आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने गुरुवार को प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बी एल कांताराव से मुलाकात की. इस दौरान श्री अग्रवाल ने आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान इस्तेमाल होने वाली सभी ईवीएम मशीन पर वोटर वेरीफाइबल पेपर ऑडिट ट्रेल यानी वीवीपैट (वीवीपीएट) की व्यवस्था करने और उनमें से 25 प्रतिशत विधानसभाओं की 25 प्रतिशत ईवीएम पर रेंडम तरीके से वीवीपैट की गणना करने का आग्रह किया. कांताराव ने आश्वासन दिया है कि प्रदेश की सभी बूथों पर जाने वाली ईवीएम में वीवीपीएट लगाई जाएगी. उन्होंने बताया कि करीब 50 प्रतिशत से ज्यादा नई वीवीपैट युक्त ईवीएम मशीनें आ चुकी हैं और जल्द ही बाकी की मशीनें भी आ जाएंगी. साथ ही उन्होंने बताया कि ईवीएम की निगरानी और समन्वय संबंधी आगामी सभी सूचनाएं आम आदमी पार्टी को लगातार दी जाएंगी.
निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात के बाद श्री अग्रवाल ने कहा कि विभिन्न सूचना स्रोतों के जरिये मिली खबरों के मुताबिक ईवीएम मशीनों को लेकर देशभर में एक भ्रम की स्थिति बनी हुई है. पिछले कई विधानसभा एवं अन्य स्थानीय चुनावों में ईवीएम मशीनों को हैक करने से लेकर इनका दुरुपयोग करने तक की सूचनाएं मिली हैं. ऐसे में जनता और देश-प्रदेश के मतदाताओं के बीच ईवीएम मशीनों के जरिये होने वाले चुनावों को लेकर व्यापक संदेह ने जन्म ले लिया है. इसे दूर करने के लिए वीवीपैट की व्यवस्था जरूरी है और यह सही अनुपात में हो. इसके लिए आम आदमी पार्टी हर संभव कोशिश करेगी.
उन्होंने बताया कि हमने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से आग्रह किया है कि-
1. चुनाव में वोटर वेरीफाइबल पेपर ऑडिट ट्रेल यानी वीवीपैट (वीवीपीएट) की व्यवस्था सभी मतदान केंद्रों पर पहुंचने वाली संपूर्ण ईवीएम मशीनों में की जाए.
2. गणना के समय किन्ही 25 प्रतिशत विधानसभाओं में किन्हीं 25 प्रतिशत मशीनों के साथ वीवीपैट पर्चियों की भी गणना कर मशीन के रिजल्ट से मिलान किया जाए, इस प्रकार मात्र 6.25 प्रतिशत मशीनों की गणना से मशीनों के बारे में उठ रहे संदेहों का निराकरण किया जा सकेगा.
3. चुनाव में लगने वाली मशीनों को पर्याप्त समय पूर्व बुलाकर कर जांच कर ली जाए ताकि चुनाव के समय मशीन खराब निकलने से व्यवधान न हों.
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