कमलनाथ ने ‘शक्ति’ प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया
प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ ने आज यहां कांगे्रस कार्यालय सभागार में आयोजित एक समारोह में ‘‘शक्ति’’ प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया गया.
अखिल भारतीय कांगे्रस कमेटी का यह प्रोजेक्ट भारत के हर बूथ, गांव, ब्लाक, शहर और जिले के कांगे्रस के प्रत्येक कार्यकर्ता को पार्टी के बडे़ से बड़े पदाधिकारी से जोड़ने का एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है. प्रत्येक कार्यकर्ता ‘शक्ति’ में रजिस्टर्ड होकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को भी अपना संदेश भेज सकता है. आज समारोह के समय सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अपना पंजीकरण कराया और उन्हें तत्काल ‘शक्ति’ से जुड़ने के लिये राहुल जी का बधाई संदेश मिला. ‘शक्ति’ से जुड़ने का बहुत सरल तरीका है. जैसे ही कोई कार्यकर्ता अपने मोबाइल फोन से जब अपना वोटर आईडी नंबर फोन नंबर 8828843009 पर भेजता है उसे तत्काल रजिस्टर्ड होने का संदेश मिलता है.
इस अवसर पर कमलनाथ ने कहा कि ‘शक्ति’ कांगे्रस पार्टी का एक क्रांतिकारी प्रोजेक्ट है. इसका लक्ष्य सभी कार्यकर्ताओं को जोड़ने का है. यह तभी सफल होगा जब कांगे्रस के प्रत्येक कार्यकर्ता के पास तक इस प्रोजेक्ट की जानकारी पहुंचे. यह कार्य कांगे्रस के प्रदेश, जिला और ब्लाक के कांगे्रस पदाधिकारियों, वर्तमान और भूतपूर्व विधायकों को जोर-शोर से करना है. इसे प्रोजेक्ट के माध्यम से सभी प्रदेशों का डाटा बेस कांगे्रस के राष्ट्रीय कार्यालय में संग्रहित हो जायेगा. उन्होंने कहा प्रदेश भर में फैले सभी कांगे्रसजनों को इस प्रोजेक्ट से जुड़ने के लिए प्रेरित करना है. कमलनाथ ने कहा कि ‘शक्ति’ से जुड़ने की समय सीमा आगामी 31 अगस्त तक की तय की गयी है. इसके बाद इसका समापन भी होगा. मैं चाहता हूं कि हमारा मध्यप्रदेश इस प्रोजेक्ट से जुड़ने में नंबर वन आये. इसलिये मैं ब्लाकवार और क्षेत्रवार इसकी रिपोर्ट लूंगा. उन्होंने कहा कि सभी कांगे्रसजन इस क्रांतिकारी योजना के महत्व को समझें. प्रत्येक कार्यकर्ता की कांगे्रस के प्रति अगाध निष्ठा है, उन्हें केवल नजरिया और डायरेक्शन देने की जरूरत है.
कमलनाथ ने कहा कि कार्यकर्ताओं को जोड़ने के इस महाअभियान में जो ब्लाक, नंबर वन आयेगा उसको सम्मानित किया जायेगा. उन्होंने कहा कि यदि सभी कांगे्रसजन जुड़ जायेंगे तो संगठन की सक्रियता भी सामने दिखेगी और यह भी साबित हो जायेगा कि कांगे्रस एक मजबूत संगठन है.
डेटा एनालिस्टिक्स सेल की समन्वयक अजिता वाजपेयी पाण्डे ने कहा कि ‘शक्ति’ के माध्यम से कांगे्रस नेतृत्व अपना संदेश और सुझाव कार्यकर्ता तक सीधे पहुंचा सकते हैं. इसी तरह कार्यकर्ता भी अपना सुझाव उन तक पहुंचा सकते हैं . वे देश और प्रदेश के सभी कांगे्रस कार्यकर्ताओं से जुड़कर संवाद स्थापित कर सकते हैं . कार्यकर्ता कांगे्रस और उसके नेतृत्व की गतिविधियों की जानकारी निरंतर प्राप्त कर सकते हैं. सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण बात यह है कि कांगे्रस के लिये किसी भी कार्यकर्ता के संघर्ष को पहचाना और सम्मानित भी किया जा सकता है.
एआईसीसी के डाटा एनालिस्टिक्स विभाग के समन्वयक शशांक दुबे और स्वपना पटरोनिस ने बताया कि मध्यप्रदेश के कटनी जिले के मिथिलेश जैन सबसे पहले इस प्रोजेक्ट से जुड़े, जिनसे प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने बात की. उन्होंने बताया कि आदिवासी जिलों में मंडला पहला जिला है जहां से सबसे ज्यादा लोग ‘शक्ति’ से जुड़े हैं. उन्होंने कहा कि ‘शक्ति’ कोई एप नहीं है, बल्कि एक प्रोजेक्ट है और इसमें एप, वेबसाइट आदि अन्य चीजें शामिल हैं.
इस अवसर पर दीपक बावरिया, सुरेश पचैरी, जुबेर खान, शोभा ओझा, कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत, चंद्रप्रभाष शेखर, राजीव सिंह, नरेन्द्र सलूजा, गोविंद गोयल, माडवी चैहान, जे.पी. धनोपिया सहित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांगे्रस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे.
