मध्यप्रदेश भाजपा अपने घोषणा पत्र में जनता से सुझाव मांगेगी. इसके लिए वह सुझाव पेटी तो लगाएगी, साथ ही आनलाइन वेबसाइट तैयार कर जनता से सीधे सुझाव मांगेंगी.
राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल की मौजूदगी में प्रदेश कार्यालय में हुई घोषणा पत्र समिति की बैठक में तय किया गया है कि जनता के सुझाव के लिए अब सुझाव पेटियां लगाई जाएं, साथ ही आनलाइन वेबसाइट बनाकर सुझाव लिए जाएं. चुनावी घोषणा पत्र तैयार करने के लिए अब सुझाव पेटियां भी लगेंगी. राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल की मौजूदगी में हुई चुनाव घोषणापत्र समिति की बैठक में तय किया गया है कि जनता के सुझाव लेने के लिए उनके बीच पहुंचा जाए. इस कवायद को अमली जामा पहनाने के लिए प्रदेश भाजपा कार्यालय में एक सुझाव पेटी रखी जाएगी. इस पेटी में कोई भी व्यक्ति गोपनीय तरीके से अपने सुझाव दे सकता है. इतना ही नहीं जिला मुख्यालयों पर भी एक-एक सुझाव पेटी लगाने का फैसला किया गया है. आनलाइन सुझाव के लिए अलग से साइट तैयार होगी. समिति के सदस्य खुद जनता के बीच जाकर सुझाव एकत्रित करेंगे. 10 से 20 अगस्त तक सभी सदस्यों को सुझाव लेने के लिए दी गई. 15 सितंबर तक घोषणापत्र का ड्राफ्ट तैयार कर लिया जाएगा. बताया जा रहा है कि 25 सितंबर को घोषणापत्र जारी हो सकता है. वहीं घोषणापत्र तैयार करने के लिए सुझाव पेटी लगाए जाने पर कांग्रेस ने पलटवार किया है. कांग्रेस का कहना है कि ये वक्त सुझाव का नहीं शिकायत पेटी लगाने का है.
राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल की मौजूदगी में प्रदेश कार्यालय में हुई घोषणा पत्र समिति की बैठक में तय किया गया है कि जनता के सुझाव के लिए अब सुझाव पेटियां लगाई जाएं, साथ ही आनलाइन वेबसाइट बनाकर सुझाव लिए जाएं. चुनावी घोषणा पत्र तैयार करने के लिए अब सुझाव पेटियां भी लगेंगी. राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल की मौजूदगी में हुई चुनाव घोषणापत्र समिति की बैठक में तय किया गया है कि जनता के सुझाव लेने के लिए उनके बीच पहुंचा जाए. इस कवायद को अमली जामा पहनाने के लिए प्रदेश भाजपा कार्यालय में एक सुझाव पेटी रखी जाएगी. इस पेटी में कोई भी व्यक्ति गोपनीय तरीके से अपने सुझाव दे सकता है. इतना ही नहीं जिला मुख्यालयों पर भी एक-एक सुझाव पेटी लगाने का फैसला किया गया है. आनलाइन सुझाव के लिए अलग से साइट तैयार होगी. समिति के सदस्य खुद जनता के बीच जाकर सुझाव एकत्रित करेंगे. 10 से 20 अगस्त तक सभी सदस्यों को सुझाव लेने के लिए दी गई. 15 सितंबर तक घोषणापत्र का ड्राफ्ट तैयार कर लिया जाएगा. बताया जा रहा है कि 25 सितंबर को घोषणापत्र जारी हो सकता है. वहीं घोषणापत्र तैयार करने के लिए सुझाव पेटी लगाए जाने पर कांग्रेस ने पलटवार किया है. कांग्रेस का कहना है कि ये वक्त सुझाव का नहीं शिकायत पेटी लगाने का है.

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