शनिवार, 28 जुलाई 2018

मुख्यमंत्री की यात्रा से पिस रहे अधिकारी


नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मुख्यमंत्री की जनआशीर्वाद यात्रा को लेकर आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि यात्रा सरकारी खर्च पर निकाली जा रही है. मुख्यमंत्री पर निशना साधते  हुए अजय सिंह ने  कहा यह जबरन की यात्रा है जिसमे मंच से लेकर भीड़ जुटाने का सारा काम सरकारी खर्चे पर हो रहा है. यह यात्रा जनता पर बोझ बनती जा रही है और सरकारी कर्मचारी अधिकारी पिस रहे हैं
अजय सिंह ने मुख्य सचिव से कहा है कि वे प्रदेश की जनता के प्रति जवाबदारी निभाएं और इन खर्चों पर अंकुश लगायें . नेता प्रतिपक्ष ने मांग की है कि मुख्यमंत्री की अब तक हुई जन आशीर्वाद यात्रा का पूरा खर्च भारतीय जनता पार्टी से वसूला जाए . उन्होंने कहा महिला आईएएस अधिकारी दीपाली रस्तोगी ने भी अपने पत्र के द्वारा मैदानी अधिकारियों को दिए गये निर्देश से इसके संकेत मिल चुके थे कि सरकारी विभागों पर मुख्यमंत्री की जबरन आशीर्वाद यात्रा का दबाव डाला जा रहा है . 
उन्होंने कहा कि जिले के अधिकारियों को मुख्यमंत्री की सभा की व्यवस्था सहित भीड़ लाने की भी जवाबदेही दी गई है .जबरन आशीर्वाद यात्रा में मंच से लेकर भीड़ जुटाने का सारा काम सरकारी खर्च पर हो रहा है. इसकी पोल खुद सागर के आयुक्त ने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री को निलम्बित करके खोल दी है . छतरपुर जिले के चंदला में मुख्यमंत्री की जन सभा में मंच मजबूत न बनाने का खामियाजा अफसर को भुगतना पड़ा . उन्होंने पहले ही यह बताया था कि मुख्यमंत्री की जन आशीर्वाद यात्रा जनता के गाढ़ी कमाई से वसूले गये टैक्स से सरकारी खर्च पर हो रही है .  सिंह ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को भी इसकी शिकायत की गई है . जर्जर आर्थिक व्यवस्था के बीच अपने को दीन हीन बताने वाले मुख्यमंत्री किस तरह जनता का पैसा लुटा रहे हैं, यह सामने आ गया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश को बर्बादी की कगार पर पंहुचा रहे शिवराज सिंह की यह आशीर्वाद यात्रा जबरन जनता पर लादी जा  ही है द्यमुख्य सचिव की शासन के प्रशासनिक मुखिया होने के नाते यह जवाबदारी है कि वे शासन- प्रशासन का उपयोग दल विशेष के राजनीतिक उद्देश्यों के लिए न होने दें . वे हिम्मत दिखाएँ और आर्थिक रूप से और जर्जर न बनने दें .वे मैदानी अधिकारियों को निर्देशित करें कि सभी अधिकारी जबरन आशीर्वाद यात्रा में सरकारी खर्च न करें . 

गौरतलब है कि सीएम शिवराज सिंह चैहान की जन आशीर्वाद यात्रा गुरुवार को छतरपुर के चंदला पहुंची थी, जहां पर जन सभा के बाद सीएम का पैर मंच से उतरते समय सीढ़ियों से फिसल गया था और शिवराज नीचे गिर पड़े थे, इसी दौरान गार्ड और भीड़ के लोग जब उन्हें संभाल रहे थे तभी पीछे से मुख्यमंत्री की पत्नी  ने एक सुरक्षा कर्मी को पीठ पर हाथ मार दिया था और पूरा मामला कैमरे में कैद हो गया, जिसके बाद से बवाल खड़ा हो गया है. इसके पहले सीएम भी सुरक्षा कर्मियों को थप्पड़ मारने के मामले में विवाद में आ चुके है.

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