प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ ने आज यहां कांगे्रस कार्यालय सभागार में आयोजित एक समारोह में ‘‘शक्ति’’ प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया गया.
अखिल भारतीय कांगे्रस कमेटी का यह प्रोजेक्ट भारत के हर बूथ, गांव, ब्लाक, शहर और जिले के कांगे्रस के प्रत्येक कार्यकर्ता को पार्टी के बडे़ से बड़े पदाधिकारी से जोड़ने का एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है. प्रत्येक कार्यकर्ता ‘शक्ति’ में रजिस्टर्ड होकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को भी अपना संदेश भेज सकता है. आज समारोह के समय सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अपना पंजीकरण कराया और उन्हें तत्काल ‘शक्ति’ से जुड़ने के लिये राहुल जी का बधाई संदेश मिला. ‘शक्ति’ से जुड़ने का बहुत सरल तरीका है. जैसे ही कोई कार्यकर्ता अपने मोबाइल फोन से जब अपना वोटर आईडी नंबर फोन नंबर 8828843009 पर भेजता है उसे तत्काल रजिस्टर्ड होने का संदेश मिलता है.
इस अवसर पर कमलनाथ ने कहा कि ‘शक्ति’ कांगे्रस पार्टी का एक क्रांतिकारी प्रोजेक्ट है. इसका लक्ष्य सभी कार्यकर्ताओं को जोड़ने का है. यह तभी सफल होगा जब कांगे्रस के प्रत्येक कार्यकर्ता के पास तक इस प्रोजेक्ट की जानकारी पहुंचे. यह कार्य कांगे्रस के प्रदेश, जिला और ब्लाक के कांगे्रस पदाधिकारियों, वर्तमान और भूतपूर्व विधायकों को जोर-शोर से करना है. इसे प्रोजेक्ट के माध्यम से सभी प्रदेशों का डाटा बेस कांगे्रस के राष्ट्रीय कार्यालय में संग्रहित हो जायेगा. उन्होंने कहा प्रदेश भर में फैले सभी कांगे्रसजनों को इस प्रोजेक्ट से जुड़ने के लिए प्रेरित करना है. कमलनाथ ने कहा कि ‘शक्ति’ से जुड़ने की समय सीमा आगामी 31 अगस्त तक की तय की गयी है. इसके बाद इसका समापन भी होगा. मैं चाहता हूं कि हमारा मध्यप्रदेश इस प्रोजेक्ट से जुड़ने में नंबर वन आये. इसलिये मैं ब्लाकवार और क्षेत्रवार इसकी रिपोर्ट लूंगा. उन्होंने कहा कि सभी कांगे्रसजन इस क्रांतिकारी योजना के महत्व को समझें. प्रत्येक कार्यकर्ता की कांगे्रस के प्रति अगाध निष्ठा है, उन्हें केवल नजरिया और डायरेक्शन देने की जरूरत है.
कमलनाथ ने कहा कि कार्यकर्ताओं को जोड़ने के इस महाअभियान में जो ब्लाक, नंबर वन आयेगा उसको सम्मानित किया जायेगा. उन्होंने कहा कि यदि सभी कांगे्रसजन जुड़ जायेंगे तो संगठन की सक्रियता भी सामने दिखेगी और यह भी साबित हो जायेगा कि कांगे्रस एक मजबूत संगठन है.
डेटा एनालिस्टिक्स सेल की समन्वयक अजिता वाजपेयी पाण्डे ने कहा कि ‘शक्ति’ के माध्यम से कांगे्रस नेतृत्व अपना संदेश और सुझाव कार्यकर्ता तक सीधे पहुंचा सकते हैं. इसी तरह कार्यकर्ता भी अपना सुझाव उन तक पहुंचा सकते हैं . वे देश और प्रदेश के सभी कांगे्रस कार्यकर्ताओं से जुड़कर संवाद स्थापित कर सकते हैं . कार्यकर्ता कांगे्रस और उसके नेतृत्व की गतिविधियों की जानकारी निरंतर प्राप्त कर सकते हैं. सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण बात यह है कि कांगे्रस के लिये किसी भी कार्यकर्ता के संघर्ष को पहचाना और सम्मानित भी किया जा सकता है.
एआईसीसी के डाटा एनालिस्टिक्स विभाग के समन्वयक शशांक दुबे और स्वपना पटरोनिस ने बताया कि मध्यप्रदेश के कटनी जिले के मिथिलेश जैन सबसे पहले इस प्रोजेक्ट से जुड़े, जिनसे प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने बात की. उन्होंने बताया कि आदिवासी जिलों में मंडला पहला जिला है जहां से सबसे ज्यादा लोग ‘शक्ति’ से जुड़े हैं. उन्होंने कहा कि ‘शक्ति’ कोई एप नहीं है, बल्कि एक प्रोजेक्ट है और इसमें एप, वेबसाइट आदि अन्य चीजें शामिल हैं.
इस अवसर पर दीपक बावरिया, सुरेश पचैरी, जुबेर खान, शोभा ओझा, कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत, चंद्रप्रभाष शेखर, राजीव सिंह, नरेन्द्र सलूजा, गोविंद गोयल, माडवी चैहान, जे.पी. धनोपिया सहित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांगे्रस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे.
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