जिलों को आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश दिये गये हैं. बाढ़, अतिवर्षा की स्थिति में आपातकालीन नंबर 1079 पर सूचना दी जा सकती है. श्री सिंह ने रोड सेफ्टी के संबंध में कलेक्टरों को अनिवार्य रूप से सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिये.
मिल-बाँचे कार्यक्रम-2018 अब 18 अगस्त को आयोजित होगा. इसमें अब तक 1 लाख 57 हजार वालेन्टियर्स ने पंजीयन करवाया है. वीडियो कान्फ्रेंस में इंदौर, छतरपुर, सीधी, कटनी, विदिशा, बुरहानपुर, सतना, डिण्डौरी, श्योपुर और मण्डला में पंजीयन की ओर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई.
वीडियों कान्फ्रेंस में बताया गया कि अब तक प्रदेश में 6.15 लाख मेट्रिक टन लहसुन का क्रय-विक्रय किया गया है. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, खरीफ की बोनी की स्थिति तथा खाद की उपलब्धता की समीक्षा भी की गई. इस मौके पर जानकारी दी गई कि 9 अगस्त को आदिवासी कल्याण दिवस का आयोजन 20 जिलों में एक साथ किया जाएगा. मुख्यमंत्री झाबुआ से कार्यक्रम को संबोधित करेंगे.
मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत आकांक्षी जिलों में रसोई गैस कनेक्शन की स्थिति की समीक्षा के दौरान 15 अगस्त तक शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिये. आधार सीडिंग के संबंध में भी कार्य को गति देने के निर्देश दिये गये. नवीन उचित मूल्य दुकानों के आवंटन में कटनी, पन्ना, हरदा और रतलाम में कार्य को गति देने की आवश्यकता बताई गई. प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्गो के उन्नयन में आ रही बाधाओं के त्वरित निराकरण के लिए मुख्य सचिव ने छतरपुर और सतना में लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिये. वीडियो कान्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना तथा पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की भी समीक्षा की गई.

36 जिलों में पुस्तकालयों का संचालन

प्रदेश के 36 जिला मुख्यालयों में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय पुस्तकालयों का संचालन किया जा रहा है. इसके अलावा, भोपाल में मौलाना आजाद केन्द्रीय पुस्तकालय और स्वामी विवेकानंद लायब्रेरी का भी संचालन किया जा रहा है. शासकीय पुस्तकालयों के सुदृढ़ीकरण के लिये इस वर्ष करीब 3 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है.
केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय की राष्ट्रीय पुस्तकालय मिशन योजना में चयनित जिला पुस्तकालय, खण्डवा के उन्नयन के लिये 18 लाख 50 हजार रुपये और इंदौर के अहिल्या केन्द्रीय पुस्तकालय के उन्नयन के लिये करीब 22 लाख रुपये मंजूर किये गये हैं. इसके साथ ही, जिला शिवपुरी के पुस्तकालय के लिये 13.14 लाख, शासकीय बरमेन्द्र पुस्तकालय, नागौद, जिला सतना के लिये 2 लाख 28 हजार, जिला पुस्तकालय, मण्डला के लिये करीब 22 लाख, केन्द्रीय पुस्तकालय, ग्वालियर के लिये 10 लाख, जबलपुर केन्द्रीय पुस्तकालय के लिये 42 लाख 71 हजार और शासकीय केन्द्रीय पुस्तकालय, रीवा के लिये 16 लाख 65 हजार रुपये मंजूर किये गये हैं. जिला पुस्तकालयों के उन्नयन के लिये प्रति पुस्तकालय 3 लाख रुपये मंजूर किये गये हैं.

मौलाना आजाद केन्द्रीय पुस्तकालय
भोपाल के मौलाना आजाद केन्द्रीय पुस्तकालय की गिनती सम्पन्न लायब्रेरी के रूप में होती है. इस पुस्तकालय का भवन सुंदर स्थापत्य-कला के लिये भी जाना जाता है. यह पुस्तकालय भोपाल के सेट्रल लायब्रेरी ग्राउंड में संचालित हो रही है. पुस्तकालय में सौर ऊर्जा से रोशनी के लिये सोलर पैनल लगाये जा रहे हैं. केन्द्रीय पुस्तकालय, भोपाल के शिक्षा मित्र क्लब द्वारा 8 बस्तियों में नि:शुल्क पुस्तकालय का संचालन निर्धन वर्ग के बच्चों के लिये किया जा रहा है. इस कार्य में 35 विद्यार्थियों का समूह मदद कर रहा है. स्कूल शिक्षा विभाग के केन्द्रीय पुस्तकालय भोपाल के अलावा इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा में केन्द्रीय पुस्तकालय संचालित किये जा रहे हैं.
स्वामी विवेकानंद लायब्रेरी
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा भोपाल के जीटीबी कॉम्पलेक्स में स्वामी विवेकानंद लायब्रेरी संचालित की जा रही है. इस लायब्रेरी में करीब 1200 नये मेम्बर जोड़े गये हैं. इसके साथ ही 33 स्कूलों, महाविद्यालयों और कार्यालयों ने लायब्रेरी की संस्थागत सदस्यता ली है. लायब्रेरी को सम्पन्न बनाने के लिये करीब 4,200 नई किताबें, 820 नई फिल्में और 1800 पत्रिकाएँ शामिल की गई हैं. लायब्रेरी में हिन्दी किताबों का कलेक्शन भी शामिल किया गया है. स्वामी विवेकानंद लायब्रेरी में लेखक से मिलिये कार्यक्रम भी नियमित रूप से आयोजित किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री की जन (जबरन) आशीर्वाद यात्रा भाजपा के नहीं सरकारी खर्च पर हो रही है


 नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री की जबरन आशीर्वाद यात्रा में मंच से लेकर भीड़ जुटाने का सारा काम सरकारी खर्च पर हो रहा हैद्य इसकी पोल खुद सागर के आयुक्त ने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री को निलम्बित करके खोल दी है .  सिंह ने कहा कि छतरपुर जिले के चंदला में मुख्यमंत्री की जन सभा में मंच मजबूत न बनाने का खामियाजा अफसर को भुगतना पड़ा . नेता प्रतिपक्ष ने मांग की है कि मुख्यमंत्री की अब तक हुई जन आशीर्वाद यात्रा का पूरा खर्च भारतीय जनता पार्टी से वसूला जाए .
      नेता प्रतिपक्ष सिंह ने कहा कि उन्होंने पहले ही यह बताया था कि मुख्यमंत्री की जन आशीर्वाद यात्रा जनता के गाढ़ी कमाई से वसूले गये टैक्स से सरकारी खर्च पर हो रही है द्य जिले के अधिकारियों को मुख्यमंत्री की सभा की व्यवस्था सहित भीड़ लाने की भी जवाबदेही दी गई है .मुख्य चुनाव आयुक्त को भी इसकी शिकायत की गई है  सिंह ने कहा कि जर्जर आर्थिक व्यवस्था के बीच अपने को दीन हीन बताने वाले मुख्यमंत्री किस तरह जनता का पैसा लुटा रहे हैं, यह सामने आ गया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश को बर्बादी की कगार पर पंहुचा रहे शिवराज सिंह की यह आशीर्वाद यात्रा जबरन जनता पर लादी जा  ही है .
      नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह यात्रा प्रदेश की जनता पर बोझ बनती जा रही है .सरकारी कर्मचारी - अधिकारी पिस रहे हैं तो सुरक्षा कर्मी श्यामला हिल्स की क्वीन से पिट रहे हैं .अजय सिंह ने कहा है कि महिला आय.ए.एस. अधिकारी श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने भी अपने पत्र के द्वारा मैदानी अधिकारियों को दिए गये निर्देश से इसके संकेत मिल चुके थे कि सरकारी विभागों पर मुख्यमंत्री की जबरन आशीर्वाद यात्रा का दबाव डाला जा रहा है .
      नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्य सचिव की शासन के प्रशासनिक मुखिया होने के नाते यह जवाबदारी है कि वे शासन- प्रशासन का उपयोग दल विशेष के राजनीतिक उद्देश्यों के लिए न होने दें द्य वे हिम्मत दिखाएँ और आर्थिक रूप से और जर्जर न बनने दें . वे मैदानी अधिकारियों को निर्देशित करें कि सभी अधिकारी जबरन आशीर्वाद यात्रा में सरकारी खर्च न करें .

तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ की हड्ताल का दूसरे दिन भी दिखा असर


मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के आव्हान पर आज तृतीय वर्ग के ढेड लाख से भी ज्यादा कर्मचारियों ने आंदोलन के दूसरे दिवस सामूहिक अवकाश लेकर हड्ताल की . सागर,रीवा, इंदोर, जबलपुर, छिन्दवाडा, शाजापुर,सीहोर,विदिशा सहित प्रदेश के अधिकतर जिलों में संभाग, जिला ब्लाक एवं तहसील कार्यालयों में तृतीय वर्ग कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश लेकर शासकीय कार्य बंद रखा . सबसे ज्यादा असर विभागाध्यक्ष कार्यालय, आयुक्त कार्यालय, जिला कलेक्टर कार्यालय एवं तहसील कार्यालय में देखा गया जहा पर हडताल के कारण आम जनों के काम नही हुए और उन्हें दिक्कतों का सामना करना पडा . प्रदेश भर के आर.टी.ओ कायालय बन्द रहने के कारण लोगों के लायसेंस नही बने तथा गाडियों को फिटनेस भी नही मिली .  
संघ के प्रांत अध्यक्ष ओ.पी. कटियार एवं उपप्रांताध्यक्ष लक्ष्मीनारायण शर्मा ने बताया कि सामूहिक अवकाश आंदोलन पूर्ण रूप से सफल रहा और कर्मचारियों ने संघ के नेतृत्व में पूर्ण आस्था दिखलाई . नेताद्वय ने कहा कि आंदोलन की समीक्षा के लिये तथा आगामी आंदोलन के लिये संघ की केन्द्रीय प्रबंध समिति की बैठक आयोजित की जायेंगी जिसमें संघ के 10 अग्स्त को प्रदेश में जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे जाने एवं 31अगस्त को जिला एवं राजधानी में धरना आंदोलन किये जाने की तैयारी को अंतिम रूप दिया जायेंगा .
  भोपाल जिला ....  संघ के जिला शाखा अध्यक्ष एवं लिपिक वर्गीय कर्मचारी समिति के प्रांतीय संयोजक विजय रघुवंशी ने बताया कि आंदोलन के दूसरे दिन राजधानी में सतपुडा विंध्याचल डीपीआइ आरटीओ, निर्माण भवन, हथकरघा संचालनालय, मत्सय संचालनालय नर्बदा भवनमे हडताल का व्यापक असर देखा गया ा आज चिकित्साशिक्षा, वन एवं आर्थि्रक संचालनालय के कर्मचारियों ने भी आंदोलन में हिस्सा लिया ा  4000 से अधिक कर्मचारियों आज सामूहिक अवकाश पर रहे. कर्मचारियों के अवकाश पर रहने के कारण कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा तथा काम के लिये आने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पडा .
मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के अशोक चतुर्वेदी, राजेश तिवारी,एस.एस. रजक, एसय एन.. शुक्ला, मोहन अययर , उमाशंकर तिवारी, ताहिर कुरेशी, एम.एल. मिश्रा, राकेश खरे, रमेश चिढार,  आर.के. कटियार उमेश बोरकर, ओ.पी. सोनी, , अजब सिंह, शाजिद, अजय जैसवाल, सी.पी. श्रीवास्तव, श्याम यादव, धर्मेश शर्मा, एनयसी. जैन, अरूण भार्गव,अरविंद सावनेर, रविकांत बरोलिया, विजय मिश्रा, टी.सी. वर्मन, आर.के. रावत कनक लता चतुर्वेदी, संतोष शर्मा,अनूप शर्मा, इनायत अली आदि ने आंदोलनको सफल बनाने के लिये राजधानी के कर्मचारियों का अभार माना है.  
प्रमुख मांगे य  लिपिक वर्गीय कर्मचारियों के लिये गठित रमेशचन्द्र शर्मा समिति की 23 अनुसंशाओं को लागू किया जायें, सातवें वेतनमान के अनुरूप भत्ते दिये जायें, शिक्षकों को पदोन्नत पदनाम दिया जायें,ई अटेंडेंस प्रथा समाप्त की जायें,संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जायें,पुरानी पेंशन प्रणाली लागू की जायें,आउट र्सोसिंग प्रथा बंद की जायें.

