मूक-बधिर युवितयों के यौन शोषण के मामले में फंसे छात्रावास संचालक अश्विनी शर्मा को अदालत ने आज एक दिन की रिमांड पर पुलिस को दे दिया. इस मामले में अब पुलिस सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों से भी पूछताछ करने की तैयारी कर रही है. कांग्रेस ने सीबीआई जांच पर अड़ी हुई है.
इंदौर और धार में जिन युवतियों ने अश्विनी के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराई थी, उन्हें भी अब भोपाल लाया गया है. एसआईटी का दल इन युवतियों को छात्रावास लेकर गया, जहां उनके साथ यौन शोषण किए जाने की शिकायत थी. एसआईटी ने यहां से अश्विनी का लैपटाप, दस्तावेजों के साथ कुछ आपत्तिजनक सामान भी जब्त किया है. इसके अलावा पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे भी जब्त कर लिए हैं. आज सुबह पुलिस अश्विनी को अदालत लेकर पहुंची और एक दिन की रिमांड मांगी, अदालत ने अश्विनी को एक दिन की रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया.
सामाजिक न्याय विभाग की भूमिका पर संदेह
सामाजिक न्याय विभाग की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है, कांग्रेस ने इस मामले को लेकर सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है. सामाजिक न्याय विभाग के मंत्री गोपाल भार्गव ने अश्विनी के छात्रावास को कोई भी सरकारी अनुदान मिलने से इंकार किया है, वहीं कांग्रेस ने इसको लेकर सवाल उठाये हैं और साक्ष्यों के हवाले से बताया है कि हास्टल को सरकारी अनुदान मिल रहा था. कांग्रेस ने पूरे मामले में सरकार को घेरते हुए मुख्यमंत्री पर संरक्षण देने के आरोप लगाए हैं, और सीबीआई जांच की मांग की है. वहीं आरोपी का एनजीओ रजिस्टर्ड था या नही अब तक दस्तावेज नहीं मिले है, लेकिन एनजीओ को सामाजिक न्याय विभाग से 5 लाख 50 हजार रुपए मिल चुके हैं, इसके प्रमाण पुलिस को मिले हैं. आरोपी के मोबाइल से पुलिस को कुछ वीडियो और फोटो मिले हैं. एसपी साउथ राहुल कुमार का कहना है अगर आरोपी ने फेसबुक एकाउंट से डाटा किया है तो फेसबुक से जानकारी मांगी जाएगी. पुलिस इस मामले में अब सामजिक विभाग के अधिकारियों से भी पूछताछ करेगी.
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