सोमवार, 13 अगस्त 2018

दावेदारों की सक्रियता, निष्क्रियता को बूथ स्तर पर देखेगी कांग्रेस

दावेदार को सात दिन के अंदर देना होगा एक शपथ पत्र
गुटबाजी और भीतरघात के अलावा बागियों से निपटने के लिए कांग्रेस ने इस बार दावेदारों के आवेदन का आकलन बूथ स्तर पर करने का फैसला लिया है. बूथ स्तर पर दावेदार की निष्ठा और सक्रियता का आकलन किया जाएगा. साथ ही दावेदार से एक शपथ पत्र भी लिया जा रहा है कि वह टिकट न मिलने पर जिसे टिकट मिलेगा, उसके पक्ष में काम करेगा.
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में लगातार मिली हार और गुटबाजी, भीतरघात के अलावा टिकट न मिलने पर बागी होकर चुनाव मैदान में उतरने वालों को कांग्रेस इस बार चुनाव से पहले ही अनुशासन का पाठ पढ़ाने का काम कर रही है. कांग्रेस पार्टी द्वारा जिलों में दावेदारों से आवेदन लिए जा रहे हैं. इन दावेदारों से पूरी जानकारी तो ली ही जा रही है, साथ ही उनसे उनके निवास का बूथ नंबर भी लिया जा रहा है. पार्टी द्वारा यह बूथ नंबर इसलिए लिया जा रहा है ताकि दावेदार का आकलन बूथ स्तर पर किया जाए. सूत्रों के अनुसार दावेदार जहां रहता है, उस बूथ पर बीते चुनाव में कांग्रेस की क्या स्थिति थी, इसके अलावा दावेदार की सक्रियता उस बूथ पर कितनी थी, इस बात को अध्ययन पार्टी करेगी. बूथ स्तर पर पार्टी द्वारा बीते दो चुनावों का आकलन किया जाएगा.अगर दावेदार के पोलिंग बूथ पर बीते चुनावों में पार्टी को हार मिली है तो यह माना जाएगा कि दावेदार ने ईमानदारी से बूथ स्तर पर कार्य नहीं किया है.  बूथ स्तर पर आकलन कर कांग्रेस यह भी जानना चाहती है कि दावेदार की स्थिति अपने घर के आसपास वाले क्षेत्र में किस तरह है. उसका प्रभाव कैसा है. इन सब बातों के आकलन के बाद ही पार्टी दावेदार की दावेदारी पर विचार करेगी.
देना होगा शपथ पत्र
कांग्रेस द्वारा दावेदारों से दावेदारी के लिए जो आवेदन मांगे जा रहे हैं. दावेदारों से यह भी कहा जा रहा है कि वे सात दिनों के अंदर इस बात का शपथ पत्र दें कि अगर उन्हें टिकट नहीं मिला तो कांग्रेस जिसे टिकट देगी उसे जीताने के लिए वे काम करेंगे. इस शपथ पर के साथ उसे पार्टी के निष्ठा के साथ काम करने की बात कहनी होगी. दावेदारों जो आवेदन लिए जा रहे हैं वे शहर और जिला कांगे्रस के माध्यम से प्रदेश कांगे्रस कार्यालय तक पहुंचेंगे.

भाजपा ने बूथों को बांटा तीन श्रेणियों में
भारतीय जनता पार्टी ने बूथ मैंनेजमेंट पर जोर देना शुरु कर दिया है. चौथी बार प्रदेश में सरकार बनाने का सपना देख रही भाजपा ने इस बार बूथों की तीन श्रेणियां ए, बी और सी बनाई है. इन तीनों श्रेणियों  में ए श्रेणी में उन बूथों को रखा है, जहां पर भाजपा को 2008, 2013 के विधानसभा चुनाव के अलावा 2014 के लोकसभा चुनाव में जीत हासिल हुई थी. इन बूथों पर पार्टी किसी भी तरह इस बार भी जीत हासिल करने का लक्ष्य तय कर चुकी है. वहीं बी श्रेणी में उन बूथों को रखा गया है, जहां पर भाजपा को कभी हार तो कभी जीत का अवसर मिला है.इन बूथों पर भाजपा के रणनीतिकार हार-जीत का विश्लेषण कर पुरानी कमजोरी को दूर करने की रणनीति तय करेगी. इसके अलावा सी श्रेणी में उन बूथों को रखा गया है,जहां पर अधिकतर भाजपा को हार मिलती रही है. यहां पर भाजपा के रणनीतिकार सामाजिक, राजनीतिक, रणनीति के माध्यम से मतदाता के बीच पहुंचने की रणनीति तय करेंगे, ताकि इन बूथों पर भाजपा को सफलता मिले.

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