शिवराजसिंह की यात्रा का नाम, जनआशीर्वाद नहीं बल्कि, जनआवेदन यात्रा होना चाहिए


प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कि शिवराजसिंह की निकल रही यात्रा का नाम, जनआशीर्वाद नहीं बल्कि, जनआवेदन यात्रा होना चाहिए. इस यात्रा के लिए भीड़ को लेकर दिखावटी दावे तो बड़े-बड़े किये जा रहे हैं, लेकिन इस यात्रा में आने वाले वे लोग हैं जो पिछले साढ़े चैदह वर्ष की भाजपा सरकार में अपनी समस्याओं के निदान को लेकर दर-दर भटक रहे हैं एवं सरकारी अधिकारी- कर्मचारियों द्वारा समस्याओं के निदान के नाम पर गुमराह कर लायी जा रही भीड़ है. स्थिति यह है कि शिवराजसिंह चैहान की जनआशीर्वाद यात्रा जहां-जहां जा रही है, वहां बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के आवेदन लेकर आ रहे हैं, जिसे आशीर्वाद देने आने वाली जनता के रूप में प्रायोजित तरीके से प्रचारित किया जा रहा है. स्थिति यह है कि आवेदनांे की संख्या को देखते हुए उन्हें बोरो में भरना पड़ रहा है. 
कमलनाथ ने कहा कि पिछले साढ़े चैदह साल से गरीब जनता अपनी समस्याओं को लेकर दर-बरदर भटक रही है, वे बड़ी संख्या में आवेदन लेकर इस यात्रा में आ रहे हैं. उनमें पेंशन, बिजली, सड़क, राशन कार्ड, बीपीएल कार्ड, नामांतरण, भावांतर और अनाज बिक्री का पैसा न मिलना, बीमा राशि के नाम पर नाम मात्र पैसा मिलना, भ्रष्टाचार से लेकर, घोषणाओं के बाद भी कार्य नहीं होना, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार पर केंद्रित मामले शामिल हैं. मुख्यमंत्री की हर यात्रा में 10-15 बोरी आवेदन एकत्र हो रहे हैं. जनता को समस्या निदान के नाम पर आवेदन लेकर यात्रा में बुलाकर, ठगा जा रहा है और प्रचारित यह किया जा रहा है कि यह भीड़ शिवराजसिंह चैहान को आशीर्वाद देने आ रही है. 
कमलनाथ ने कहा कि पूरी सरकार और तमाम मंत्रीगण, अधिकारी और कर्मचारी अपना काम छोड़कर इस जनआशीर्वाद यात्रा में लगे हैं. सरकारी दफ्तर लावारिस हो चुके हैं, क्योंकि जिम्मेदारों को इस यात्रा में भीड़ ढोने व यात्रा को सफल बनाने की जबावदारी में लगा दिया गया है. उन्होंने कहा कि जनता परेशान हो रही है. जनआशीर्वाद यात्रा के चक्कर मंे पूरा शासन, प्रशासन ठप्प पड़ा हुआ है. जनता भटक रही है, कोई सुनने वाला नहीं है. उन्होंने कहा कि कहने को तो यह भाजपा की यात्रा है, लेकिन यह पूरी तरह से सरकारी यात्रा बनकर रह गयी है.  

बंगला आवंटन में विशेषाधिकार का दुरुपयोग


आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक अग्रवाल ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को पुनरू बंगले आवंटित करने को विशेषाधिकार का दुरुपयोग और लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला बताया है. उन्होंने कहा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने हाईकोर्ट के आदेश की मूल भावना के विपरीत जाकर अपने विशेषाधिकार का प्रयोग किया है. यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को ताक पर रखने वाला और अपनों को सत्ता की ताकत के जरिये मदद पहुंचाने का अनूठा मामला है. वे हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद प्रदेश के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को पुनरू सरकारी बंगले आवंटित करने पर टिप्पणी कर रहे थे. 

उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट ने साफ कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगले खाली कराए जाएं. इन्हें खाली कराने के बजाय प्रदेश के मुख्यमंत्री ने नियमों का दुरुपयोग कर अपनी पार्टी के तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगले पुनरू आवंटित कर दिए हैं. उन्होंने कहा कि दिलचस्प यह है कि यह बंगले पुनरू आवंटित कराने के लिए आवेदन प्रक्रिया का ढोंग भी किया गया है. उन्होंने कहा कि एक तरफ गृह विभाग आवास रिक्त न होने और लंबी वेटिंग लिस्ट की दुहाई देता है, वहीं दूसरी ओर चंद दिन पहले आए आवेदनों पर कार्रवाई करते हुए बंगले आवंटित कर दिए जाते हैं. उन्होंने कहा कि बंगला आवंटन में शिवराज सिंह ने जिस तरह से मुख्यमंत्री के विशेषाधिकार का उपयोग किया है, उससे साफ जाहिर है कि वे अपनों को फायदा पहुंचाने के लिए किसी भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को ताक पर रख सकते हैं. 

