बुधवार, 25 जुलाई 2018

हड़ताली जूडा पर निष्कासन की कार्रवाई

हड़ताल के चलते मरीज हो रहे परेशान
मध्यप्रदेश में सरकार ने हड़ताल कर रहे जूनियर डाक्टरों पर कार्रवाई कर आज जूनियर डाक्टर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डा. सचेत सक्सेना सहित चार जूनियर डाक्टरों को निष्कासित किया है. अब तक 24 जूनियर डाक्टरों पर निष्कासन की गाज गिर चुकी है. वहीं जूनियर डाक्टरों की हड़ताल जारी है, जिससे मरीज परेशान हो रहे हैं.
मध्यप्रदेश के सभी मेडिकल कालेजों में जूनियर डाक्टरों के हड़ताल पर चले जाने से जहां अस्पतालों में मरीज इलाज के लिए परेशान हो रहे हैं, वहीं सरकार ने हड़ताल के विरोध में सख्त कदम उठाया है. मंगलवार को सरकार ने 20 जूनियर डाक्टरों पर निष्कासन की कार्रवाई कर दी थी, इसके बाद भी जब हड़ताल बुधवार को जारी रही तो सरकार ने जूनियर डाक्टर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डा. सचन सक्सेना और उनके तीन साथियों संजय यादव, विपिन सिंह और पारस पर निष्कासन की कार्रवाई कर दी. संजय यादव भोपाल जूनियर डाक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं.  इसके पूर्व मंगलवार को जिन 20 जूनियर डाक्टरों का निष्कासन किया गया उनमें एमजीएमसी इंदौर में जूनियर डाक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. कृपाशंकर तिवारी, जबलपुर मेडिकल कालेज में जूनियर डाक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. अमरेन्द्र वर्मा, रीवा में डा. शरद साहू और ग्वालियर में डा. अनिल शर्मा भी शामिल हैं. इन पदाधिकारियों सहित अब तक सरकार द्वारा कुल 24 जूनियर डाक्टरों पर कार्रवाई की जा चुकी है.
उल्लेखनीय है कि राज्य के जूनियर डाक्टर अपना स्टायपेंड बढ़ाए जाने सहित अन्य सुविधाओं की मांग पर अड़े हुए है. उनकी हड़ताल का आज बुधवार को तीसरा दिन था. मंगलवार को भोपाल में जूनियर डॉक्टरों के प्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच कई दौर की बातचीत चली, मगर कोई नतीजा नहीं निकला. प्रशासनिक अधिकारियों ने जब उन पर कार्रवाई की चेतावनी दी तो जूनियर डॉक्टरों ने मंगलवार को सामूहिक इस्तीफे सौंप दिए. वहीं प्रदेश सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा चिकित्सा महाविद्यालयों के कर्मचारियों की सेवाओं को अत्यावश्यक सेवा अधिनियम (एस्मा) घोषित किए जाने के बावजूद अपनी मांगों को लेकर जूनियर डाक्टरों के हड़ताल पर जाने से राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई है. मरीज परेशान घूम रहे हैं.

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