बुधवार, 25 जुलाई 2018

भाजपा के शासनकाल में सड़कों की स्थिति और हुई बद्तर

कमलनाथ 
 कमलनाथ ने कहा पेट का पानी ही नहीं हिलता है पूरा शरीर
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने गुना में सड़कों की शुरूआत करने आए केंद्रीय परिवहन मंत्री नीतिन गड़करी व प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सड़कों को लेकर कांग्रेस को कोसने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सड़कों को लेकर कांग्रेस को कोस-कोस कर सत्ता में आयी भाजपा के 15 वर्ष के शासनकाल में प्रदेश में सड़कों की स्थिति बदतर,जर्जर व गड्ढेदार है. आज पेट का पानी नहीं पूरा शरीर ही हिलता है. 
नाथ ने कहा कि भले ही मुख्यमंत्री खुद प्रदेश की सड़कों को अमेरिका से अच्छी बताए लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है. भाजपा सरकार सिर्फ़ इस मुद्दे पर राजनीति करती है. जमीन पर हकीकत विपरीत है. केंद्र की कांग्रेस सरकार के समय राष्ट्रीय राजमार्गों की दुर्दशा को लेकर मोर्चा खोलने वाले शिवराज, आज प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्गों की जर्जर स्थिति पर मौन है.  कमलनाथ ने कहा कि आज प्रदेश से गुजरने वाले 18 राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति बद से बदतर है. इन राजमार्गों की आधी से ज्यादा 2700 किलोमीटर के करीब की लंबाई जर्जर स्थिति में है. प्रदेश की कुल 61 हजार किलोमीटर सड़कों में से 15000 किलोमीटर के करीब सड़के जर्जर स्थिति में है. प्रदेश में पिछले 5 वर्षों में खराब सड़कों के कारण 3700 से ज्यादा सड़क हादसे के मामले सामने आए है. खुद केंद्र सरकार ने राज्यसभा में पेश सड़क परिवहन मंत्रालय की रिपोर्ट में माना है कि देश में सबसे ज्यादा खराब सड़कों के कारण होने वाले हादसे मध्यप्रदेश में होते है. 2015 में देश में हुए 10876 हादसों में से 3070 अकेले मध्यप्रदेश में ही हुए. 
नाथ ने कहा कि प्रदेश की सड़कों की हालत पहली बारिश में ही खराब हो चुकी है. कई इलाकों में सड़के ही बह चुकी है. मुख्यमंत्री से लेकर प्रदेश के मंत्रियो के इलाकों की सड़के आज भी जर्जर व बदतर स्थिति में है. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि आतंकी हमलों से ज्यादा मौतें गड्ढों के कारण होने वाले हादसों से हो रही है. देश में करीब 30 लोग प्रतिदिन इसके कारण मौत के आगोश में समा रहे है. बेहतर हो गड़करी  को कांग्रेस को कोसने की बजाय, सड़कों की स्थिति सुधारने की तरफ ध्यान देना चाहिए.
विजय शाह असंसदीय भाषा का प्रयोग बंद करें
प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी मानक अग्रवाल ने स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह पर असंसदीय भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया है. राहुल गांधी के संसद में दिए गए भाषण के संदर्भ में शाह ने कहा था कि आपके पिता ने मोदी को यहां नहीं बैठाया है. राहुल गांधी तो मोदी के गले पड़ गए.
अग्रवाल ने कहा कि राहुल गांधी मोदी से उम्र में बहुत छोटे हैं. वे अपना भाषण समाप्त कर सद्भावना स्वरूप औपचारिकता के नाते मोदी जी की सीट तक उनका अभिवादन करने गए थे. ये अलग बात है कि मोदी ने बड़प्पन न दिखाते हुए राहुल गांधी की तारीफ करना तो दूर खड़े होकर उनसे गले मिलना भी उचित नहीं समझा. उल्टा भाजपा के लोग मुहावरे का गलत प्रयोग करते हुए ‘गले पड़ गए’ कहने लगे. जब मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति बिल क्लिंटन से भारतीय परम्परा के अनुरूप गले मिले थे तो क्या वे उनके ‘गले पड़ गए’ थे

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