भ्रष्टाचार के लिए बनी है मोदी और शिवराज की स्किल डेवलपमेंट योजनाएं


मोदी और शिवराज सरकार की स्किल डेवलपमेंट योजना पर प्रदेश की बेरोजगारी सेना ने आरोप लगाए हैं. बेरोजगारी सेना का आरोप है कि सत्तारूढ़ भाजपा सरकार ने इस स्किल डेवलपमेंट योजना के जरिए लाखों युवओं को भ्रमित किया है. सेना ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार की यह योजना रोजगार नहीं ​बल्कि भ्रष्टाचार के लिए बनी है.
बेरोजगारी सेना के प्रमुख अक्षय हुंका ने आज शनिवार को एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि 26 जुलाई को भोपाल में नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की कौशल विकास कार्यशाला में कौशल विकास राज्यमंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने कहा था कि प्रदेश के एक करोड़ युवाओं को भाजपा में जोड़ा जाए.
अक्षय हुंका का कहना है कि अनंत हेगड़े ने युवाओं को भ्रमित करते हुए कहा था कि स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से लाखों लोगों को नौकरियां मिल रही हैं. जबकि सच्चाई यह है कि स्किल इंडिया पूरी तरह से फ्लॉप योजना है, जिसमें युवाओं को नौकरियां नहीं मिल रही है, और धन्ना सेठों को काफी पैसा मिल रहा है.
अक्षय हुंका ने भाजपा सरकार को चेतावनी दी है कि यदि सरकार युवाओं को भ्रमित करके चुनावी फायदा उठाने के लिए​ स्किल डेवलपमेंट यात्रा निकालेगी, तो बेरोजगारी सेना भी हर जिले में जनता के सामने सच रखने के लिए रोजगार हुंकार यात्रा निकालेगी.
बेरोजगारी सेना द्वारा पेश की गई स्किल डेवलपमेंट योजना की सत्यता
* दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना: पिछले 4 वर्षों में इस योजना के माध्यम से 7,88,000 युवाओं को प्रशिक्षण देकर नौकरी दिलाना था, लेकिन ​केवल 5,70,576 लोगों को ट्रेनिंग दी गई और 3,48,161 लोगों को नौकरियां प्राप्त हुई.
*  दीनदयाल अंत्योदय योजना: पिछले 2 वर्षों में केवह मध्य प्रदेश में ही करीब 3 लाख लोग इसमें ट्रेनिंग ले चुके हैं, लेकिन उनमें से सिर्फ 25 प्रतिशत लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है.
* प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना: इस योजना के दूसरे चरण 2016-2020 में पहले 2 वर्ष में 22.79 लाख लोगों ने दाखिला लिए और केवल एक 7.59 लाख लोगों को नौकरी मिली. मध्य प्रदेश में 2.26 लाख में से मात्र 68 हजार लोगों को इस योजना के तहत नौकरियां प्राप्त हुईं.

उमा, गौर, जोशी को मिला बंगला, दिग्विजयसिंह को नहीं


पूर्व मुख्यमंत्रियों से बंगला खाली कराने वाले विवाद पर विराम लग गया है. राज्य सरकार ने तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को दोबारा बंगले आवंटित कर दिए हैं. इसके लिए सरकार द्वारा उनसे शुल्क वसूला जाएगा. खास बात ये है कि इसमें प्रदेश के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के नाम कैलाश जोशी, बाबूलाल गौर और उमा भारती शामिल है, लेकिन दिग्विजय को इससे दूर रखा गया है यानि दिग्विजय सिंह को अब बंगला खाली करना पड़ेगा.प्रमुख सचिव गृह मलय श्रीवास्तव ने तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को मौजूदा आवास ही गणमान्य नागरिक की श्रेणी में सशुल्क दिए जाने की पुष्टि की. 
दरअसल, हाईकोर्ट के आदेश के बाद मध्य प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगले खाली करने का नोटिस दे दिया गया था, जिसमें से उमा भारती और कैलाश जोशी  बंगला खाली करने को राजी हो गए थे, लेकिन दिग्विजय और बाबूलाल  गौर तैयार नही थे. उन्होंने बंगला खाली करने से मना कर दिया था.इसके बाद मामला राज्य सरकार के पास पहुंच गया था, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री को बंगला आवंटित करना मुख्यमंत्री का एकाधिकार है. वही जबलपुर हाईकोर्ट  ने एक जनहित याचिका पर फैसला सुनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्रियों को निशुल्क आजीवन सरकारी आवास की सुविधा के प्रावधान को अवैधानिक करार देते हुए एक माह में कार्यवाही करने के आदेश दिए थे. इसी के चलते राज्य सरकार ने नई आवेदन प्रक्रिया के तहत वही बंगले सशुल्क आवंटित करने का के आदेश जारी किए .. शासन की ओर से की गई पहल पर तीनों ने नए आवेदन दिए थे. हालांकि दिग्विजय सिंह ने अभी तक सरकार को कोई आवेदन नहीं दिया है. माना जा रहा है कि आवेदन पर दिग्विजय को भी वही बंगला मिल जाएगा. 
वही पूर्व केंद्रीय मंत्री, सांसद व कांग्रेस की प्रदेश स्तरीय चुनाव प्रचार अभियान समिति के प्रमुख ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी सांसद कोटे से शासकीय आवास मांगा था. अभी गृह विभाग ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है. बताया जा रहा है कि बड़े आवास रिक्त नहीं हैं, इसलिए वेटिंग ज्यादा है. उल्लेखनीय है कि उमा भारती को बतौर पूर्व मुख्यमंत्री श्यामला हिल्स स्थित बी-2 आवास आवंटित था. जबकि कैलाश जोशी 74 बंगला क्षेत्र एवं बाबूलाल गौर को भी 74 बंगला क्षेत्र में बी-6 बंगला आवंटित था. गौर पर 28 साल तक सरकारी बंगले में रहने के बाद भी छोड़ने को तैयार नहीं थे.फिलहाल पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, उमा भारती, कैलाश जोशी और बाबूलाल गौर पूर्व मुख्यमंत्री के नाते आज भी सरकारी बंगलों में रह रहे हैं.

