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| के.के मिश्रा |
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| शिवराज सिंह चौहान |
प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कांग्रेस नेता के.के मिश्रा को विकृत मानसिकता वाला व्यक्ति बताने पर वरिष्ठ अभिभाषक अजय गुप्ता की ओर से कानूनी नोटिस भेजा गया है, जिसमें मुख्यमंत्री से इस मामले में तीन दिनों में माफी मांगने की मांग की है, अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही गई है.
कांग्रेस नेता के.के मिश्रा की ओर से उनके वकील गुप्ता द्वारा भेजे गए इस नोटिस में कहा गया है कि मुख्यमंत्री द्वारा मेरे पक्षकार के.के.मिश्रा के खिलाफ उक्त मानहानिकारक आक्षेप राजनैतिक कारणों से लगाया गया है, जबकि वे मानसिक तौर पर पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता है और कांग्रेस पार्टी के कई अहम पदों पर कार्य कर रहे हैं. गुप्ता ने मुख्यमंत्री को स्मरण दिलाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा ही पारित मेंटल हेल्थकेयर एक्ट -2017 में कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति को उसके इलाज के अतिरिक्त किसी भी प्रयोजन हेतु मानसिक रूप से बीमार नहीं कहा जा सकता है, विशेषकर राजनैतिक कारणों से तो कतई नहीं. इसका उल्लंघन होने की दशा में 6 माह का कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माना या दोनों का प्रावधान है. पारित अधिनियम में उक्त बीमारी को लेकर उपचाररत बीमार को जब बीमार नहीं कहा जा सकता है तो संवैधानिक पद पर काबिज एक मुख्यमंत्री द्वारा न्यायालय में शपथपूर्वक दिए गए अपने कथन में मानसिक रूप से स्वस्थ्य किसी व्यक्ति को किस आधार, प्रमाण के आधार पर विकृत मानसिकता वाला घोषित करार किया गया ! मुख्यमंत्री का यह प्रामाणिक कथन आईपीसी की धारा 499-500 के तहत मानहानिकारक है. लिहाजा, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, मिश्रा से माफी मांगे,अन्यथा उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी.


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