गणतंत्र दिवस, 2019 के अवसर पर दिए जाने वाले पद्म पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन नामांकनध्अनुशंसा की अंतिम तिथि 15 सितंबर, है. 1 मई को नामांकन शुरू होने के बाद अबतक वेबसाइट पर 11,475 पंजीकरण हो चुके हैं जिनमें 10,453 नामांकनध्अनुशंसा पूरा हो चुका है. केन्द्रीय मंत्रालयोंध्विभागों, राज्योंध्केंद्रशासित प्रदेशों, भारत रत्न और पद्म विभूषण पुरस्कार विजेताओं, उत्कृष्टता संस्थानों और कई अन्य स्रोतों से भी व्यापक विचारों को प्राथमिकता देते हुए नामांकन आमंत्रित किए गए हैं. 25 अप्रैल को गृह मंत्रालय (एमएचए) से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इन लोगों से वैसे प्रतिभाशाली व्यक्तियों की पहचान करने का अनुरोध किया गया है जिनकी उत्कृष्टता और उपलब्धियां वास्तव में पहचाने जाने योग्य हैं और उनके पक्ष में उपयुक्त नामांकन करें.
पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकनध्अनुशंसा केवल पद्म पर ऑनलाइन प्राप्त की जा रही है. सभी नागरिक स्व-नामांकन सहित दूसरों के लिए भी नामांकनध्अनुशंसा कर सकते हैं. नामांकनध्अनुशंसा के तहत वेबसाइट पर उपलब्ध प्रारूप में निर्दिष्ट प्रासंगिक विवरण शामिल होना चाहिए तथा इसके साथ ही दिए प्रारूप फार्म (अधिकतम 800 शब्द) में उस व्यक्ति से संबंधित क्षेत्र में किए गए विशिष्टध्असाधारण उपलब्धियोंध्सेवा के बारे में विस्तार से वर्णन होना चाहिए. किसी व्यक्ति की ऑनलाइन सिफारिश करते समय यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी आवश्यक विवरण ठीक से भरें जाएं.
पद्म पुरस्कारों-पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से हैं. 1954 में स्थापित, इन पुरस्कारों की घोषणा प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर किया जाता है.
यह पुरस्कार बिना किसी भेदभाव के सभी क्षेत्रोंध्विषयों- कला, साहित्य और शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान और इंजीनियरिंग, आम लोगों के मामलों, सिविल सर्विसेज, व्यापार और उद्योग में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों ध् सेवाओं के लिए दिया जाता है. गृह मंत्रालय से जारी विज्ञप्ति के अनुसार इस पुरस्कार के लिए महिलाओं, समाज के कमजोर वर्गों, एससीध्एसटी, दिव्यांगों में भी प्रतिभाशाली व्यक्तियों की पहचान करने के लिए आग्रह किया गया है. डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को छोड़कर पीएसयू के साथ काम करने वाले सरकारी कर्मचारी पद्म पुरस्कारों के लिए योग्य नहीं हैं.
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