मुख्यमंत्री की यात्रा से पिस रहे अधिकारी


नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मुख्यमंत्री की जनआशीर्वाद यात्रा को लेकर आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि यात्रा सरकारी खर्च पर निकाली जा रही है. मुख्यमंत्री पर निशना साधते  हुए अजय सिंह ने  कहा यह जबरन की यात्रा है जिसमे मंच से लेकर भीड़ जुटाने का सारा काम सरकारी खर्चे पर हो रहा है. यह यात्रा जनता पर बोझ बनती जा रही है और सरकारी कर्मचारी अधिकारी पिस रहे हैं
अजय सिंह ने मुख्य सचिव से कहा है कि वे प्रदेश की जनता के प्रति जवाबदारी निभाएं और इन खर्चों पर अंकुश लगायें . नेता प्रतिपक्ष ने मांग की है कि मुख्यमंत्री की अब तक हुई जन आशीर्वाद यात्रा का पूरा खर्च भारतीय जनता पार्टी से वसूला जाए . उन्होंने कहा महिला आईएएस अधिकारी दीपाली रस्तोगी ने भी अपने पत्र के द्वारा मैदानी अधिकारियों को दिए गये निर्देश से इसके संकेत मिल चुके थे कि सरकारी विभागों पर मुख्यमंत्री की जबरन आशीर्वाद यात्रा का दबाव डाला जा रहा है . 
उन्होंने कहा कि जिले के अधिकारियों को मुख्यमंत्री की सभा की व्यवस्था सहित भीड़ लाने की भी जवाबदेही दी गई है .जबरन आशीर्वाद यात्रा में मंच से लेकर भीड़ जुटाने का सारा काम सरकारी खर्च पर हो रहा है. इसकी पोल खुद सागर के आयुक्त ने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री को निलम्बित करके खोल दी है . छतरपुर जिले के चंदला में मुख्यमंत्री की जन सभा में मंच मजबूत न बनाने का खामियाजा अफसर को भुगतना पड़ा . उन्होंने पहले ही यह बताया था कि मुख्यमंत्री की जन आशीर्वाद यात्रा जनता के गाढ़ी कमाई से वसूले गये टैक्स से सरकारी खर्च पर हो रही है .  सिंह ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को भी इसकी शिकायत की गई है . जर्जर आर्थिक व्यवस्था के बीच अपने को दीन हीन बताने वाले मुख्यमंत्री किस तरह जनता का पैसा लुटा रहे हैं, यह सामने आ गया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश को बर्बादी की कगार पर पंहुचा रहे शिवराज सिंह की यह आशीर्वाद यात्रा जबरन जनता पर लादी जा  ही है द्यमुख्य सचिव की शासन के प्रशासनिक मुखिया होने के नाते यह जवाबदारी है कि वे शासन- प्रशासन का उपयोग दल विशेष के राजनीतिक उद्देश्यों के लिए न होने दें . वे हिम्मत दिखाएँ और आर्थिक रूप से और जर्जर न बनने दें .वे मैदानी अधिकारियों को निर्देशित करें कि सभी अधिकारी जबरन आशीर्वाद यात्रा में सरकारी खर्च न करें . 

गौरतलब है कि सीएम शिवराज सिंह चैहान की जन आशीर्वाद यात्रा गुरुवार को छतरपुर के चंदला पहुंची थी, जहां पर जन सभा के बाद सीएम का पैर मंच से उतरते समय सीढ़ियों से फिसल गया था और शिवराज नीचे गिर पड़े थे, इसी दौरान गार्ड और भीड़ के लोग जब उन्हें संभाल रहे थे तभी पीछे से मुख्यमंत्री की पत्नी  ने एक सुरक्षा कर्मी को पीठ पर हाथ मार दिया था और पूरा मामला कैमरे में कैद हो गया, जिसके बाद से बवाल खड़ा हो गया है. इसके पहले सीएम भी सुरक्षा कर्मियों को थप्पड़ मारने के मामले में विवाद में आ चुके है.

