शनिवार, 11 अगस्त 2018

दिखावा बन कर रह गए है अजाक थाने

बैतूल जिले में पिछले तीन साल में मात्र २० मामले दर्ज हुए

समाजवादी जन के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग मोदी ने कहा कि, प्रदेश में आदिवासी एवं दलितों के मामले एस एस टी एक्ट में दर्ज नहीं किए जा रहे है और इस वर्ग के लिए विशेष रूप से बने पुलिस थाने नाम के लिए रह गए है इसलिए आदिवासीयों एवं दलितों  पर अत्याचार बढ़ रहे हैद्य मोदी ने कहा प्रदेश में अजजा एवं अजा वर्ग की लगभग आधी जनसँख्या है, लेकिन उनके खिलाफ एस सी एस टी एक्ट के तहत दर्ज होने वाले अपराध वर्ष २०१७ में मात्र ८९२४ ही थेरू ५९६२ अजा वर्ग के एवं २३२२ अजजा वर्ग के है
मोदी ने कहा कि, अगर इन आंकड़ो को जिलावार देखा जाए तो समझ आएगा किस तरह इस वर्ग के खिलाफ होने वाले अपराधो के मामले में पुलिस निष्क्रिय है उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया, आदिवासी बाहुल्य जिला होने के बावजूद विगत तीन साल में बैतूल जिले में अजाक थाने में नाममात्र मामले दर्ज किए गए हैरू वर्ष २०१६ मे ११य २०१७ में ४य वहीं २०१८ में मात्र ५ मामले दर्ज हुए है सजप ने कहा कि, एस एस टी एक्ट के तहत दर्ज मामलों की संख्या कम दिखाने एवं इस वर्ग को इस कानून के तहत सहायता देने से बचने के लिए पिछले कई सालों भाजप सरकार से सुनोजियत तरीके से यह कर रही है

सजप ने कहा कि सरकार अजजा एवं अजा वर्ग के खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर गंभीर नहीं है
सजप के प्रदेश महामंत्री राजेंद्र गढ़वाल ने कहा जहाँ एक तरफ बैतूल जिले में भाजप सरकार ने एस एस टी थाने को निष्क्रिय बना दिया है और दूसरी तरफ भाजप के नेता झल्लार मामले में एस पी से मिल कार्यवाही की मांग का नाटक कर रहे है
ज्ञात हो कि, बैतूल के झल्लार थाना अंतर्गत एक आदिवासी युवती को उसके घर के पीछे से आपरहण कर ले जा गया एवं जंगल में उसके साथ बालात्कार कर उसका व्हीडियो भी बनाया गयाद्य इस बदनामी से  युवती ने आत्महत्या कर ली, लेकिन इतनी बड़ी घटना के बावजूद बैतूल पुलिस अभीतक आरोपियों कप पकड नहीं पाई है सजप ने इस मामले में तुरंत गिरफ्तारी की मांग करते हुए झल्लार थाना के थानाप्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करने की मांग की है

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