शनिवार, 28 जुलाई 2018

भ्रष्टाचार के लिए बनी है मोदी और शिवराज की स्किल डेवलपमेंट योजनाएं


मोदी और शिवराज सरकार की स्किल डेवलपमेंट योजना पर प्रदेश की बेरोजगारी सेना ने आरोप लगाए हैं. बेरोजगारी सेना का आरोप है कि सत्तारूढ़ भाजपा सरकार ने इस स्किल डेवलपमेंट योजना के जरिए लाखों युवओं को भ्रमित किया है. सेना ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार की यह योजना रोजगार नहीं ​बल्कि भ्रष्टाचार के लिए बनी है.
बेरोजगारी सेना के प्रमुख अक्षय हुंका ने आज शनिवार को एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि 26 जुलाई को भोपाल में नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की कौशल विकास कार्यशाला में कौशल विकास राज्यमंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने कहा था कि प्रदेश के एक करोड़ युवाओं को भाजपा में जोड़ा जाए.
अक्षय हुंका का कहना है कि अनंत हेगड़े ने युवाओं को भ्रमित करते हुए कहा था कि स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से लाखों लोगों को नौकरियां मिल रही हैं. जबकि सच्चाई यह है कि स्किल इंडिया पूरी तरह से फ्लॉप योजना है, जिसमें युवाओं को नौकरियां नहीं मिल रही है, और धन्ना सेठों को काफी पैसा मिल रहा है.
अक्षय हुंका ने भाजपा सरकार को चेतावनी दी है कि यदि सरकार युवाओं को भ्रमित करके चुनावी फायदा उठाने के लिए​ स्किल डेवलपमेंट यात्रा निकालेगी, तो बेरोजगारी सेना भी हर जिले में जनता के सामने सच रखने के लिए रोजगार हुंकार यात्रा निकालेगी.
बेरोजगारी सेना द्वारा पेश की गई स्किल डेवलपमेंट योजना की सत्यता
* दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना: पिछले 4 वर्षों में इस योजना के माध्यम से 7,88,000 युवाओं को प्रशिक्षण देकर नौकरी दिलाना था, लेकिन ​केवल 5,70,576 लोगों को ट्रेनिंग दी गई और 3,48,161 लोगों को नौकरियां प्राप्त हुई.
*  दीनदयाल अंत्योदय योजना: पिछले 2 वर्षों में केवह मध्य प्रदेश में ही करीब 3 लाख लोग इसमें ट्रेनिंग ले चुके हैं, लेकिन उनमें से सिर्फ 25 प्रतिशत लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है.
* प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना: इस योजना के दूसरे चरण 2016-2020 में पहले 2 वर्ष में 22.79 लाख लोगों ने दाखिला लिए और केवल एक 7.59 लाख लोगों को नौकरी मिली. मध्य प्रदेश में 2.26 लाख में से मात्र 68 हजार लोगों को इस योजना के तहत नौकरियां प्राप्त हुईं.

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