2 अक्टूबर 2019 तक पूरे किये जाएँ काम

प्रदेश में स्वच्छ विद्यालय अभियान के अंतर्गत सरकारी स्कूलों में कार्य-योजना बनाकर स्वच्छ भारत की परिकल्पना के अनुसार कार्य शुरू किया गया है. राज्य शिक्षा केन्द्र ने जिला कलेक्टर्स को निर्देश जारी किये हैं. कार्य-योजना के अनुसार 2 अक्टूबर 2019 तक सभी काम पूरे किये जाएँ.
निर्देशों में कहा गया है कि सभी सरकारी स्कूलों में बालक-बालिकाओं के लिए पृथक-पृथक शौचालयों का निर्माण और उनका संधारण किया जाये. शौचालयों की नियमित सफाई अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाये. शौचालयों की मरम्मत के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की स्टाम्प शुल्क वसूली की राशि में प्रावधान किया गया है. ग्रामीण क्षेत्र में प्रत्येक शाला को सफाई व्यवस्था के लिए अलग से राशि दी गई है.
शासकीय शालाओं में न्यूनतम एक पेयजल स्रोत के व्यवस्था के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से सहयोग लेने के लिये कहा गया है. शाला में उपलब्ध पेयजल की शुद्धता की नियमित जाँच करवाई जाये. शालाओं में मध्यान्ह भोजन के पूर्व पढ़ने वाले विद्यार्थियों के हाथ साबुन से अनिवार्य रूप से धुलवायें जायें. इसकी आदत बच्चों में विकसित की जाये. बच्चे स्वच्छता के महत्व को समझ सकें, इसको दर्शाते हुए संदेश दीवारों पर लिखवाये जायें. शालाओं में गंदे पानी के निस्तार की पक्की व्यवस्था की जाये. शाला परिसर में जल संरक्षण की व्यवस्था भी की जाये.
कलेक्टरों से कहा गया है कि प्रत्येक सरकारी स्कूल में हरियाली अभियान के अंतर्गत पौध-रोपण अवश्य करवाया जायें. जिला शिक्षा अधिकारियों को इन कार्यो की स्कूल शिक्षा विभाग के मैदानी अमले के साथ नियमित समीक्षा करने के लिए भी कहा गया है.

सक्रियता एवं संवदेनशीलता के साथ कार्यवाही करें कार्रवाई

पीटीआरआई जहांगीराबाद में अनुसूचित जातिध्जनजाति वर्गों के प्रति संवेदनशीलता विषय पर आयोजित दो दिवसीय सेमीनार का पुलिस महानिदेशक  ऋ‍षि कुमार शुक्‍ला एवं विशेष पुलिस महानिदेशक के. एन. तिवारी ने शुभारंभ किया. इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक  शुक्‍ना ने कहा कि पुलिस अधिकारी एससीध्एसटी वर्ग के पीडि़तों की शिकायत धैर्य एवं संवेदनशीलता के साथ सुनें और उन्‍हें ये एहसास करायें कि वे सही जगह आए हैं उनकी बात सुनी जाएगी तथा न्‍याय मिलेगा. पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी द्वारा शिकायतकर्ता की बात धैर्य एवं विनम्रता से सुनने से ही उसकी पीड़ा बहुत हद तक कम हो जाती है एवं त्‍वरित न्‍याय की संभावना बढ़ जाती है. पुलिस समाज को जोड़ने की बहुत अहम कड़ी है अतरू इस महत्‍वपूर्ण भूमिका को निष्‍ठा के साथ निभायें. अपराध की विवेचना प्रक्रिया कानून के अनुसार समय सीमा में पूरी करें. पुलिस समाज के तनाव को दूर करने में सक्रिय होकर कार्य करे. पुलिस अधिकारी एससीध्एसटी वर्ग से संबंधित सभी कानून एवं इसमें किए गए संसोधनों से अद्यतन होकर कार्य करें. संवेदनशीलता एवं विनम्रता को व्‍यवहार में लाने से सकारात्‍मक परिणाम मिलेंगे. श्री शुक्‍ला ने कहा कि समय-समय पर ऐसे सेमीनार आयोजित कर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की व्‍यावसायिक दक्षता को बढ़ाया जाता है. यह सेमीनार इस उद्देश्‍य को पूरा करेगा.
      इस अवसर पर विशेष महानिदेशक  के.एन. तिवारी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में संसद एवं न्‍यायालय ने सर्वाधिक चिंतन इसी विषय पर किया है तथा एससीध्एसटी वर्ग के लोगों को मुख्‍य धारा से जोड़ने के लिए अधिनियमों को और अधिक युक्तियुक्‍त बनाया गया है. पुलिस को इस विषय पर अधिक संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की आवश्‍यकता है. शासन-प्रशासन की तरफ से भी इन वर्गों को त्‍वरित न्‍याय दिलाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं. विशेष अभियोजक, विशेष न्‍यायालय सहित कई प्रक्रियाओं की समय सीमा भी तय की  गई है. उन्‍होंने कहा कि कई प्रकरणों में तो जान-बूझकर देर करने अथवा हीलाहवाली करने पर विभागीय जांच तथा अवमानना के तहत कार्यवाही का भी प्रावधान किया गया है. सभी पुलिस अधिकारी कानूनों एवं संशोधनों से अद्यतन होकर संवेदनशीलता के साथ कार्य करें. यह सेमीनार मील का पत्‍थर साबित होगा.
      कलेक्‍टर सुदाम खाड़े ने कहा कि त्‍वरित न्‍याय एवं राहत हेतु जाति प्रमाण-पत्र की आवश्‍यकता होती है जिसमें कई व्‍यावहारिक कठिनाइयां भी हैं. शासन द्वारा इस संदर्भ में नियमों का सरलीकरण किया गया है. अब अनुसूचित जातिध्जनजाति प्रमाण-पत्र लोकसेवा केंद्रो द्वारा बनाये जाते हैं. समय-सीमा में प्रमाण-पत्र नहीं देने पर संबंधित अधिकारी को 250 से अधिकतम 5000रु. तक के दण्‍ड का प्रावधान है. जाति प्रमाण-पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है अगर फरियादी आवश्‍यक दस्‍तावेज उपलब्‍ध नहीं करवा पाता है तो सरपंच, पार्षद द्वारा लिखित दिए गए प्रमाण-पत्र से भी काम चल जाता है. इस अवसर पर विशेष न्‍यायाधीश एससीध्एसटी अत्‍याचार निवारण अधिनियम एडीजे  एस.सी. उपाध्‍याय ने कहा कि विवेचना के दौरान एसटीध्एससी एवं अन्‍य सभी वर्गों के प्रति भी संवेदनशील होना चाहिए क्‍योंकि सभी जातियां मानवजनित हैं. किसी भी प्रकरण में विवेचक को तटस्‍थ होकर कार्य करना चाहिए. विवेचक को कानून की मूल भावनाओं को समझते हुए कार्य करना चाहिए.
अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक (अजाक)  प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्‍तव ने सेमीनार की रूपरेखा रखी. उन्‍होंने कहा कि इस सेमीनार को अधिक रुचिकर एवं परिणामोत्‍पादक बनाने के लिए परिचर्चाओं के अधिक सेशन रखे गए हैं. विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षणार्थियों की शंकाओं का अधिकाधिक समाधान किया जायेगा.

