आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक अग्रवाल ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को पुनरू बंगले आवंटित करने को विशेषाधिकार का दुरुपयोग और लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला बताया है. उन्होंने कहा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने हाईकोर्ट के आदेश की मूल भावना के विपरीत जाकर अपने विशेषाधिकार का प्रयोग किया है. यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को ताक पर रखने वाला और अपनों को सत्ता की ताकत के जरिये मदद पहुंचाने का अनूठा मामला है. वे हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद प्रदेश के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को पुनरू सरकारी बंगले आवंटित करने पर टिप्पणी कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट ने साफ कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगले खाली कराए जाएं. इन्हें खाली कराने के बजाय प्रदेश के मुख्यमंत्री ने नियमों का दुरुपयोग कर अपनी पार्टी के तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगले पुनरू आवंटित कर दिए हैं. उन्होंने कहा कि दिलचस्प यह है कि यह बंगले पुनरू आवंटित कराने के लिए आवेदन प्रक्रिया का ढोंग भी किया गया है. उन्होंने कहा कि एक तरफ गृह विभाग आवास रिक्त न होने और लंबी वेटिंग लिस्ट की दुहाई देता है, वहीं दूसरी ओर चंद दिन पहले आए आवेदनों पर कार्रवाई करते हुए बंगले आवंटित कर दिए जाते हैं. उन्होंने कहा कि बंगला आवंटन में शिवराज सिंह ने जिस तरह से मुख्यमंत्री के विशेषाधिकार का उपयोग किया है, उससे साफ जाहिर है कि वे अपनों को फायदा पहुंचाने के लिए किसी भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को ताक पर रख सकते हैं.
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