सोमवार, 23 जुलाई 2018

जूडा की हड़ताल से मरीज हुए परेशान


छात्रवृत्ति बढ़ाने सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदेश के सभी मेडिकल कालेजों के जूनियर डाक्टर्स और सातवें वेतनमान की मांग को स्वशासी समिति के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए. हमीदिया तथा सुल्तानिया अस्पताल में मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा. चिकित्सा अधिकारियों के साथ ही वरिष्ठ चिकित्सकों और नियमित कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला लेकिन इतनी बड़ी संख्या में जूडा और कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण मरीजों की खासी फजीहत हुई.
जूनियर डाक्टरों की आज से शुरु हुई हड़ताल का असर अस्पतालों में दिखाई दिया. एक्स-रे तकनीशियन, लैब सहायक, एमएस डब्लू, रेडियोग्राफर, स्टाफ नर्स सहित अन्य कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से कामकाज प्रभावित हुआ और जूडा की हड़ताल के कारण वार्डों, जांच कक्षों के साथ ही आपरेशन थियेटर में सुचारू रूप से काम नहीं हुआ. इमरजेंसी के अलावा बाकी आपरेशन टाल दिए गए. हड़ताल के दौरान जूडा ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन किया. जूडा का कहना था कि अन्य राज्यों की तरह प्रदेश में जूडा का स्टापेंड बढ़ाया जाए, पीजी करने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं देने पर मानदेय में बढ़ोत्तरी तथा मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा मनमानीपूर्वक वसूली जा रही फीस को युक्तिसंगत बनाया जाए.
प्रदेश के 5 मेडिकल कालेज के करीब 1500 जूनियर डाक्टर्स हड़ताल में शामिल हुए. इनके साथ पैरामेडिकल स्टाफ, टेक्नीशियन फार्मेसिस्ट सहित हास्पिटल के तमाम कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हैं. इसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है. ओपीडी से लेकर इमरजेंसी सेवा तक में काम ठप पड़ा हुआ है.
लिपिकों ने खोला मोर्चा, चले गए हड़ताल पर
 प्रदेशभर के लिपिक अपनी मांगों को लेकर आज अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए है. लिपिकों की हड़ताल के कारण आज विभिन्न संचालनालयों से लेकर जनपद और ब्लाक कार्यालयों तक में कामकाज प्रभावित हुआ, आने वाले दिनों में इसका व्यापक हो सकता है, 25 जुलाई से मंत्रालय में भी कामकाज ठप रहेगा. बाबूओं की समस्याओं के निराकरण के लिए गठित रमेशचंद्र शर्मा कमेटी की रिपोर्ट ठंडे बस्ते में पड़ी हुर्ई है. ग्रेड पे सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदेशभर के लिपिक कर्ई दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन सरकार उन्हें आश्वासनों का लालीपाप देकर बहलाती रही. सरकार की वादाखिलाफी से नाराज प्रदेशभर के 40 हजार बाबू आज से अनिश्चकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. लिपिक कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष मनोज वाजपेयी के मुताबिक जब तक मांगों का निराकरण नहीं हो जाता, आंदोलन जारी रहेगा. संगठन के अध्यक्ष सुधीर नायक ने बताया कि हम लिपिकों के साथ है, 25 तथा 26 जुलाई को मंत्रालय में भी हड़ताल की जाएगी.

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