      

आक्रामक होने के कमलनाथ ने दिये निर्देश

प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश कांगे्रस मुख्यालय के सभाकक्ष में प्रदेश कांगे्रस की नवनियुक्त मीडिया चेयरमेन शोभा ओझा के नेतृत्व में प्रदेश प्रवक्ताओं और मीडिया पैनेलिस्टों की बैठक ली. 
नाथ ने बैठक में कहा कि मीडिया पार्टी का मजबूत स्तंभ होता है. मीडिया के माध्यम से ही चुनावी गतिविधियों की जानकारी जनता तक पहुंचती है. यदि हम मीडिया के सामने मजबूती से अपना पक्ष नहीं रख पायेंगे तो जनता तक भाजपा की जनविरोधी नीतियों और उसकी नाकामियों को उजागर नहीं कर सकते. हमें जतना तक सच्चाई को पहुंचाना है, ताकि जनता सच्चाई का साथ दे सके.श्री कमलनाथ ने कहा कि हमें अपनी लड़ाई आक्रामकता के साथ लड़ना होगा. चैनल में कौन सा प्रवक्ता जायेगा, किस विषय पर अपनी बात भाजपा के सामने वजनदारी से रख पायेगा यह प्रदेश कांगे्रस मीडिया विभाग तय करेगा. 
कांगे्रस मीडिया विभाग की चेयरमेन शोभा ओझा ने कहा कि प्रवक्ता और पैनेलिस्ट अपनी तैयारी के साथ चैनलों पर डिवेट में जाये. सुबह 11 बजे से रोज प्रदेश कांगे्रस कार्यालय में बैठक होगी, जिसमें प्रवक्ताओं और पैनेलिस्टों को उपस्थित रहना जरूरी है. मीडिया उपाध्यक्ष अभय दुबे और भूपेन्द्र गुप्ता को प्रवक्ताओं और पैनेलिस्टों की माॅनिटरिंग करने की जबावदारी दी गई.  
बैठक में अभा कांगे्रस कमेटी के सचिव जुबेर खान, प्रदेश कांगे्रस के उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी चंद्रप्रभाष शेखर, महामंत्री राजीव सिंह, प्रकाश जैन, मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा, मृणाल पंत, प्रवक्तागण जे.पी. धनोपिया, रवि सक्सेना, विभा पटेल, दुर्गेश शर्मा, सैयद जाफर, संगीता शर्मा, अमित शर्मा, अजयसिंह यादव, स्वदेश शर्मा, मिथुन अहिरवार, आनंद तारण, फिरोज सिद्दीकी, संजय श्रीवास्तव, अमीन उल खान सूरी, जयश्री हरिकरण, शाहवर आलम, डाॅ. नीता सिंह सिसोदिया, विव्यान खोगल आदि उपस्थित थे. 

पोल खोलो-वास्तविकता बताओ अभियान में बताएं सरकार की वास्तविकता


प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा प्रदेश की शिवराज सरकार के खिलाफ चलाये जा रहे पोल खोलो-वास्तविकता बताओ अभियान के तहत आज प्रदेश की भाजपा सरकार में व्याप्त शिक्षा की बदहाल स्थिति को उजागर किया है. प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान अपनी जन आशीर्वाद यात्रा में शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे कर कांगे्रस को कोस रहे हैं, जबकि वास्तविकता उसके विपरीत है. 
 नाथ ने कहा कि प्रदेश की साढे़ चैदह वर्ष की भाजपा सरकार पिछले छह सालों में शिक्षा में सुधार को लेकर लगभग 48 हजार करोड़ रूपये खर्च कर चुकी है. लेकिन शिक्षा के स्तर को लेकर प्रदेश, देश में निचले पायदान वाले राज्यों में शुमार है. प्रदेश मंे सरकारी स्कूल में बच्चों का पढ़ना-लिखना तो दूर, उन्हें शब्दों की पहचान भी नहीं है. पिछले पांच सालांे में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी व खराब शिक्षा प्रणाली के कारण करीब 23 लाख से अधिक बच्चों ने स्कूल छोड़ दिया है.  प्रदेश में प्राथमिक कक्षा में प्रवेश लेने वाले 23 फीसदी बच्चे पढ़ाई छोड़ देते हैं. प्रदेश के कुल 01 लाख 14 हजार 719 कुल प्रायमरी व मिडिल स्कूलों मंे से 97 हजार 211 स्कूलों में बिजली नहीं है, 5606 में बाऊंड्रीवाल नहीं है. यह खुलासा प्रदेश की कैबीनेट बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के मंजूर प्रस्तावों से हुआ है. प्रदेश में निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद भी न पढ़ाई का स्तर बढ़ा है और न मूलभूत सुविधाऐं मिली हैं. केग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 18 हजार 213 स्कूल एक शिक्षक के भरोसे है. 63851 शिक्षकों के पद विद्यार्थियों के अनुपात मंे खाली पढ़े हैं. करोड़ों खर्च करने के बाद भी राज्य में 10.25 लाख बच्चों ने प्राथमिक स्तर के बाद व 4 लाख 9 हजार बच्चों ने आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी है. प्रदेश के 44 हजार 754 स्कूलों में खेल मैदान नहीं हैं. 5176 स्कूलों में पानी की सुविधा नहीं है. हजारांे स्कूलों में छात्र व छात्राओं के अलग-अलग शौचालयों तक की सुविधा नहीं है और दावे बड़े-बड़े किये जा रहे हैं. 

