दुष्कर्म के आरोपी को लिया रिमांड पर, कमलनाथ ने कहा सीबीआई जांच हो
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के अवधपुरी स्थित एक एनजीओ के गर्ल्स हास्टल में बच्चियों से दुष्कर्म और छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने मूखबधिर भाषा के एक्पर्टस से संपर्क किया है. इनकी मदद से हास्टल की अन्य छात्राओं से भी पूछताछ की जा रही है. पुलिस का अनुमान है कि एनजीओ संचालक अश्वनी शर्मा हास्टल की अन्य युवतियों के साथ भी इसी तरह की हरकतें कर चुका है. पुलिस ने आरोपी को आज अदालत में पेश किया और उसे रिमांड पर लिया है.
पुलिस अधीक्षक साउथ राहुल कुमार लोढ़ा के अनुसार पिछले तीन सालों में हास्टल में 21 छात्राएं और जा चुकी हैं. सभी की लिस्ट बना ली गई है. उन सभी से मुखबधिर भाषा के एक्स्पर्टस की मदद से पूछताछ की जाएगी. कुछ छात्राओं से पुलिस संपर्क भी कर चुकी है. आरोपी को आज न्यायालय में पेश किया गया. रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ की जाएगी. अन्य मामलों का खुलासा होने पर अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए जाएंगे.
गौरतलब है कि हास्टल में मूक-बधिर बालिकाओं को प्रशिक्षण दिया जाता है. हास्टल में दरिंदगी का खुलासा तब हुआ, जब हास्टल से एक युवती अपने परिजनों के पास धार पहुंची. उसने परिजनों को सारी बात बताई। फिर शिकायत पर धार और इंदौर पुलिस ने एनजीओ संचालक के खिलाफ शून्य पर मामला दर्ज कर केस डायरी अवधपुरी पुलिस को भेज दी.
प्रशिक्षण के लिए आई थी पीड़ित छात्रा
पुलिस के अनुसार 19 वर्षीय मूक-बधिर युवती मूलत: धार की रहने वाली है. करीब तीन साल पहले वह अवधपुरी स्थित गर्ल्स हास्टल में संचालित संस्था में प्रशिक्षण के लिए आई थी. यह संस्था मूक-बधिर बच्चों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उनके पालन-पोषण का काम भी करती है. इसके लिए संस्था को सामाजिक न्याय विभाग से अनुदान मिलता है. संस्था का संचालक अश्वनी शर्मा मूक-बधिर और दिव्यांग बच्चों के लिए कृतार्थ नाम से भी एक हास्टल संचालित करता है. एक वर्ष तक इस युवती ने यहां सिलाई-बुनाई का प्रशिक्षण भी लिया था. युवती ने पुलिस को बताया कि 30 अक्टूबर 2017 से चार अगस्त 2018 तक 35 वर्षीय आरोपी अश्वनी शर्मा ने उसके साथ कई बार ज्यादती की. वह उसे अपने घर भी लौटने नहीं दे रहा था. केस डायरी मिलते ही अवधपुरी पुलिस ने अश्वनी शर्मा को गिरफ्तार किया.
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के अवधपुरी स्थित एक एनजीओ के गर्ल्स हास्टल में बच्चियों से दुष्कर्म और छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने मूखबधिर भाषा के एक्पर्टस से संपर्क किया है. इनकी मदद से हास्टल की अन्य छात्राओं से भी पूछताछ की जा रही है. पुलिस का अनुमान है कि एनजीओ संचालक अश्वनी शर्मा हास्टल की अन्य युवतियों के साथ भी इसी तरह की हरकतें कर चुका है. पुलिस ने आरोपी को आज अदालत में पेश किया और उसे रिमांड पर लिया है.
पुलिस अधीक्षक साउथ राहुल कुमार लोढ़ा के अनुसार पिछले तीन सालों में हास्टल में 21 छात्राएं और जा चुकी हैं. सभी की लिस्ट बना ली गई है. उन सभी से मुखबधिर भाषा के एक्स्पर्टस की मदद से पूछताछ की जाएगी. कुछ छात्राओं से पुलिस संपर्क भी कर चुकी है. आरोपी को आज न्यायालय में पेश किया गया. रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ की जाएगी. अन्य मामलों का खुलासा होने पर अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए जाएंगे.
गौरतलब है कि हास्टल में मूक-बधिर बालिकाओं को प्रशिक्षण दिया जाता है. हास्टल में दरिंदगी का खुलासा तब हुआ, जब हास्टल से एक युवती अपने परिजनों के पास धार पहुंची. उसने परिजनों को सारी बात बताई। फिर शिकायत पर धार और इंदौर पुलिस ने एनजीओ संचालक के खिलाफ शून्य पर मामला दर्ज कर केस डायरी अवधपुरी पुलिस को भेज दी.
प्रशिक्षण के लिए आई थी पीड़ित छात्रा
पुलिस के अनुसार 19 वर्षीय मूक-बधिर युवती मूलत: धार की रहने वाली है. करीब तीन साल पहले वह अवधपुरी स्थित गर्ल्स हास्टल में संचालित संस्था में प्रशिक्षण के लिए आई थी. यह संस्था मूक-बधिर बच्चों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उनके पालन-पोषण का काम भी करती है. इसके लिए संस्था को सामाजिक न्याय विभाग से अनुदान मिलता है. संस्था का संचालक अश्वनी शर्मा मूक-बधिर और दिव्यांग बच्चों के लिए कृतार्थ नाम से भी एक हास्टल संचालित करता है. एक वर्ष तक इस युवती ने यहां सिलाई-बुनाई का प्रशिक्षण भी लिया था. युवती ने पुलिस को बताया कि 30 अक्टूबर 2017 से चार अगस्त 2018 तक 35 वर्षीय आरोपी अश्वनी शर्मा ने उसके साथ कई बार ज्यादती की. वह उसे अपने घर भी लौटने नहीं दे रहा था. केस डायरी मिलते ही अवधपुरी पुलिस ने अश्वनी शर्मा को गिरफ्तार किया.
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