सड़कों पर पानी भरने से यातायात भी हुआ बाधित
राजधानी भोपाल में लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश के चलते आज फिर कई क्षेत्रों में पानी भर गया, जिससे लोग परेशान हुए. वहीं सड़कों पर पानी भरने से यातायात भी बाधित हुआ.
राजधानी में बीती रात से रुक-रुक कर हो रही बारिश आज सुबह थम गई थी, मगर दोपहर बाद फिर बारिश का सिलसिला शुरु हुआ. बारिश के चलते एक बार राजधानी की निचली बस्तियों में पानी भरने से लोग परेशान नजर आए. लोगों के घरों में पानी भर गया जिसके कारण वे परेशान हुए. वहीं कई इलाकों में सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालक परेशान होते रहे. राजधानी के ज्योति टाकीज, बोर्ड आफिस चौराहा, भारत टाकीज, हमीदिया रोड, भोपाल टाकीज रोड पर वाहन चालक परेशान होते रहे. यहां पर चक्काजाम की स्थिति निर्मित हुई. हबीबगंज अंडर ब्रिज के नीचे नाले का पानी भर जाने के चलते यातायात रोक दिया गया है. इसी तरह नये और पुराने शहर की कई निचली बस्तियों में पानी भरने से लोग परेशान होते रहे.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अति कम दबाव का क्षेत्र जो झारखंड में था, वह मध्यप्रदेश के रीवा-शहडोल संभाग सहित उत्तर-पूर्वी हिस्से में शिफ्ट हो गया है. यहीं पर हवा के ऊपरी हिस्से में 7.6 किमी की ऊंचाई तक चक्रवाती हवा का घेरा बना हुआ है. यह ऊंचाई के साथ दक्षिणी भाग की ओर झुका हुआ है. इसके दक्षिणी भाग में जो भी जगह आएंगी, वहां भारी बारिश होगी. इनमें से एक-दो जगह 15 से 20 सेमी बारिश होने की संभावना भी है.
राजधानी भोपाल में लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश के चलते आज फिर कई क्षेत्रों में पानी भर गया, जिससे लोग परेशान हुए. वहीं सड़कों पर पानी भरने से यातायात भी बाधित हुआ.
राजधानी में बीती रात से रुक-रुक कर हो रही बारिश आज सुबह थम गई थी, मगर दोपहर बाद फिर बारिश का सिलसिला शुरु हुआ. बारिश के चलते एक बार राजधानी की निचली बस्तियों में पानी भरने से लोग परेशान नजर आए. लोगों के घरों में पानी भर गया जिसके कारण वे परेशान हुए. वहीं कई इलाकों में सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालक परेशान होते रहे. राजधानी के ज्योति टाकीज, बोर्ड आफिस चौराहा, भारत टाकीज, हमीदिया रोड, भोपाल टाकीज रोड पर वाहन चालक परेशान होते रहे. यहां पर चक्काजाम की स्थिति निर्मित हुई. हबीबगंज अंडर ब्रिज के नीचे नाले का पानी भर जाने के चलते यातायात रोक दिया गया है. इसी तरह नये और पुराने शहर की कई निचली बस्तियों में पानी भरने से लोग परेशान होते रहे.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अति कम दबाव का क्षेत्र जो झारखंड में था, वह मध्यप्रदेश के रीवा-शहडोल संभाग सहित उत्तर-पूर्वी हिस्से में शिफ्ट हो गया है. यहीं पर हवा के ऊपरी हिस्से में 7.6 किमी की ऊंचाई तक चक्रवाती हवा का घेरा बना हुआ है. यह ऊंचाई के साथ दक्षिणी भाग की ओर झुका हुआ है. इसके दक्षिणी भाग में जो भी जगह आएंगी, वहां भारी बारिश होगी. इनमें से एक-दो जगह 15 से 20 सेमी बारिश होने की संभावना भी है.

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