आदेश का इंतजार किए बिना कानून की भावना और नियम के अनुसार कार्य करें



      पुडुचेरी की लेफ्टिनेंट गवर्नर, डॉ किरण बेदी ने युवा पुलिस अधिकारियों से पुलिस बल की सेवा को हमेशा सच्ची भावना से करने की अपील की. उन्होंने कहा कि यह सेवा प्रत्येक नागरिक के जीवन, स्वतंत्रता और कल्याण की सुरक्षा से जुड़ी है. डॉ. किरण बेदी ने पुलिस अधिकारियों को सलाह देते हुए कहा कि अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की प्रतीक्षा किए बिना वे हमेशा कानून की भावना और नियम के अनुसार कार्य करें.
      उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी होती है क्योंकि वे जमीनी स्तर के प्रमुख अधिकारी होते हैं जबकि वरिष्ठ अधिकारी पर्यवेक्षक की भूमिका निभाते हैं. उन्‍होंने पुलिस अधिकारियों को अपने दिन का शुभारंभ शीघ्रता से करने और प्रतिदिन अपने कार्य क्षेत्र में जाकर लोगों के साथ मिलने के लिए सख्त दैनिक नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया.   भारतीय पुलिस सेवा की विशिष्‍ट अधिकारी रहीं, डॉ किरण बेदी, फेडरेशन ऑफ इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स (फिक्की) के सहयोग से पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो (बीपीआर एंड डी) द्वारा आयोजित द्वितीय युवा अधीक्षक पुलिस सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं.       डॉ बेदी ने युवा पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा उपकरणों से जुड़ी तकनीकी रूप से उन्नत कंपनियों एवं इस क्षेत्र के विशेषज्ञों को एक साथ लाने के लिए बीपीआर एंड डी की प्रशंसा की. उन्होंने बीपीआर एंड डी के प्रमुख के तौर पर कार्य करने के अपने पिछले दिनों का स्मरण करते हुए आगामी वर्षों में इसके विकास पर संतोष भी जताया. युवा पुलिस अधीक्षकों के दो दिवसीय सम्मेलन पर अपने विचार व्‍यक्‍त करते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में पुलिस अधीक्षकों की संख्‍या को केवल 100 तक सीमित करने के बजाय इसे प्रत्‍येक पुलिस अधीक्षक के लिए अनिवार्य किया जाना चाहिए. उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि उचित प्रौद्योगिकी के उपयोग से संबंधित विषयों पर संपूर्ण पुलिस बल के लाभ के लिए बीपीआर एंड डी को एक बार सभी के लिए प्रशिक्षण का शुभारंभ करना चाहिए.
      बीपीआर और डी के महानिदेशक, डॉ एपी महेश्वरी ने डॉ बेदी का महिला सशक्तिकरण प्रतीक, मैगसेसे पुरस्कार विजेता एवं एक असाधारण पुलिस अधिकारी के रूप अभिवादन किया. दो दिवसीय सम्मेलन के अंत में, डॉ महेश्वरी ने प्रौद्योगिकी के उपयोग के बारे में सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी का उपयोग करने वाले व्यक्ति को हमेशा इसका न्यायसंगत तरीके से उपयोग करना पड़ता है ताकि अच्छे उद्देश्य के साथ जनता को सुविधा प्रदान कर सकें. उन्होंने कृषि क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि इस क्षेत्र में रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग के बाद, किसानों को जैविक खेती की तरफ लौटने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. डॉ महेश्वरी ने कहा कि राज्य पुलिस बल की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने और स्थानीय जरूरतों एवं पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित करने के लिए राज्य स्तर पर भी बीपीआर और डी जैसी संस्थाएं स्थापित की जानी चाहिए. बीपीआर और डी के अपर महानिदेशक, वीएच देशमुख ने फिक्की के सहयोग से आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन और तकनीकी प्रदर्शनी एवं पुलिस एक्सपो-2018 का भी एक सिंहावलोकन प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि सुरक्षा से संबंधित अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी से जुड़ी लगभग 65 कंपनियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया.  देशमुख ने कहा कि 2015 में भुज में आयोजित पुलिस महा-निदेशक और पुलिस महानिरीक्षक वार्षिक सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों के बाद इस सम्‍मेलन का आयोजन किया गया. सम्‍मेलन के दौरान प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया था कि युवा पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाना चाहिए और उन्‍हें नवीनतम तकनीक से परिचित कराना चाहिए.प्रथम युवा पुलिस अधीक्षक सम्मेलन का आयोजन 2017 में किया गया था और यह इसका द्वितीय आयोजन है. इस सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री ने किया था. सम्मेलन को संबोधित करते हुए  राजनाथ सिंह ने कहा कि पुलिस की भूमिका भूमि से समुद्र तट तक फैली है और यह असंख्य चुनौतियों का सामना करती है और जिस तरह के अपराधों से पुलिसकर्मी निपटते हैं वह काफी जटिल हो चुके हैं. उन्‍होंने कहा था कि प्रौद्योगिकी के इष्टतम उपयोग के साथ विभिन्न इकाइयों के बीच अच्‍छे समन्वय से बेहतर सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सकता है. यही कारण है कि उभरती प्रौद्योगिकियों के साथ इस क्षेत्र के विशेषज्ञों का संपर्क युवा पुलिस अधिकारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.